मातृ शक्ति सम्मान Indore कार्यक्रम में समाज की प्रेरणादायी माताओं को संघर्ष, शिक्षा, सेवा और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया।
मातृ शक्ति सम्मान Indore समारोह में प्रेरणादायी माताओं को मिला सम्मान
इंदौर। मातृ शक्ति सम्मान Indore कार्यक्रम मातृत्व, संघर्ष, सेवा और प्रेरणा का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। मातृ दिवस के पावन अवसर पर शांति अवेदना ट्रस्ट, ICSR, IIPO और MPVHA के संयुक्त तत्वावधान में समाज की ग्यारह प्रेरणादायी मातृ शक्तियों का सम्मान किया गया।
इस विशेष समारोह का उद्देश्य उन माताओं को सम्मानित करना था, जिन्होंने परिवार, समाज, शिक्षा, चिकित्सा, साहित्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देते हुए अपनी अलग पहचान बनाई है।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने मातृत्व को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए सभी सम्मानित महिलाओं के संघर्ष और उपलब्धियों को प्रेरणादायी बताया।
मातृ शक्ति सम्मान Indore कार्यक्रम का उद्देश्य
मातृ शक्ति सम्मान Indore कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को सम्मानित करना था, जो अपने परिवार और समाज के लिए निस्वार्थ भाव से कार्य करती हैं।समारोह मातृत्व, संघर्ष, सेवा, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व को समर्पित रहा।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, चिकित्सक, शिक्षाविद् और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
अतिथियों ने मातृत्व को बताया समाज की शक्ति
सम्मान समारोह वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एम.एस. गुजराल की अध्यक्षता एवं डॉ. एस.एस. नैय्यर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।कार्यक्रम में डॉ. राजीव चौधरी (राजस आई हॉस्पिटल) और डॉ. विजय छजलानी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
डॉ. गुजराल ने कही प्रेरक बात
डॉ. एम.एस. गुजराल ने अपने संबोधन में कहा कि सम्मानित की गई सभी मातृ शक्तियां समाज के लिए जीवंत प्रेरणा हैं।उन्होंने कहा कि शिक्षा, चिकित्सा, साहित्य और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में इन महिलाओं का संघर्ष और समर्पण अत्यंत प्रेरणादायक है।
सम्मानित मातृ शक्तियों की प्रेरक यात्रा
मातृ शक्ति सम्मान Indore समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर डॉ. उषा गौर ने किया।
शिक्षा, साहित्य और सेवा की मिसाल बनी महिलाएं
डॉ. पद्मा सिंह – साइलेंट वारियर सम्मान
वरिष्ठ साहित्यकार और शिक्षाविद् डॉ. पद्मा सिंह को हिंदी भाषा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए सम्मानित किया गया।23 पुस्तकों की लेखिका डॉ. सिंह ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में ‘भाषा प्रयोगशाला’ का निर्माण कर शोध और संस्कृति को नई दिशा दी।
श्रीमती माना कौल – Unbreakable Strength Award
कठिन परिस्थितियों में परिवार को संभालने के लिए श्रीमती माना कौल को सम्मानित किया गया।उनके बड़े बेटे मानस सफल व्यवसायी हैं जबकि छोटे बेटे मानव कौल विख्यात अभिनेता, लेखक और निर्देशक हैं।
डॉ. रीता जैन – मोटिवेटिंग मदर अवार्ड
डॉ. रीता जैन, जो चोइथराम महाविद्यालय की प्राचार्य और जीवाश्मविज्ञानी हैं, उन्हें शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नवाचार के लिए सम्मानित किया गया।उन्होंने अपने घर पर जीवाश्म म्यूजियम बनाकर समाज को नई दिशा दी है।
सामाजिक उत्तरदायित्व और मातृत्व का संगम
श्रीमती नीता वैष्णव – Fighter Mother
एक सिंगल मदर के रूप में सामाजिक सेवा और एनजीओ प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए श्रीमती नीता वैष्णव को सम्मानित किया गया।
श्रीमती रेनू जयसिंघानी – Golden Heart Award
अंगदान जागरूकता और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की सहायता के लिए श्रीमती रेनू जयसिंघानी को सम्मानित किया गया।
डॉ. ऊर्विजा चौधरी – Supermom
सफल नेत्र रोग विशेषज्ञ होने के साथ मातृत्व और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने के लिए डॉ. ऊर्विजा चौधरी को सम्मानित किया गया।
संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायी कहानियां
प्रतीक्षा पाठक – Warrior Mother
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को हराकर सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देने वाली प्रतीक्षा पाठक की कहानी ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।
सोनाली वास्केल – Wonderful Mother Award
पुलिस अधिकारी के रूप में देश सेवा, पीएचडी की उपलब्धि और बच्चों की जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाने के लिए सोनाली वास्केल को सम्मानित किया गया।
श्रीमती रेखा किल्लेदार – Inspiring Mother Award
शिक्षा, संगीत और संस्कारों के माध्यम से नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए श्रीमती रेखा किल्लेदार को सम्मानित किया गया।
श्रीमती मीनाक्षी अग्रवाल – Outstanding Mother Award
स्वच्छ भारत मिशन और कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सामाजिक योगदान देने के लिए श्रीमती मीनाक्षी अग्रवाल को सम्मानित किया गया।
प्रो. डॉ. उषा गौर – Lifetime Love Award
37 वर्षों की शासकीय सेवा और सेवानिवृत्ति के पश्चात निरंतर साहित्यिक सृजन के लिए प्रो. डॉ. उषा गौर को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
मातृत्व और राष्ट्र निर्माण पर विशेष संदेश
मातृ शक्ति सम्मान Indore कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मातृत्व केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति है।कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि समाज को आगे बढ़ाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम का भावनात्मक समापन
समारोह के समापन पर सभी अतिथियों और आयोजकों ने सम्मानित माताओं को शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम भावनात्मक माहौल में संपन्न हुआ और उपस्थित लोगों ने महिलाओं के संघर्ष, सेवा और समर्पण को सलाम किया।
निष्कर्ष
मातृ शक्ति सम्मान Indore कार्यक्रम समाज में महिलाओं की भूमिका, संघर्ष और योगदान को सम्मान देने वाला प्रेरणादायी आयोजन बनकर सामने आया।सम्मानित माताओं की कहानियों ने यह साबित किया कि मातृत्व केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है।


