MP बन रहा है ग्लोबल फिल्म टूरिज्म का नया केंद्र
भोपाल। MP अब तेजी से एक नए रूप में दुनिया के सामने उभर रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के विजन और नेतृत्व में राज्य को ग्लोबल फिल्म टूरिज्म हब बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के निरंतर प्रयासों के चलते प्रदेश अब अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हाल ही में हुआ अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट है, जिसने राज्य की संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को 80 से अधिक देशों तक पहुंचाने की तैयारी कर ली है।
स्पेनिश प्रोडक्शन हाउस ने किया मध्यप्रदेश में शूट
स्पेन के प्रसिद्ध प्रोडक्शन हाउस ‘कलर्स कम्युनिकेशन ग्रुप’ द्वारा निर्मित अंतरराष्ट्रीय टीवी सीरीज़ “रूरल टूरिज्म ऑफ द वर्ल्ड” की शूटिंग मध्यप्रदेश के विभिन्न हिस्सों में की गई है।
इस सीरीज़ में प्रदेश के ग्रामीण जीवन, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक धरोहरों को विश्व स्तर पर दिखाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए मध्यप्रदेश को एक वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद है।
छिंदवाड़ा की जनजातीय संस्कृति बनी आकर्षण का केंद्र
शूटिंग के दौरान छिंदवाड़ा जिले के कई गांवों ने स्पेनिश फिल्म क्रू को विशेष रूप से प्रभावित किया।
टीम ने इन स्थानों पर शूटिंग की:
- सावरवानी
- धूसावानी
- चिमटीपुर
- तामिया
यहां की जनजातीय परंपराओं, ग्रामीण जीवनशैली और प्राकृतिक वातावरण को कैमरे में बेहद खूबसूरती से कैद किया गया।
विशेष रूप से पातालकोट क्षेत्र में हुए एक पारंपरिक जनजातीय विवाह ने अंतरराष्ट्रीय टीम का ध्यान आकर्षित किया।
स्पेनिश निर्देशक जुआन फ्रूटोस ने स्थानीय आतिथ्य की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के गांव भारत की असली आत्मा को दर्शाते हैं।
FITUR मैड्रिड समझौते का असर
यह पूरा प्रोजेक्ट इसी वर्ष आयोजित FITUR मैड्रिड 2026 पर्यटन मेले में हुए समझौते और MoU का परिणाम है।
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने इस दौरान राज्य को “फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन” के रूप में प्रस्तुत किया था।
इस पहल में वरिष्ठ अधिकारियों जैसे:
- डॉ. इलैया राजा टी.
- अभय अरविंद बेडेकर
की अहम भूमिका रही।
MP की वैश्विक ब्रांडिंग को नई उड़ान
इस अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ में केवल ग्रामीण पर्यटन ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की कई ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहरों को भी शामिल किया गया है।
इन प्रमुख स्थलों का फिल्मांकन किया गया:
- सांची स्तूप
- भीमबेटका की गुफाएं
- सतपुड़ा नेशनल पार्क
- उज्जैन का श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग
इन स्थानों के जरिए मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा
इस परियोजना से राज्य में कई स्तरों पर सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
मुख्य लाभ:
- ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा
- होमस्टे बिजनेस में वृद्धि
- स्थानीय हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार
- रोजगार के नए अवसर
- फिल्म शूटिंग आधारित आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी
विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म टूरिज्म आने वाले समय में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बन सकता है।
प्रशासन और पर्यटन बोर्ड की सक्रिय भूमिका
छिंदवाड़ा जिला प्रशासन और मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने इस पूरी शूटिंग के दौरान बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया।
प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया:
- शूटिंग परमिशन
- लॉजिस्टिक सपोर्ट
- सुरक्षा व्यवस्था
- ऑन-ग्राउंड कोऑर्डिनेशन
इन सुविधाओं ने अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए शूटिंग प्रक्रिया को आसान बनाया।
मध्यप्रदेश बन रहा है फिल्म फ्रेंडली डेस्टिनेशन
पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा लोकेशन बनता जा रहा है।
यहां पहले भी कई:
- बॉलीवुड फिल्में
- वेब सीरीज़
- डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट्स
की शूटिंग हो चुकी है।
अब राज्य लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स को आकर्षित कर रहा है, जिससे इसकी वैश्विक पहचान और मजबूत हो रही है।
मुख्यमंत्री के विजन से बदलती तस्वीर
मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार का फोकस केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक ग्लोबल ब्रांड बनाने पर है।
सरकार का लक्ष्य है:
- मध्यप्रदेश को वैश्विक फिल्म हब बनाना
- ग्रामीण और जनजातीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच देना
- पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करना
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश अब केवल “टाइगर स्टेट” तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक ऐसा सांस्कृतिक और प्राकृतिक केंद्र बन रहा है जो विश्व सिनेमा के जरिए वैश्विक पहचान बना रहा है।
मोहन यादव के विजन और टूरिज्म बोर्ड की रणनीति के चलते राज्य तेजी से “ग्लोबल फिल्मिंग डेस्टिनेशन” के रूप में स्थापित हो रहा है।
आने वाले समय में इस तरह के अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स मध्यप्रदेश को पर्यटन, संस्कृति और अर्थव्यवस्था के नए शिखर पर पहुंचा सकते हैं।
