Gold Silver Price Today: सोने में हल्की तेजी, चांदी में गिरावट; MCX पर उतार-चढ़ाव के बीच बाजार सतर्क
घरेलू वायदा बाजार में 14 मई (गुरुवार) को Gold और Silver की कीमतों में सीमित लेकिन साफ उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना हल्की तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि चांदी में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक संकेतों, डॉलर की चाल और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग के बीच कीमती धातुओं का बाजार फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए है।
MCX पर सोने की चाल: हल्की मजबूती कायम
MCX पर 5 जून 2026 एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर सुबह 1,61,888 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। पिछला कारोबारी सत्र 1,62,186 रुपये पर बंद हुआ था, जिससे शुरुआती स्तर पर ही बाजार में हल्की मजबूती का संकेत मिला।
सुबह के कारोबार में सोना करीब 0.28 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,62,640 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। दिन के दौरान इसने 1,63,055 रुपये का उच्च स्तर भी छुआ, जो यह दर्शाता है कि खरीदारी का दबाव अभी भी बाजार में बना हुआ है।
विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितता, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें और मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव सोने को लगातार सपोर्ट दे रहे हैं। सोना ऐसे समय में निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प माना जाता है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता बनी रहती है।
चांदी में दबाव: लगातार गिरावट का असर
सोने के मुकाबले चांदी का रुख कमजोर रहा। MCX पर 3 जुलाई 2026 एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर करीब 0.88 प्रतिशत यानी 2,638 रुपये की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया।
चांदी ने दिन की शुरुआत 2,98,373 रुपये के स्तर से की थी, जबकि कारोबार के दौरान इसका उच्च स्तर 2,99,000 रुपये तक पहुंचा। इसके बावजूद बिकवाली के दबाव ने कीमतों को नीचे खींच लिया।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि चांदी की कीमतें केवल निवेश मांग पर ही नहीं, बल्कि औद्योगिक उपयोग पर भी निर्भर करती हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मांग की अनिश्चितता के कारण चांदी पर दबाव बना हुआ है।
Gold-Silver में अलग-अलग रुझान क्यों?
सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग दिशा में चल रही यह चाल बाजार की मौजूदा स्थिति को दर्शाती है। सोना जहां वैश्विक अनिश्चितता के समय सुरक्षित निवेश (safe haven) के रूप में मजबूत होता है, वहीं चांदी औद्योगिक गतिविधियों पर अधिक निर्भर रहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोने की ओर झुक रहे हैं, जबकि चांदी में औद्योगिक मांग अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई है। यही कारण है कि दोनों धातुओं की कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है।
प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें
देश के अलग-अलग हिस्सों में सोने के रेट लगभग स्थिर रुख के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। प्रमुख शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें इस प्रकार रहीं:
दिल्ली
- 24 कैरेट: 1,62,260 रुपये (10 ग्राम)
- 22 कैरेट: 1,48,950 रुपये
- 18 कैरेट: 1,21,900 रुपये
मुंबई
- 24 कैरेट: 1,62,330 रुपये
- 22 कैरेट: 1,48,800 रुपये
- 18 कैरेट: 1,21,750 रुपये
चेन्नई
- 24 कैरेट: 1,64,180 रुपये
- 22 कैरेट: 1,50,500 रुपये
- 18 कैरेट: 1,25,700 रुपये
कोलकाता
- 24 कैरेट: 1,62,330 रुपये
- 22 कैरेट: 1,48,800 रुपये
- 18 कैरेट: 1,21,750 रुपये
अहमदाबाद
- 24 कैरेट: 1,62,380 रुपये
- 22 कैरेट: 1,48,850 रुपये
- 18 कैरेट: 1,21,800 रुपये
लखनऊ
- 24 कैरेट: 1,62,260 रुपये
- 22 कैरेट: 1,48,950 रुपये
- 18 कैरेट: 1,21,900 रुपये
पटना
- 24 कैरेट: 1,62,380 रुपये
- 22 कैरेट: 1,48,850 रुपये
- 18 कैरेट: 1,21,800 रुपये
हैदराबाद
- 24 कैरेट: 1,62,330 रुपये
- 22 कैरेट: 1,48,800 रुपये
- 18 कैरेट: 1,21,750 रुपये
वैश्विक बाजार का असर
कीमती धातुओं की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार का बड़ा प्रभाव पड़ता है। डॉलर इंडेक्स की मजबूती या कमजोरी, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव सीधे सोने-चांदी की चाल को प्रभावित करते हैं।
जब वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख करते हैं, जिससे कीमतों में तेजी आती है। इसके विपरीत, आर्थिक स्थिरता और औद्योगिक गतिविधियों में गिरावट चांदी पर दबाव डालती है।
भारत में मांग और निवेश का रुझान
भारत में सोना केवल निवेश ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व भी रखता है। शादी-ब्याह और त्योहारों के समय इसकी मांग बढ़ जाती है।
वर्तमान समय में निवेशक गोल्ड ईटीएफ और डिजिटल गोल्ड की ओर भी तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि फिजिकल गोल्ड की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।
चांदी की मांग औद्योगिक सेक्टर और आभूषण दोनों से जुड़ी होती है, लेकिन हाल के समय में औद्योगिक मांग में उतार-चढ़ाव के कारण कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने में फिलहाल सीमित तेजी का रुझान बना रह सकता है, जबकि चांदी में अस्थिरता जारी रहने की संभावना है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से बचें और दीर्घकालिक रणनीति अपनाएं। सोने में धीरे-धीरे निवेश सुरक्षित माना जा रहा है, जबकि चांदी में जोखिम थोड़ा अधिक हो सकता है।
इसके अलावा, आने वाले समय में अमेरिकी आर्थिक आंकड़े, डॉलर की चाल और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार की दिशा तय करेंगी।
निष्कर्ष
14 मई को घरेलू वायदा बाजार में सोने ने हल्की मजबूती दिखाई, जबकि चांदी दबाव में रही। MCX पर लगातार जारी उतार-चढ़ाव यह संकेत देता है कि बाजार फिलहाल अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।
वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, निवेशकों की धारणा और औद्योगिक मांग आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की दिशा तय करेंगे। फिलहाल बाजार सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, लेकिन किसी भी वैश्विक संकेत के साथ इसमें तेज बदलाव संभव है।
