अ भा जैन दिवाकर संगठन समिति महिला शाखा राष्ट्रीय अधिवेशन jaora के कस्तुर पावन धाम पर सम्पन्न, महिलाओं की आत्मनिर्भरता और संस्कारों पर जोर।
अ भा जैन दिवाकर संगठन समिति महिला शाखा राष्ट्रीय अधिवेशन jaora का भव्य आयोजन
jaora की पावन धरा स्थित श्री कस्तुर पावन धाम पर आयोजित अ भा जैन दिवाकर संगठन समिति महिला शाखा राष्ट्रीय अधिवेशन jaora श्रद्धा, प्रेरणा और महिला सशक्तिकरण के संदेशों के साथ सम्पन्न हुआ। राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता जारोली की अध्यक्षता में आयोजित इस अधिवेशन में देशभर से महिला प्रतिनिधियों, समाजसेवियों और संतों की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम में महिलाओं को आत्मनिर्भर, शिक्षित और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। आयोजन के दौरान संतों और वक्ताओं ने महिलाओं को गुरु जैन दिवाकर द्वारा बताए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
विजय मुनि जी ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का दिया संदेश
अधिवेशन को संबोधित करते हुए प्रवर्तक Vijay Muni ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से मजबूत बनाना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि हर महिला को इतना सक्षम बनाना चाहिए कि वह अपने जीवन से जुड़े निर्णय स्वयं ले सके और समाज में पुरुषों के समान सम्मान प्राप्त कर सके।उन्होंने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
उपाध्याय डॉ गौतम मुनि जी ने अनुशासन और संयम पर दिया जोर
कार्यक्रम में उपाध्याय Dr. Gautam Muni ने कहा कि जीवन में अनुशासन और संयम का होना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने कहा कि गुरु के बताए मार्ग के अनुसार जीवनशैली अपनाकर ही मनुष्य अपने जीवन को सार्थक बना सकता है।उन्होंने उपस्थित महिलाओं से धार्मिक क्रियाओं के साथ जीवन जीने, स्वयं को संगठित रखने तथा प्रतिक्रिया के बजाय संयम का मार्ग अपनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
महासती डॉ कुमुदलता जी ने धर्म और समाज सेवा का महत्व बताया
महासती Dr. Kumudlata Ji ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन अत्यंत अनमोल है और इस अनमोल जीवन को धर्म के प्रति सजग रहते हुए जीना चाहिए।उन्होंने कहा कि समाज और राष्ट्र के प्रति हर व्यक्ति का योगदान होना चाहिए।उन्होंने महिलाओं से गुरु परंपरा के प्रति आस्थावान रहते हुए कमजोर मातृशक्ति के उत्थान के लिए मजबूती से खड़े रहने का आह्वान किया।
अन्य संतों ने भी रखे प्रेरक विचार
कार्यक्रम में उपप्रवर्तक Chandresh Muni, आगम मर्मज्ञ Vaibhav Muni एवं महासती Dr. Mahapragya Ji ने भी अपने विचार व्यक्त किए।सभी संतों ने समाज में संस्कार, अनुशासन और महिला जागरूकता को बढ़ावा देने पर बल दिया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता जारोली ने जताया आभार
राष्ट्रीय अध्यक्ष संगीता जारोली ने स्वागत भाषण देते हुए आयोजन की सफलता के लिए सभी के सहयोग एवं विश्वास के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।उन्होंने कहा कि संगठन समिति महिला शक्ति को मजबूत बनाने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।
सब इंसपेक्टर नेहा ओरा ने महिला शक्ति को बताया समाज की ताकत
कार्यक्रम में जावरा की बहु एवं सब इंसपेक्टर Neha Ora ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिला शक्ति आज के युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज के उत्थान के लिए वह सब कर सकती हैं जो एक पुरुष कर सकता है।उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए स्वयं आगे आना होगा और समाज की कमजोर महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करना होगा।उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि परिवार के सहयोग से वह पुलिस विभाग में सब इंसपेक्टर के पद तक पहुंच सकीं और आज देशसेवा में योगदान दे रही हैं।
महिलाओं को स्वावलंबन का संदेश
नेहा ओरा ने सभी महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपनी बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग करें।उन्होंने कहा कि बेटियां दो परिवारों की शान होती हैं और उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिलना चाहिए।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में जैन दिवाकर संगठन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष आई एम सेठिया, जैन कांफ्रेंस विश्वस्त मंडल के चेयरमैन Ramesh Bhandari, नीमच नगर पालिका अध्यक्ष Swati Chopra, संगठन समिति युवा शाखा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Ramesh Mehta, राष्ट्रीय महामंत्री राकेश मेहता एवं संगठन मंत्री सिद्धराज सिंघवी सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।सभी अतिथियों का स्वागत जैन दिवाकर महिला परिवार द्वारा गुरु जैन दिवाकर के मोमेंटो एवं दुपट्टे पहनाकर किया गया।
महिला पदाधिकारियों की सक्रिय सहभागिता
अधिवेशन में संगठन समिति की वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनीषा रांका (जावरा), राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविता कोचट्टा, चित्रा ओस्तवाल, प्रतिभा मंडलेचा, ललिता नांदेचा, पुष्पा चपरोद, कुसुम ओरा, त्रिशला नांदेचा, गरिमा जैन, सरिता मेहता, अंतिमा मेहता, सुरभि रांका, वर्षा चत्तर, प्रिती भटेवरा, प्रेमलता ओस्तवाल, हंसा सुराणा, उर्मिला रांका, रेखा सुराणा, सोनम कोलन एवं श्वेता कोठारी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
आयोजन का संचालन और आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम का संचालन शशि मारू ने प्रभावशाली शैली में किया।वहीं आयोजन संयोजिका सुधा चंद्रप्रकाश ओस्तवाल ने सभी अतिथियों, संतों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
समाजहित में प्रेरणादायक आयोजन बना अधिवेशन
यह अधिवेशन महिला जागरूकता, आत्मनिर्भरता, संस्कार एवं सामाजिक एकता का प्रेरणादायक संदेश देने वाला आयोजन साबित हुआ।कार्यक्रम में महिलाओं को समाज, राष्ट्र और परिवार के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी गई।उपस्थित महिलाओं ने इस आयोजन को समाजहित में अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक पहल बताया।
