मंडी परिसर में 1.45 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन,
सारंगपुर में गुरुवार को कृषि उपज मंडी परिसर में विकास की नई शुरुआत देखने को मिली, जब लगभग 1 करोड़ 45 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया। मध्यप्रदेश शासन के कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) Dr. Gautam Tetwal ने विधिवत रूप से इन विकास कार्यों की आधारशिला रखी। इस अवसर पर मंडी परिसर में मौजूद किसानों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
यह विकास कार्य न केवल मंडी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे, बल्कि कृषि व्यापार और किसानों की सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
1.45 करोड़ रुपये की लागत से होंगे कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य
इस परियोजना के तहत मंडी परिसर में कई आवश्यक निर्माण कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से ट्रॉली शेड का निर्माण, डामरीकरण कार्य, पानी की टंकी की स्थापना, सीसी रोड निर्माण और विद्युतिकरण व्यवस्था का विस्तार शामिल है।
इन सभी कार्यों का उद्देश्य मंडी परिसर को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाना है, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि इन सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से और तय समय सीमा में पूरा किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गुणवत्ता पर विशेष जोर, लापरवाही पर सख्त चेतावनी
भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने अधिकारियों और संबंधित निर्माण एजेंसियों को सख्त संदेश दिया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य जनता को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है, इसलिए हर कार्य पारदर्शिता और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

किसानों और व्यापारियों के लिए सुविधाओं में सुधार का लक्ष्य
मंडी परिसर में हो रहे इन विकास कार्यों से क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। ट्रॉली शेड बनने से कृषि उपज को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी, वहीं सीसी रोड और डामरीकरण से परिवहन व्यवस्था अधिक सुगम होगी।
पानी की टंकी और विद्युत व्यवस्था के विस्तार से मंडी परिसर में बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा, जिससे कार्यकुशलता बढ़ेगी और समय की बचत होगी।
स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि इन विकास कार्यों के पूरा होने के बाद मंडी परिसर अधिक व्यवस्थित और आधुनिक स्वरूप में नजर आएगा।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश, वृक्षारोपण की अपील
कार्यक्रम के दौरान मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ने केवल विकास कार्यों की बात ही नहीं की, बल्कि पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया।
उन्होंने उपस्थित किसानों और व्यापारियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील की। उनका कहना था कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि हम आज पेड़ लगाते हैं तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और संतुलित वातावरण प्राप्त होगा। यह केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर से पहुंचे मंत्री, दिया ईंधन बचत का संदेश
इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर वाहन से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
उन्होंने बताया कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील से प्रेरित है जिसमें पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने तथा वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अपनाने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से न केवल ईंधन की बचत होती है, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलती है। यह एक छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव की दिशा में बड़ा कदम है।
उनकी इस पहल को उपस्थित लोगों ने सकारात्मक रूप से सराहा और इसे प्रेरणादायक बताया।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति
इस भूमिपूजन कार्यक्रम में कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इनमें जनपद अध्यक्ष, नगर पालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष प्रतिनिधि, मंडल अध्यक्ष, मंडी प्रतिनिधि, जिला पंचायत सदस्य, एसडीएम और मंडी सचिव सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल थे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी और किसान भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे, जिन्होंने विकास कार्यों की शुरुआत का स्वागत किया।

किसानों के लिए नई उम्मीदें
स्थानीय किसानों का मानना है कि इन विकास कार्यों के पूरा होने के बाद उन्हें मंडी में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे उनकी कृषि उपज के परिवहन, भंडारण और बिक्री की प्रक्रिया अधिक आसान और सुविधाजनक होगी।
किसानों ने यह भी उम्मीद जताई कि आधुनिक सुविधाओं से लैस मंडी परिसर उनके समय और लागत दोनों की बचत करेगा।

क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह भूमिपूजन कार्यक्रम केवल निर्माण कार्यों की शुरुआत नहीं है, बल्कि इसे क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और कृषि आधारित बाजार व्यवस्था को आधुनिक बनाना है।
डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि सरकार किसानों की भलाई और ग्रामीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है और आगे भी ऐसे विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
निष्कर्ष
सारंगपुर मंडी परिसर में शुरू हुए 1.45 करोड़ रुपये के विकास कार्य क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। ट्रॉली शेड, सड़क निर्माण, पानी की टंकी और विद्युत व्यवस्था जैसे कार्यों से मंडी की कार्यप्रणाली अधिक आधुनिक और सुगम होगी।
साथ ही मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल द्वारा गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग पर दिया गया संदेश इस कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना देता है। यह पहल न केवल विकास की दिशा में कदम है, बल्कि सतत और हरित विकास की सोच को भी आगे बढ़ाती है।
