आंगनवाड़ी मध्यान भोजन समस्या नागदा को लेकर महिला स्व सहायता समूहों ने राशि बढ़ाने और बीमा की मांग की।
आंगनवाड़ी मध्यान भोजन समस्या नागदा को लेकर महिला समूहों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
नागदा जंक्शन। आंगनवाड़ी मध्यान भोजन समस्या नागदा को लेकर भारतीय मजदूर संघ जिला नागदा के नेतृत्व में आंगनवाड़ी महिला स्व सहायता समूह एवं मध्यान भोजन कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
लगभग 15 महिला स्व सहायता समूहों ने वर्तमान महंगाई, कम भुगतान, गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमत और लंबित भुगतान जैसी समस्याओं को लेकर शासन से समाधान की मांग की।
महिला समूहों ने कहा कि पिछले लगभग सात वर्षों से मात्र ₹7.30 प्रति विद्यार्थी की राशि दी जा रही है, जो वर्तमान परिस्थितियों में बेहद कम और अपर्याप्त है।
आंगनवाड़ी मध्यान भोजन समस्या नागदा क्या है
आंगनवाड़ी मध्यान भोजन समस्या नागदा पिछले कई वर्षों से महिला स्व सहायता समूहों और मध्यान भोजन कार्यकर्ताओं के सामने गंभीर चुनौती बनी हुई है।आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिलने के कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महंगाई के बीच कम भुगतान
महिला समूहों का कहना है कि वर्तमान समय में बढ़ती महंगाई के बावजूद भुगतान राशि में कोई वृद्धि नहीं की गई।
महिला समूहों ने सौंपा ज्ञापन
भारतीय मजदूर संघ जिला नागदा के नेतृत्व में महिला स्व सहायता समूहों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
15 समूहों ने उठाई आवाज
लगभग 15 महिला स्व सहायता समूहों ने अपनी समस्याओं को शासन तक पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया।
H3: शीघ्र समाधान की मांग
ज्ञापन में शासन से जल्द समस्याओं के समाधान और आर्थिक राहत देने की मांग की गई।
सात वर्षों से नहीं बढ़ी राशि
आंगनवाड़ी मध्यान भोजन समस्या नागदा का सबसे बड़ा मुद्दा भुगतान राशि में वृद्धि नहीं होना बताया गया।
अभी भी मिल रहे केवल ₹7.30
महिला समूहों ने बताया कि पिछले करीब सात वर्षों से प्रति विद्यार्थी केवल ₹7.30 की राशि दी जा रही है।
₹15 प्रति विद्यार्थी की मांग
महिलाओं ने मांग की कि वर्तमान राशि बढ़ाकर कम से कम ₹15 प्रति विद्यार्थी की जाए।
महंगाई और गैस सिलेंडर बना बड़ी समस्या
वर्तमान समय में गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने मध्यान भोजन बनाने वाली महिलाओं की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
समय पर नहीं मिलता गैस सिलेंडर
महिला समूहों ने बताया कि गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध नहीं होता और अधिक कीमत पर खरीदना पड़ता है।
खर्च बढ़ने से बढ़ी आर्थिक कठिनाई
कम भुगतान के कारण भोजन और नाश्ता तैयार करने में आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
भोजन और नाश्ता तैयार करने में कठिनाई
आंगनवाड़ी मध्यान भोजन समस्या नागदा के तहत महिला समूहों ने कहा कि वर्तमान राशि में गुणवत्तापूर्ण भोजन और नाश्ता तैयार करना मुश्किल हो गया है।
गुणवत्तापूर्ण भोजन पर असर
कम बजट के कारण भोजन की गुणवत्ता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
दुर्घटना बीमा की मांग
महिला समूहों और भारतीय मजदूर संघ ने ज्ञापन में दुर्घटना बीमा की मांग भी उठाई।
कार्य के दौरान सुरक्षा जरूरी
भोजन बनाते समय दुर्घटना होने पर महिला कर्मचारियों को सुरक्षा और आर्थिक सहायता मिल सके, इसके लिए बीमा लागू करने की मांग की गई।
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर जोर
संगठन ने कहा कि महिला कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
लंबित भुगतान से बढ़ी परेशानी
महिला समूहों ने बताया कि पिछले वर्ष के तीन माह का कटौती किया गया भुगतान अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है।
समय पर नहीं मिलता बिल भुगतान
काम के बिल का भुगतान भी समय पर नहीं मिलने से आर्थिक संकट बढ़ रहा है।
आर्थिक प्रताड़ना का आरोप
महिलाओं ने कहा कि लगातार देरी के कारण उन्हें आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
भारतीय मजदूर संघ की भूमिका
आंगनवाड़ी मध्यान भोजन समस्या नागदा को लेकर भारतीय मजदूर संघ जिला नागदा ने महिला समूहों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा।
जिला मंत्री करण सिंह शेखावत रहे मौजूद
इस दौरान भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री करण सिंह शेखावत और राजकुमार सिसोदिया विशेष रूप से मौजूद रहे।
महिला कार्यकर्ताओं की उपस्थिति
ज्ञापन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता और समूह सदस्य उपस्थित रहे।इनमें मुख्य रूप से —
- पूजा
- संगीता नैना चंदेल
- प्रियंका
- संगीता सांखला
- रिजवाना
- ज्योति
- भंवर बाई
- मंजू बाई
- गायत्री
- सुशीला
- कोमल सैनी
- आशा डोडिया
- रोशनी
- रागिनी तंवर
- सुमित्रा
- मंजू
- कुसुम
- नर्मदा
- आरती
आदि कार्यकर्ता शामिल रहीं।
निष्कर्ष
आंगनवाड़ी मध्यान भोजन समस्या नागदा को लेकर महिला स्व सहायता समूहों द्वारा उठाई गई मांगें वर्तमान परिस्थितियों में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।महंगाई, कम भुगतान और लंबित बिलों की समस्याओं के बीच महिला समूहों ने शासन से उचित सहायता, भुगतान वृद्धि और सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।


