पीएम मोदी ने Netherlands में 16 मई को बताया खास, 2014 चुनाव जीत का सुनाया यादगार किस्सा
हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करने पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के तहत यूएई के बाद Netherlands पहुंचे, जहां उन्होंने द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र, युवाओं की ऊर्जा और भारत की विकास यात्रा का उल्लेख किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग मौजूद रहे और पीएम मोदी का जोरदार स्वागत किया गया।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एक खास तारीख 16 मई का जिक्र करते हुए 12 साल पुरानी याद साझा की। उन्होंने बताया कि यह दिन उनके राजनीतिक जीवन और देश की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
“कुछ देर के लिए भूल गया कि मैं Netherlands में हूं”
हेग में भारतीय समुदाय के उत्साह और प्रेम को देखकर प्रधानमंत्री मोदी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यहां मौजूद लोगों का स्नेह और जोश देखकर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वे भारत में ही किसी कार्यक्रम में शामिल हों।
प्रधानमंत्री ने कहा,
“इतना प्यार और उत्साह देखकर मैं कुछ देर के लिए भूल ही गया था कि मैं नीदरलैंड में हूं।”
उन्होंने नीदरलैंड में बसे भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय वहां के समाज, अर्थव्यवस्था और संस्कृति में सकारात्मक योगदान दे रहे हैं।
भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में रहने वाले भारतीय अपनी मेहनत, संस्कार और प्रतिभा से भारत का सम्मान बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड में रहने वाले भारतीयों ने भी अपनी पहचान मजबूत बनाई है।
पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय की प्रशंसा करते हुए नीदरलैंड की सरकार और वहां के नागरिकों का भी आभार जताया।
भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों का उल्लेख
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय संस्कृति और पारिवारिक परंपराओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समय के साथ दुनिया की कई सभ्यताएं और संस्कृतियां बदल गईं या खत्म हो गईं, लेकिन भारतीय संस्कृति आज भी जीवंत बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि देश, समय और परिस्थितियां बदलने के बावजूद भारतीय परिवारों के संस्कार और अपनापन नहीं बदला।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों ने अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को हमेशा संजोकर रखा है, जो भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
16 मई 2014 का सुनाया किस्सा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 16 मई 2014 का जिक्र करते हुए कहा कि यह तारीख उनके जीवन में बेहद खास है। उन्होंने याद दिलाया कि इसी दिन लोकसभा चुनाव 2014 के नतीजे आए थे।
पीएम मोदी ने कहा कि उस दिन दशकों बाद देश को पूर्ण बहुमत वाली स्थिर सरकार मिली थी। उन्होंने इसे भारत की लोकतांत्रिक ताकत और जनता के विश्वास का प्रतीक बताया।
उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें पहले 13 वर्षों तक मुख्यमंत्री और फिर लगातार 12 वर्षों तक प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया, जो उनके लिए सौभाग्य और आशीर्वाद की बात है।
“भारत अब बेस्ट और फास्टेस्ट बनना चाहता है”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज का भारत तेजी से बदल रहा है और दुनिया में अपनी नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि अब भारत केवल विकास नहीं बल्कि दुनिया में सबसे बेहतर और सबसे तेज बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि देश के युवा नई सोच और बड़े सपनों के साथ आगे बढ़ रहे हैं, जिससे भारत अभूतपूर्व परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।
AI और G20 समिट का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में भारत में आयोजित AI समिट और सफल G20 शिखर सम्मेलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज वैश्विक मंच पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और दुनिया भारत की ओर नई उम्मीदों से देख रही है।
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
भारतीय लोकतंत्र की ताकत पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां जनता की भागीदारी देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोगों की आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करने का माध्यम भी है।
उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में दुनिया भर में बसे भारतीयों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
विदेशों में भारत की बढ़ती साख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया में भारत का सम्मान लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंचों पर भारत की आवाज पहले से अधिक मजबूत हुई है और कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दुनिया भारत की राय को गंभीरता से सुन रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय समुदाय विदेशों में भारत के सांस्कृतिक दूत के रूप में काम कर रहा है।
निष्कर्ष
नीदरलैंड के हेग शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भारतीय समुदाय के उत्साह और भावनाओं से भरा रहा। इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति, लोकतंत्र, युवाओं और देश की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए 16 मई 2014 की ऐतिहासिक चुनावी जीत को भी याद किया।
प्रधानमंत्री का यह संदेश केवल भारतीय समुदाय के लिए ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक माना जा रहा है।
