Bhopal Tiger Movement: बैरसिया रोड के 7 गांवों में टाइगर की दहशत,
राजधानी Bhopal के बैरसिया रोड क्षेत्र में टाइगर की लगातार मौजूदगी और मूवमेंट से आसपास के 7 गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पिछले 10 दिनों में टाइगर ने 5 गाय और भैंसों का शिकार कर लिया है, जिसके बाद ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि डर के कारण उन्होंने अब रात के समय अपने आने-जाने का रास्ता बदल लिया है। पहले जो सामान्य मार्ग था, उसे छोड़कर लोग अब 5 से 6 किलोमीटर लंबा वैकल्पिक रास्ता इस्तेमाल कर रहे हैं।
रात में सक्रिय हो रहा टाइगर, मवेशियों को बना रहा शिकार
स्थानीय लोगों के अनुसार टाइगर मुख्य रूप से रात के समय सक्रिय रहता है और उसी दौरान शिकार करता है। इस वजह से ग्रामीणों ने रात में खेतों में जाना लगभग बंद कर दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि:
- रात में जंगल और खेतों की ओर जाना खतरे से खाली नहीं
- टाइगर गांव के आसपास लगातार मूवमेंट कर रहा है
- मवेशियों पर हमले की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं
10 दिनों में 5 मवेशियों का शिकार
पिछले 10 दिनों के भीतर टाइगर ने अब तक:
- 5 गाय और भैंसों का शिकार किया है
- कई बार गांव के किनारे तक पहुंचने के संकेत मिले हैं
- खलिहानों और खुले इलाकों में बंधे मवेशियों को निशाना बनाया है
इससे पशुपालकों को भारी नुकसान हुआ है और ग्रामीणों में डर बढ़ गया है।
7 गांवों में फैली दहशत
बैरसिया रोड के आसपास स्थित लगभग 7 गांवों में टाइगर की मौजूदगी को लेकर भय का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि:
- बच्चे और बुजुर्ग शाम के बाद घरों से बाहर नहीं निकल रहे
- खेतों में काम करने का समय सीमित कर दिया गया है
- रात के समय गांवों में सन्नाटा पसरा रहता है
वन विभाग की टीम को नहीं मिला कोई सुराग
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सर्चिंग अभियान चलाया गया, लेकिन अब तक टाइगर का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल पाया है।
वन विभाग की टीम ने:
- जंगल और आसपास के क्षेत्रों में सर्चिंग की
- ट्रैकिंग के प्रयास किए
- कैमरा ट्रैप लगाने की तैयारी की
लेकिन अभी तक टाइगर की लोकेशन स्पष्ट नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों की शिकायत: पहाड़ी और नदी किनारे से आ रहा टाइगर
ग्रामीणों का कहना है कि टाइगर संभवतः:
- पहाड़ी इलाकों से गांव की ओर आता है
- नदी किनारे के रास्तों का उपयोग करता है
- रात में खुले खेतों और खलिहानों तक पहुंच जाता है
इसी वजह से उसका मूवमेंट ट्रैक करना मुश्किल हो रहा है।
मवेशियों को बनाया जा रहा आसान शिकार
गांवों में मवेशी अक्सर:
- खुले में या खलिहानों के पास बांधे जाते हैं
- रात में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर रहती है
- जंगल से सटे इलाकों में आसानी से पहुंच हो जाती है
इसी कारण टाइगर लगातार इन्हें निशाना बना रहा है।
ग्रामीणों ने बदला रास्ता, बढ़ी दूरी और परेशानी
डर के कारण ग्रामीणों ने अपने दैनिक आवागमन का रास्ता बदल लिया है।
अब स्थिति यह है कि:
- पहले का छोटा रास्ता पूरी तरह छोड़ दिया गया है
- लोग अब 5 से 6 किलोमीटर लंबा रास्ता अपनाने को मजबूर हैं
- रात के समय आवाजाही लगभग बंद हो चुकी है
इससे स्थानीय लोगों की परेशानी काफी बढ़ गई है।
बच्चों और किसानों में डर का माहौल
टाइगर मूवमेंट की वजह से सबसे ज्यादा असर:
- किसानों पर पड़ा है, जो खेतों में नहीं जा पा रहे
- बच्चों पर पड़ा है, जिनकी आवाजाही सीमित हो गई है
- पशुपालकों पर पड़ा है, जिन्हें मवेशियों की सुरक्षा की चिंता है
वन विभाग पर बढ़ा दबाव
लगातार घटनाओं के बाद वन विभाग पर टाइगर को ट्रैक करने और पकड़ने का दबाव बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि:
- कैमरा ट्रैप और ड्रोन निगरानी बढ़ानी होगी
- गांवों के आसपास अलर्ट सिस्टम लगाना होगा
- मवेशियों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था करनी होगी
प्रशासन की अपील
वन विभाग और प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि:
- रात के समय अकेले बाहर न निकलें
- मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखें
- किसी भी संदिग्ध मूवमेंट की सूचना तुरंत दें
निष्कर्ष
भोपाल के बैरसिया रोड क्षेत्र में टाइगर की लगातार मौजूदगी ने 7 गांवों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पिछले 10 दिनों में 5 मवेशियों के शिकार और लगातार मूवमेंट ने ग्रामीणों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है।
वन विभाग की सर्चिंग के बावजूद अब तक टाइगर का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे चिंता और बढ़ गई है। फिलहाल ग्रामीण डर के साये में जीने को मजबूर हैं और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
