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साइलो केंद्र किसान समस्या nagda में तेज धूप और लंबी कतारों से परेशान किसानों ने उठाई प्रभावशाली आवाज

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Published On: 11 May 2026
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साइलो केंद्र किसान समस्या Nagda में किसानों को ट्रॉली तुलाई के लिए कई दिन इंतजार और भारी खर्च का सामना करना पड़ रहा है।

साइलो केंद्र किसान समस्या Nagda: हजारों ट्रैक्टरों की कतारों में परेशान किसान

Nagda जंक्शन। साइलो केंद्र किसान समस्या Nagda  इन दिनों किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। बोरखेड़ा पित्रामल में चल रहे गेहूं उपार्जन केंद्र पर हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहां किसानों को अपनी उपज तुलवाने के लिए चार से पाँच दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।

किसानों की इसी समस्या को लेकर किसान यूनियन प्रदेश अध्यक्ष कवि देव सिंह गुर्जर मौके पर पहुंचे और किसानों से मुलाकात कर उनकी परेशानियां सुनीं। किसानों की स्थिति देखकर उन्होंने शासन और प्रशासन की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जाहिर की।

साइलो केंद्र किसान समस्या Nagda क्या है

साइलो केंद्र किसान समस्या Nagda  का मुख्य कारण गेहूं उपार्जन केंद्रों पर व्यवस्थाओं की कमी और अत्यधिक भीड़ बताया जा रहा है।बोरखेड़ा पित्रामल स्थित साइलो केंद्र पर हजारों किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से किसानों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।स्थिति यह है कि एक ट्रॉली गेहूं की तुलाई करवाने में किसानों को चार से पाँच दिन तक रुकना पड़ रहा है।

हजारों ट्रैक्टरों की लगी लंबी कतारें

साइलो केंद्र पर हजारों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कई किलोमीटर लंबी कतारों में खड़ी दिखाई दीं।

किसानों की बढ़ती चिंता

किसानों ने बताया कि वे कई दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।तेज गर्मी और धूप में खुले मैदान में खड़े रहना उनके लिए बेहद मुश्किल हो रहा है।

समय और मेहनत दोनों हो रहे बर्बाद

किसानों का कहना है कि फसल बेचने में हो रही देरी के कारण उनका समय, मेहनत और आर्थिक संसाधन तीनों प्रभावित हो रहे हैं।

किसानों को करना पड़ रहा भारी खर्च

साइलो केंद्र किसान समस्या नागदा का सबसे बड़ा असर किसानों की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है।

ट्रैक्टर भाड़े में कई गुना वृद्धि

किसानों ने बताया कि वे ट्रैक्टर-ट्रॉली किराए पर लेकर आ रहे हैं, जिनका प्रतिदिन का खर्च एक हजार से पंद्रह सौ रुपए तक पहुंच रहा है।चार से पाँच दिन तक इंतजार करने के कारण उन्हें कई गुना अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

खेती की लागत बढ़ी

किसानों ने कहा कि पहले ही खेती की लागत बढ़ चुकी है और अब उपज बेचने में हो रहे अतिरिक्त खर्च ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

तेज धूप में कई दिनों तक इंतजार

साइलो केंद्र पर किसानों को कड़ी धूप और गर्म मौसम में दिन-रात इंतजार करना पड़ रहा है।

पीने के पानी और छांव की समस्या

कई किसानों ने बताया कि केंद्र पर पर्याप्त छांव और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की भी कमी है।इससे बुजुर्ग किसानों और मजदूरों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।

उपार्जन केंद्र बंद होने से बढ़ी परेशानी

किसानों के अनुसार पहले क्षेत्र में कई उपार्जन केंद्र संचालित होते थे, जिससे भीड़ कम रहती थी।

दूर-दूर से आ रहे किसान

अब कई केंद्र बंद हो जाने के कारण किसानों को 40 से 50 किलोमीटर दूर से साइलो केंद्र तक आना पड़ रहा है।इससे उनका परिवहन खर्च और समय दोनों बढ़ गए हैं।

किसान यूनियन प्रदेश अध्यक्ष ने जताई नाराजगी

कवि देव सिंह गुर्जर ने मौके पर पहुंचकर किसानों की समस्याओं को गंभीर बताया।उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए कई दिनों तक परेशान होना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

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शासन की व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

किसान नेता ने कहा कि यदि समय रहते उचित व्यवस्थाएं की जातीं तो किसानों को इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।उन्होंने शासन से जल्द समाधान निकालने की मांग की।

किसानों ने सरकार से की बड़ी मांग

साइलो केंद्र किसान समस्या नागदा को लेकर किसानों ने शासन और प्रशासन से कई मांगें रखीं।

अतिरिक्त उपार्जन केंद्र शुरू करने की मांग

किसानों ने कहा कि भीड़ कम करने के लिए अतिरिक्त उपार्जन केंद्र खोले जाएं।

तुलाई प्रक्रिया तेज करने की मांग

किसानों ने तुलाई की प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित करने की मांग की ताकि उन्हें कई दिनों तक इंतजार न करना पड़े।

ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों की कठिनाई

ग्रामीण इलाकों से आने वाले किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।

आने-जाने में हो रही समस्या

किसानों ने बताया कि रोजाना गांव से केंद्र तक आना-जाना बेहद मुश्किल और खर्चीला साबित हो रहा है।कई किसानों को ट्रॉली के साथ साइलो केंद्र पर ही रात गुजारनी पड़ रही है।

कृषि व्यवस्था और प्रबंधन पर सवाल

साइलो केंद्र किसान समस्या Nagda ने कृषि उपार्जन व्यवस्था और प्रबंधन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों की संख्या और उपज को देखते हुए पहले से बेहतर योजना बनाई जानी चाहिए थी।

समय पर समाधान जरूरी

यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक प्रभावित हो सकती है।

निष्कर्ष

नागदा के बोरखेड़ा पित्रामल स्थित साइलो केंद्र पर किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।साइलो केंद्र किसान समस्या Nagdaअब केवल उपज तुलाई की समस्या नहीं बल्कि किसानों की आर्थिक और मानसिक चिंता का बड़ा कारण बन चुकी है।

किसानों और किसान यूनियन ने शासन से मांग की है कि जल्द प्रभावी कदम उठाकर उपार्जन व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके।

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