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Indore में मेट्रो निर्माण के चलते रोबोट चौराहे पर भीषण जाम, 1.2 किमी की दूरी तय करने में लग रहा आधा घंटा

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Published On: 12 May 2026
Indore

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Indore में मेट्रो निर्माण के चलते रोबोट चौराहे पर भीषण जाम, 

Indore शहर में मेट्रो प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य का असर अब यातायात व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण स्थानों में से एक रोबोट चौराहा इन दिनों लगातार भीषण जाम की स्थिति का सामना कर रहा है। खासकर शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक हालात और अधिक गंभीर हो जाते हैं, जब हजारों वाहन चालक घंटों तक ट्रैफिक में फंस जाते हैं।

मेट्रो निर्माण कार्य के चलते रोबोट चौराहे पर लोहे के पतरे (बैरिकेडिंग) लगाए गए हैं, जिससे सड़क का हिस्सा संकरा हो गया है और यातायात का दबाव कई गुना बढ़ गया है। इसके कारण वाहन चालकों को न केवल समय की हानि हो रही है, बल्कि मानसिक और शारीरिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।

1.2 किलोमीटर की दूरी तय करने में 30 मिनट का समय

रोबोट चौराहा से रेडिसन चौराहा तक लगभग 1.2 किलोमीटर की दूरी तय करने में अब आमतौर पर 25 से 30 मिनट का समय लग रहा है। सामान्य स्थिति में यह दूरी कुछ ही मिनटों में तय हो जाती थी, लेकिन वर्तमान हालात में यह मार्ग शहर का सबसे जाम प्रभावित क्षेत्र बन गया है।

शाम के समय ऑफिस से लौटने वाले लोग, कॉलेज स्टूडेंट्स और अन्य वाहन चालक इस मार्ग पर घंटों फंसे रहते हैं। कई बार स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि वाहन रेंग-रेंग कर आगे बढ़ते हैं।

सर्विस रोड बनी बड़ी समस्या

मेट्रो निर्माण के दौरान मुख्य सड़क को बंद या आंशिक रूप से बंद करने के कारण पूरा यातायात सर्विस रोड पर शिफ्ट कर दिया गया है। लेकिन यह सर्विस रोड पहले से ही संकरी और जर्जर स्थिति में है।

स्थानीय लोगों के अनुसार:

  • सर्विस रोड पर जगह-जगह गड्ढे हैं
  • ड्रेनेज लाइन के लिए की गई खुदाई से सड़क और ऊबड़-खाबड़ हो गई है
  • कई चैंबर सड़क से 10 से 15 इंच ऊंचे हैं
  • कहीं-कहीं सड़क अधूरी और कच्ची स्थिति में है

इन सभी कारणों से वाहन चालकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अतिक्रमण और अव्यवस्था ने बढ़ाई समस्या

रोबोट चौराहा और उसके आसपास अतिक्रमण भी एक बड़ी समस्या बन गया है। कई जगहों पर अवैध दुकानें और अस्थायी ढांचे सड़क पर कब्जा किए हुए हैं।

इसके अलावा:

  • गिट्टी से भरे ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़े रहते हैं
  • कुछ स्थानों पर शराब दुकानों के आसपास भीड़ और अव्यवस्था रहती है
  • लगभग 100 से अधिक कॉलोनियों का ट्रैफिक इसी मार्ग पर निर्भर है

इन कारणों से यह पूरा क्षेत्र ट्रैफिक के दबाव में लगातार जूझ रहा है।

लेफ्ट टर्न पर खड़े वाहन बन रहे जाम की वजह

यातायात विभाग के अनुसार, जाम की एक बड़ी वजह वाहन चालकों की अनुशासनहीनता भी है। कई वाहन चालक लेफ्ट टर्न लेन में खड़े हो जाते हैं, जबकि उन्हें सीधे जाना होता है।

इससे:

  • लेफ्ट टर्न ब्लॉक हो जाता है
  • सीधे जाने वाले वाहन आगे नहीं बढ़ पाते
  • सिग्नल खुलने पर भी केवल 50% वाहन ही निकल पाते हैं

यातायात पुलिस ने इस समस्या को गंभीर माना है और लोगों से अपनी लाइन में खड़े रहने की अपील की है।

ट्रैफिक कंट्रोल के लिए लगाए गए इंतजाम

मेट्रो प्रोजेक्ट और ट्रैफिक पुलिस ने मिलकर कुछ व्यवस्थाएं की हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • 6 वालेंटियर रेडियम जैकेट पहनकर ट्रैफिक कंट्रोल कर रहे हैं
  • एक रिटायर्ड ट्रैफिक अधिकारी की निगरानी में व्यवस्था
  • 4 ट्रैफिक पुलिस कर्मचारी और एक सूबेदार की तैनाती
  • सिग्नल और मूवमेंट की मॉनिटरिंग

इसके बावजूद भीड़ और दबाव के कारण जाम की समस्या पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पा रही है।

Indore मेट्रो निर्माण बना प्रमुख कारण

रोबोट चौराहे पर चल रहा मेट्रो निर्माण कार्य इस पूरी समस्या का मुख्य कारण है। पिलर निर्माण के लिए सड़क के बीच में खुदाई की गई है और लोहे के बैरिकेड्स लगाए गए हैं।

इसके कारण:

  • सड़क का हिस्सा बंद हो गया है
  • वाहन एक ही लेन में चलने को मजबूर हैं
  • ट्रैफिक फ्लो धीमा हो गया है

मेट्रो प्रोजेक्ट को शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन इसका असर फिलहाल यातायात व्यवस्था पर साफ दिख रहा है।

नगर निगम और मेट्रो प्राधिकरण की बैठक

इस समस्या को देखते हुए नगर निगम और मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के बीच बैठक हुई है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि:

  • सर्विस रोड के सुधार के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा
  • मेट्रो प्रोजेक्ट की टीम को रिपोर्ट भेजी जाएगी
  • आवश्यक राशि स्वीकृत होने के बाद सड़क सुधार कार्य शुरू किया जाएगा

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो निर्माण के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।

यात्रियों की परेशानी बढ़ी

इस पूरे जाम का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। ऑफिस जाने वाले लोग, छात्र, मरीजों को ले जाने वाले वाहन और डिलीवरी सेवाएं सभी प्रभावित हो रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि:

  • रोजाना समय पर पहुंचना मुश्किल हो गया है
  • ईंधन की खपत बढ़ गई है
  • मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है

प्रशासन से समाधान की उम्मीद

लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेगा। मेट्रो निर्माण एक लंबी अवधि की परियोजना है, लेकिन तब तक ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखना जरूरी है।

निष्कर्ष

रोबोट चौराहा फिलहाल इंदौर का सबसे अधिक जाम प्रभावित क्षेत्र बन चुका है। मेट्रो निर्माण, खराब सर्विस रोड, अतिक्रमण और ट्रैफिक अनुशासन की कमी ने मिलकर स्थिति को गंभीर बना दिया है।

यदि समय रहते सड़क सुधार और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में समस्या और अधिक बढ़ सकती है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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