Gwalior Engineers Suspended: सीवेज लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, 4 इंजीनियर सस्पेंड,
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में नगर निगम और पीएचई विभाग की लापरवाही पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। सीवेज और पेयजल परियोजनाओं में गंभीर अनियमितताओं के चलते ईई संजीव कुमार गुप्ता सहित कुल 4 इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे के निरीक्षण और सख्त निर्देशों के बाद की गई।
ACS ने साफ चेतावनी दी है कि अगर बारिश के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति बनती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR तक दर्ज कराई जाएगी।
निरीक्षण में सामने आई गंभीर लापरवाही
शुक्रवार, 8 मई को ACS संजय दुबे ने ग्वालियर में सीवरेज और पेयजल परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ नगर निगम आयुक्त संकेत भोंडवे भी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान जीवाजीगंज क्षेत्र में स्थिति बेहद खराब पाई गई:
- नालों में गंदगी और मिट्टी भरी हुई थी
- सफाई कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा था
- सीवरेज सिस्टम में कई जगह खामियां मिलीं
ACS ने मौके पर ही अधिकारियों से पूछा कि सफाई कब तक पूरी होगी। इस पर पीएचई इंजीनियरों ने 10 जून तक का समय मांगा, जिससे वे नाराज हो गए।
ACS की सख्त चेतावनी: “बारिश में शहर डूबा तो FIR होगी”
निरीक्षण के दौरान ACS संजय दुबे ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि:
- यदि बारिश में ग्वालियर में जलभराव हुआ
- या सीवरेज सिस्टम फेल हुआ
- तो संबंधित इंजीनियरों और अधिकारियों पर FIR दर्ज कराई जाएगी
उन्होंने कहा कि शहर की स्थिति को हल्के में लेना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई?
निरीक्षण और समीक्षा के बाद कुल 4 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई:
सस्पेंड किए गए अधिकारी:
- संजीव कुमार गुप्ता (ईई, नगर निगम/पीएचई)
- पीयूष गुप्ता (सब इंजीनियर, भितरवार)
अन्य कार्रवाई:
- यशवंत राठौर (सीएमओ, बड़ौनी) – निलंबन के निर्देश
- अवतार सिंह सेंगर (सीएमओ, अकोड़ा) – स्वास्थ्य कारणों से अटैच
इस कार्रवाई के बाद विभागों में हड़कंप मच गया है।
बैठक में भी दिखी सख्ती
ACS संजय दुबे ने बाल भवन में अधिकारियों की एक समीक्षा बैठक भी ली। इस दौरान नगर निगम के अपर आयुक्त मुनीष सिंह सिकरवार की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई गई।
उन्होंने साफ कहा कि काम में लापरवाही और जिम्मेदारी से बचना अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सीवरेज प्रोजेक्ट में बड़ी खामियां
निरीक्षण में यह सामने आया कि:
- सीवरेज लाइन का निर्माण अधूरा है
- कई जगह लाइनें क्षतिग्रस्त हैं
- नालों की सफाई समय पर नहीं हो रही
- ठेकेदार एजेंसियां धीमी गति से काम कर रही हैं
PWD अधिकारियों ने भी स्वीकार किया कि मौजूदा एजेंसी काम को ठीक से नहीं संभाल पा रही है।
नई एजेंसी पर भी विचार
PWD अधिकारियों ने सुझाव दिया कि:
- वर्तमान एजेंसी को हटाया जाए
- नई एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाए
ACS ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए 2 दिन के भीतर नई एजेंसी पर रिपोर्ट मांगी है।
ग्वालियर की स्थिति पर प्रशासन चिंतित
ACS संजय दुबे ने कहा कि ग्वालियर में स्थिति सुधारना एक बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा:
- शहर की ड्रेनेज व्यवस्था कमजोर है
- समय पर काम नहीं हो रहा
- विभागों में समन्वय की कमी है
- जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है
बारिश से पहले अलर्ट मोड
मानसून से पहले प्रशासन ने शहर को लेकर अलर्ट जारी किया है। ACS ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि:
- नालों की सफाई तेजी से पूरी की जाए
- सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त किया जाए
- जलभराव रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं
- लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई होगी
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
ग्वालियर के लोगों का कहना है कि:
- हर साल बारिश में जलभराव की समस्या होती है
- सीवरेज सिस्टम ठीक नहीं है
- कई इलाकों में गंदगी और जाम की स्थिति बनी रहती है
लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि अब हालात सुधरेंगे।
निष्कर्ष
ग्वालियर में हुई यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई साफ संकेत देती है कि सरकार अब सीवरेज और नगरीय विकास कार्यों में लापरवाही को लेकर बेहद सख्त हो गई है। 4 इंजीनियरों का सस्पेंशन और FIR की चेतावनी से विभागों में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले दिनों में ग्वालियर की सीवरेज और ड्रेनेज व्यवस्था में कितना सुधार होता है और क्या शहर बारिश के दौरान जलभराव से बच पाता है या नहीं।
