—Advertisement—

MP Transfer Policy Update: मध्यप्रदेश में जल्द हट सकती है तबादला रोक, नई नीति की तैयारी तेज

Author Picture
Published On: 20 May 2026
MP

—Advertisement—

MP Transfer Policy Update: मध्यप्रदेश में तबादला रोक हटाने की तैयारी, नई ट्रांसफर पॉलिसी पर बड़ा फैसला जल्द

MP में इस महीने सरकारी तबादलों पर लगी रोक हटने की संभावना तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य सचिव अनुराग जैन और सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नई ट्रांसफर पॉलिसी जल्द से जल्द तैयार की जाए। इस मुद्दे पर मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में विस्तार से चर्चा हुई, जहां कई अहम प्रशासनिक निर्णयों पर सहमति बनी।

सरकार का कहना है कि तबादला नीति पहले ही तैयार हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक इसे अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। इसी कारण मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बिना देरी के स्पष्ट और व्यावहारिक नीति लाने के निर्देश दिए हैं।

कैबिनेट बैठक में तबादला नीति पर हुई अहम चर्चा

कैबिनेट बैठक के दौरान कई मंत्रियों ने भी यह मुद्दा उठाया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी तबादला रोक हटाई जानी चाहिए, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रियों की इस मांग पर सहमति जताई है। हालांकि, इस बार सरकार का रुख थोड़ा सख्त और नियंत्रित रहेगा। यानी केवल जरूरी और प्रशासनिक आवश्यकता वाले तबादले ही किए जाएंगे।

15 मई से हट सकती है तबादला रोक

जानकारी के मुताबिक, मध्यप्रदेश में 15 मई के आसपास तबादला रोक हटाई जा सकती है। इसके बाद नई ट्रांसफर पॉलिसी के तहत तबादलों की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

सरकार का लक्ष्य है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जाए, ताकि किसी भी स्तर पर मनमानी या अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

जिलों के प्रभारी मंत्रियों को मिल सकता है अधिकार

नई ट्रांसफर पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव यह भी हो सकता है कि जिलों के प्रभारी मंत्रियों को अधिकारियों के तबादले का अधिकार दिया जाए।

इसके अलावा विभागीय तबादले संबंधित विभागों के मंत्रियों के माध्यम से किए जाने की योजना है। इससे निर्णय प्रक्रिया को अधिक विकेंद्रीकृत और तेज बनाने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि अंतिम फैसला नई नीति के ड्राफ्ट पर निर्भर करेगा।

नई ट्रांसफर पॉलिसी जल्द कैबिनेट में पेश हो सकती है

सरकार के सूत्रों के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग नई ट्रांसफर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार कर रहा है। इसे जल्द ही अगली कैबिनेट बैठक में पेश किया जा सकता है।

इस नीति में यह भी तय किया जाएगा कि किन परिस्थितियों में तबादले किए जाएंगे और किन मामलों में विशेष अनुमति की आवश्यकता होगी।

पेयजल संकट पर भी कैबिनेट में चिंता जताई गई

कैबिनेट बैठक में सिर्फ तबादला नीति ही नहीं, बल्कि प्रदेश में बढ़ते पेयजल संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि कई क्षेत्रों में जल स्रोत सूख रहे हैं और जल जीवन मिशन के तहत बनाए गए टैंकों में भी पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

इस पर मुख्यमंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और किसी भी क्षेत्र में पानी की कमी न होने दी जाए।

‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ के गठन को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में व्यापार और उद्योग से जुड़े एक बड़े फैसले को भी मंजूरी दी गई। सरकार ने ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ के गठन को स्वीकृति दी है।

इस बोर्ड की अध्यक्षता मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे। इसमें औद्योगिक नीति, एमएसएमई, वित्त सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री शामिल होंगे।

इसके साथ ही रिजर्व बैंक, नाबार्ड, एनएचएआई और एफएसएसएआई जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधियों को भी जोड़ा जाएगा। उद्योग संगठनों जैसे सीआईआई, एफआईसीसीआई और डीआईसीसीआई को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।

जिला स्तर पर समितियों का गठन

सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि हर जिले में व्यापारी कल्याण समितियां बनाई जाएंगी। इन समितियों का उद्देश्य स्थानीय व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना होगा।

इससे व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने और स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान तेजी से होने की उम्मीद है।

दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन को बढ़ावा

कैबिनेट ने ‘दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन’ को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए भी मंजूरी दी है। इसके लिए 2442 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।

इस योजना का उद्देश्य किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराना, दलहनी फसलों का रकबा बढ़ाना और उत्पादन में वृद्धि करना है।

सरकार को उम्मीद है कि इससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और राज्य दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बन सकेगा।

निष्कर्ष

मध्यप्रदेश में नई ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है। तबादला रोक हटाने की तैयारी के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

साथ ही कैबिनेट बैठक में लिए गए अन्य फैसले जैसे पेयजल संकट समाधान, व्यापारी कल्याण बोर्ड और कृषि योजनाएं राज्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि नई ट्रांसफर पॉलिसी कब अंतिम रूप लेती है और तबादलों की प्रक्रिया कब से शुरू होती है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp