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Nagda : महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर नागदा में भव्य आयोजन, पंचामृत अभिषेक और माल्यार्पण के साथ दी श्रद्धांजलि

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Published On: 9 May 2026
Nagda : महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर नागदा में भव्य आयोजन, पंचामृत अभिषेक और माल्यार्पण के साथ दी श्रद्धांजलि

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महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर नागदा में भव्य आयोजन, पंचामृत अभिषेक और माल्यार्पण के साथ दी श्रद्धांजलि

Nagda जंक्शन में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जन्म जयंती श्रद्धा, सम्मान और गौरव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बस स्टैंड चौराहे स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पंचामृत से अभिषेक किया गया और माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य केवल महाराणा प्रताप की जयंती मनाना ही नहीं, बल्कि उनके त्याग, वीरता और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को समाज तक पहुंचाना भी रहा।

पंचामृत अभिषेक से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा नागदा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप की प्रतिमा के अभिषेक से हुई। समाजजनों ने जल, दुग्ध, गौमूत्र और गंगाजल से प्रतिमा का पंचामृत अभिषेक किया।

इसके बाद पुष्पमालाएं अर्पित कर वीर शासक को नमन किया गया। पूरे आयोजन के दौरान महाराणा प्रताप अमर रहें और भारत माता की जय जैसे नारों से वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत दिखाई दिया।

महाराणा प्रताप के आदर्शों को याद किया

कार्यक्रम में वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के संघर्ष, स्वाभिमान और राष्ट्ररक्षा के योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महान योद्धा थे जिन्होंने अपने जीवन में कभी भी आत्मसमर्पण नहीं किया।

उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी मातृभूमि की रक्षा को सर्वोपरि रखा और स्वतंत्रता, सम्मान तथा स्वाभिमान के लिए संघर्ष करते रहे।

समाजजनों ने कहा कि आज के युवाओं को महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।

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राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भेरूसिंह चौहान का संबोधन

कार्यक्रम में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भेरूसिंह चौहान ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने देश और विदेश में रहने वाले सभी भारतीयों को महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती की शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप केवल राजपूत समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।

ठाकुर भेरूसिंह चौहान ने समाज में एकता पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में सभी सवर्ण समाजों को एकजुट होकर सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के लिए कार्य करना चाहिए।

सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी बोले वक्ता

अपने संबोधन के दौरान ठाकुर भेरूसिंह चौहान ने यूजीसी से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को आगाह किया। उन्होंने कहा कि समाज में जातीय भेदभाव को बढ़ावा देने वाली नीतियों से सामाजिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।

उन्होंने आग्रह किया कि देश में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी वर्गों को साथ लेकर चलना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि “जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई” जैसे संदेशों को व्यवहार में लाने की आवश्यकता है।

बड़ी संख्या में समाजजन रहे मौजूद

महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम में समाज के कई वरिष्ठ और युवा सदस्य शामिल हुए। प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में—

  • कुबेर सिंह पंवार
  • युवराज सिंह पंवार
  • सुरेंद्र सिंह सोनगरा
  • लाल सिंह
  • शैलेन्द्र सिंह चौहान
  • जीवन सिंह तंवर
  • गजराज सिंह पंवार
  • राजेंद्र सिंह झाला
  • अजय सिंह चौहान
  • संजय सिंह झाला
  • रघुवीर सिंह चंद्रावत
  • भूपेंद्र सिंह देवड़ा
  • सुमित सिंह तंवर
  • सुरेंद्र सिंह तंवर
  • मोहन सिंह
  • भावेश सिंह चौहान
  • प्रेम कुंवर चंद्रावत
  • पिंकी शेखावत
  • सीमा कंवर

सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।

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युवाओं को दिया गया प्रेरणा संदेश

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे भारतीय इतिहास के गौरवशाली नायकों के जीवन को पढ़ें और उनके आदर्शों को अपनाएं।

उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष, अनुशासन और देशभक्ति की ऐसी मिसाल है, जो आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करती रहेगी।

सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश

इस आयोजन के माध्यम से सामाजिक एकता और सांस्कृतिक गौरव का संदेश भी दिया गया। समाजजनों ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपने इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं।

महाराणा प्रताप जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान की भावना को मजबूत करने का अवसर है।

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नगर अध्यक्ष ने दी जानकारी

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के नगर अध्यक्ष बजरंग सिंह चौहान ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि संगठन हर वर्ष महाराणा प्रताप जयंती को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाता है।

उन्होंने कहा कि समाज को संगठित करना और युवाओं में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करना संगठन का प्रमुख उद्देश्य है।

निष्कर्ष

नागदा में आयोजित महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती का यह कार्यक्रम श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आया। पंचामृत अभिषेक, माल्यार्पण और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत संबोधनों ने आयोजन को विशेष बना दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने और समाज में एकता बनाए रखने का संकल्प लिया।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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