—Advertisement—

Datia उपचुनाव 2026 की तैयारियां तेज, 27 साल पुराने एफडी घोटाले से बढ़ी राजनीतिक हलचल

Author Picture
Published On: 16 May 2026
Datia

—Advertisement—

Datia उपचुनाव 2026 की तैयारियां तेज, 27 साल पुराने एफडी घोटाले से बढ़ी राजनीतिक हलचल

हाईकोर्ट सुनवाई से पहले चुनाव आयोग की सक्रियता

Datia, 16 मई 2026।
मध्यप्रदेश के दतिया जिले में संभावित उपचुनाव को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेजी से बढ़ गई हैं। यह पूरा मामला 27 साल पुराने 1998 के बैंक एफडी घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को दोषी ठहराया गया था। अब इस मामले में उनकी त्वरित सुनवाई याचिका पर 26 मई 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होनी है, लेकिन उससे पहले ही केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में नई बहस को जन्म दे दिया है, क्योंकि एक ओर न्यायिक प्रक्रिया जारी है, वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग ने प्रशासनिक स्तर पर तैयारी तेज कर दी है।

चुनाव आयोग ने कलेक्टर को भेजा पत्र, 6 बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट

भारत निर्वाचन आयोग की ओर से दतिया जिला कलेक्टर को एक विस्तृत पत्र भेजा गया है, जिसमें उपचुनाव से संबंधित छह महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है। यह पत्र भोपाल स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के माध्यम से जारी किया गया है।

इन बिंदुओं में चुनाव प्रक्रिया की तैयारियों, तकनीकी संसाधनों, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं कि सभी विवरण समय पर और विस्तृत रूप में उपलब्ध कराए जाएं।

मुख्य रूप से जिन बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई है, उनमें FLC सुपरवाइजर की नियुक्ति, ईवीएम कंट्रोल यूनिट के लिए पिंक पेपर की व्यवस्था, ईवीएम की सुरक्षा हेतु स्ट्रांग रूम की स्थापना, जिला निर्वाचन अधिकारी की निरीक्षण रिपोर्ट और अन्य तकनीकी तैयारियां शामिल हैं।

मतदान केंद्रों की संख्या में बड़ा बदलाव

इस बार दतिया विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्रों की संख्या में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले जहां कुल 257 मतदान केंद्र थे, अब उनकी संख्या बढ़ाकर 291 कर दी गई है।

चुनाव आयोग का मानना है कि मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाने से मतदाताओं को बेहतर सुविधा मिलेगी और मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम, सुरक्षित और पारदर्शी होगी।

प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक मतदान केंद्र पर बिजली, पानी, शौचालय, सुरक्षा और ईवीएम संचालन की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

राजनीतिक दलों से भी मांगी गई जानकारी

उपचुनाव की तैयारियों के तहत उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों को भी पत्र जारी किया है। इस पत्र में उनसे उनके अधिकृत प्रतिनिधियों की जानकारी मांगी गई है।

निर्देश के अनुसार, सभी दलों को अपने प्रतिनिधियों का नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर उपलब्ध कराना होगा ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच समन्वय बनाए रखा जा सके।

यह कदम चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

27 साल पुराने एफडी घोटाले से जुड़ा पूरा मामला

यह पूरा विवाद 1998 के बैंक एफडी घोटाले से जुड़ा हुआ है, जो उस समय वित्तीय अनियमितताओं और कथित हेराफेरी के कारण चर्चा में आया था।

इस मामले में दतिया के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पर गंभीर आरोप लगे थे। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद दिल्ली की एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने उन्हें दोषी करार दिया था। अदालत ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई थी और बाद में उन्हें जमानत भी प्रदान की गई थी।

अदालत ने अपने फैसले में उन्हें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी का दोषी माना था। इसी मामले में सह-आरोपी बैंक कर्मचारी रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया था।

सदस्यता समाप्त होने के बाद उपचुनाव की स्थिति

चूंकि अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने और 2 वर्ष से अधिक की सजा के कारण राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई, इसलिए दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

इसी रिक्त सीट को भरने के लिए चुनाव आयोग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारी को आगे बढ़ाया जा रहा है।

यह स्थिति राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उपचुनाव के परिणाम क्षेत्रीय सत्ता संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं।

हाईकोर्ट में 26 मई को अहम सुनवाई

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण मोड़ 26 मई 2026 को आने वाला है, जब दिल्ली हाईकोर्ट में राजेंद्र भारती की याचिका पर सुनवाई होगी।

उन्होंने अदालत से त्वरित सुनवाई और राहत की मांग की है। यदि अदालत से कोई अंतरिम राहत मिलती है, तो इसका सीधा असर उपचुनाव की प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

वहीं यदि न्यायालय चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगाता, तो उपचुनाव की तैयारियां और तेज हो जाएंगी।

प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज

चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। सभी विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

ईवीएम की सुरक्षा, मतदान केंद्रों की व्यवस्था, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं।

राजनीतिक माहौल हुआ गरम

इस घटनाक्रम के बाद दतिया का राजनीतिक माहौल भी गरम हो गया है। सभी प्रमुख राजनीतिक दल संभावित उपचुनाव को लेकर अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं।

स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं कि यह उपचुनाव केवल एक सीट का चुनाव नहीं होगा, बल्कि यह क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करेगा।

मतदाताओं और जनता में बढ़ी रुचि

उपचुनाव की संभावनाओं और अदालत की सुनवाई को लेकर स्थानीय मतदाताओं में भी रुचि बढ़ गई है। लोग इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि आगे क्या निर्णय आता है और चुनाव कब तक आयोजित होते हैं।

निष्कर्ष

दतिया उपचुनाव 2026 अब एक बहुस्तरीय प्रक्रिया बन चुका है, जिसमें न्यायपालिका, चुनाव आयोग और प्रशासन तीनों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। 27 साल पुराने एफडी घोटाले का यह मामला अब भी राजनीतिक और कानूनी चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

26 मई की हाईकोर्ट सुनवाई और चुनाव आयोग की तैयारी आने वाले दिनों में इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगी। यह उपचुनाव न केवल एक सीट का निर्णय होगा, बल्कि प्रदेश की राजनीति पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp