ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध हड़ताल के चलते सिलवानी में मेडिकल स्टोर बंद रहे, ग्रामीण मरीज दवा के लिए परेशान होते नजर आए।
ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध हड़ताल से सिलवानी में मरीज हुए परेशान
सिलवानी संवाददाता वैभव जैन मस्ताना। संपूर्ण देश में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में मेडिकल एसोसिएशन संगठन द्वारा मेडिकल स्टोर बंद रखे गए। इस हड़ताल का असर सिलवानी क्षेत्र में भी देखने को मिला, जहां मेडिकल स्टोर बंद रहने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध हड़ताल के कारण खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों से आए मरीज दवाओं के लिए दर-दर भटकते नजर आए। जानकारी के अभाव में लोग मेडिकल स्टोर के भरोसे दवा लेने पहुंचे थे, लेकिन हड़ताल के चलते उन्हें दवाएं नहीं मिल सकीं।
मेडिकल स्टोर हड़ताल का सिलवानी में व्यापक असर
ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध हड़ताल का असर पूरे सिलवानी नगर और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई दिया। सुबह से ही मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई।जिन मरीजों को नियमित दवाओं की आवश्यकता थी, उन्हें सबसे अधिक परेशानी हुई। कई लोग अस्पताल से पर्ची लेकर मेडिकल दुकानों तक पहुंचे, लेकिन वहां ताले लगे मिले।ग्रामीण इलाकों से आए मरीजों ने बताया कि उन्हें हड़ताल की जानकारी नहीं थी। कई मरीज घंटों तक दवाओं के लिए भटकते रहे।
ग्रामीण क्षेत्र के मरीज सबसे ज्यादा परेशान
ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध हड़ताल के दौरान ग्रामीण क्षेत्र से आए लोगों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ग्रामीण मरीज इलाज के बाद सीधे मेडिकल स्टोर पहुंचे, लेकिन मेडिकल बंद मिलने से उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। कुछ मरीजों ने दूसरे क्षेत्रों में जाकर दवा लेने की कोशिश की, लेकिन वहां भी अधिकांश दुकानें बंद थीं।
इस स्थिति के कारण बुजुर्ग मरीज, महिलाएं और छोटे बच्चों के परिजन काफी परेशान नजर आए।
मेडिकल एसोसिएशन ने ऑनलाइन दवा बिक्री का किया विरोध
मेडिकल एसोसिएशन संगठन का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से छोटे मेडिकल व्यापारियों को नुकसान हो रहा है। संगठन लंबे समय से ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ आंदोलन कर रहा है।
मेडिकल व्यवसायियों का मानना है कि बिना उचित जांच और फार्मासिस्ट की निगरानी के ऑनलाइन दवा बिक्री से मरीजों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ सकता है।इसी मांग को लेकर देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
सिलवानी में सफल रही मेडिकल स्टोर हड़ताल
सिलवानी क्षेत्र में मेडिकल एसोसिएशन की हड़ताल पूरी तरह सफल रही। अधिकांश मेडिकल स्टोर दिनभर बंद रहे।व्यापारियों ने एकजुट होकर ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ आवाज उठाई। मेडिकल व्यवसायियों का कहना है कि सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए ताकि छोटे व्यापारियों का भविष्य सुरक्षित रह सके।हड़ताल के दौरान कई मेडिकल संचालकों ने एकत्र होकर अपनी मांगों को लेकर चर्चा भी की।
मरीजों और परिजनों ने जताई चिंता
ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध हड़ताल के कारण मरीजों और उनके परिजनों ने चिंता जताई। कई लोगों ने कहा कि अचानक मेडिकल स्टोर बंद होने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कुछ मरीजों ने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में ऐसी स्थिति में आम जनता को पहले से जानकारी उपलब्ध कराई जाए ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा असर
मेडिकल स्टोर बंद रहने का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई दिया। अस्पतालों में मरीजों की जांच तो हुई, लेकिन दवाएं नहीं मिलने से कई मरीजों को अधूरा इलाज लेकर लौटना पड़ा।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की हड़तालों के दौरान इमरजेंसी सेवाओं के लिए कुछ मेडिकल स्टोर खुले रखने की व्यवस्था होनी चाहिए।
ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध हड़ताल को मिला व्यापारियों का समर्थन
सिलवानी में मेडिकल व्यापारियों ने एकजुट होकर इस हड़ताल का समर्थन किया। व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के कारण स्थानीय मेडिकल व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं।उन्होंने सरकार से मांग की कि दवा बिक्री से जुड़े नियमों को और अधिक सख्त बनाया जाए ताकि मरीजों की सुरक्षा और स्थानीय व्यापार दोनों सुरक्षित रह सकें।
निष्कर्ष
ऑनलाइन दवा बिक्री विरोध हड़ताल ने सिलवानी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की समस्याओं को उजागर कर दिया। मेडिकल स्टोर बंद रहने से ग्रामीण और जरूरतमंद मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।हालांकि मेडिकल एसोसिएशन अपनी मांगों को लेकर एकजुट नजर आया, लेकिन आम जनता की परेशानी भी इस हड़ताल में साफ दिखाई दी। आने वाले समय में सरकार और संबंधित संगठनों को ऐसा समाधान निकालना होगा जिससे व्यापारियों और मरीजों दोनों के हित सुरक्षित रह सकें।
