रायसेन में फॉरेस्ट रेंजर रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार: EOW की कार्रवाई से वन विभाग में हड़कंप
मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के बेगमगंज क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) अरविंद अहिरवार को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे वन विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, रेंजर ने एक मामले के निपटारे और फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की जानकारी EOW भोपाल को दी, जिसके बाद सत्यापन और निगरानी के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया।
कैसे शुरू हुआ रिश्वत का मामला
शिकायतकर्ता शकील अहमद, जो “सुपर ट्रेडर्स” नाम से फर्नीचर का व्यवसाय करते हैं, ने 21 अप्रैल को वन विभाग कार्यालय में अपने ट्रांसपोर्टेशन बिलों के सत्यापन और पास कराने के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के बदले रेंजर अरविंद अहिरवार ने उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
परेशान होकर शकील ने 27 अप्रैल को EOW भोपाल के एसपी से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की पुष्टि के लिए ट्रैप की योजना बनाई।
रिकॉर्डिंग में सामने आई मांग
EOW ने शिकायतकर्ता को एक वॉयस रिकॉर्डिंग डिवाइस दिया, जिसमें रेंजर की बातचीत रिकॉर्ड की गई। पहली बातचीत में 10 हजार रुपये की मांग स्पष्ट रूप से सामने आई। बाद में 14 मई को हुई दूसरी बातचीत में रेंजर ने कथित तौर पर कहा कि अभी 5 हजार रुपये दे दो और बाकी राशि बाद में दे देना।
यह रिकॉर्डिंग जांच में अहम सबूत साबित हुई।
रंगे हाथ पकड़ने की कार्रवाई
योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने 5 हजार रुपये की पहली किस्त रेंजर को सौंपे, उसी समय EOW की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई बेगमगंज स्थित वन परिक्षेत्र अधिकारी कार्यालय में की गई।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी रेंजर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
पहले भी विवादों में रहा मामला
सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता के फॉर्म हाउस पर पहले वन विभाग द्वारा कार्रवाई की गई थी, जिसमें अवैध लकड़ी और वन संपदा मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद शिकायतकर्ता पर FIR भी दर्ज हुई थी। माना जा रहा है कि इसी विवाद के चलते यह मामला आगे बढ़ा।
चर्चित अधिकारी पर कार्रवाई
रेंजर अरविंद अहिरवार वन विभाग में एक चर्चित नाम रहे हैं। बताया जाता है कि उन्होंने वन्यजीव संरक्षण और अन्य कार्यों में निजी स्तर पर भी योगदान दिया है। इसी कार्यशैली के कारण उन्हें पहले भी केंद्रीय कृषि मंत्री और अन्य बड़े नेताओं द्वारा सम्मानित किया जा चुका है। उनका नाम राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए भी चर्चा में रहा है।
विभाग में मचा हड़कंप
इस गिरफ्तारी के बाद वन विभाग में हलचल बढ़ गई है। EOW की कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर सख्ती बरती जाएगी, चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
फिलहाल EOW टीम मामले की आगे जांच कर रही है और अन्य दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है।
