—Advertisement—

8 May Petrol Diesel Price: वैश्विक तनाव के बीच कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव, लेकिन घरेलू बाजार में स्थिरता बरकरार

Author Picture
Published On: 8 May 2026
8 May Petrol Diesel Price
— 8 मई को पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, लेकिन मध्य-पूर्व तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से आगे बढ़ी चिंता।

—Advertisement—

8 May Petrol Diesel Price: वैश्विक तनाव के बीच कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव, लेकिन घरेलू बाजार में स्थिरता बरकरार

8 May Petrol Diesel Price: भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह का बदलाव नहीं देखा गया है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (IOC, BPCL और HPCL) ने आज भी ईंधन की दरों को स्थिर रखा है। यह स्थिति ऐसे समय में बनी हुई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

पश्चिम एशिया में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। इस भू-राजनीतिक संघर्ष के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है, वहां संभावित बाधाओं की आशंका ने बाजार को अस्थिर कर दिया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की स्थिति

वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें हाल ही में 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से मध्य-पूर्व में जारी तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में संभावित बाधाओं की आशंका के कारण हुई है। निवेशक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि यदि क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़ता है तो तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतों में और तेजी आ सकती है।

कच्चे तेल की कीमतों में यह अस्थिरता सीधे तौर पर वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है, क्योंकि ऊर्जा लागत बढ़ने से परिवहन, उत्पादन और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर असर पड़ता है।

भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर

वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। तेल विपणन कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे ईंधन की कीमतों की समीक्षा करती हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और मुद्रा विनिमय दरों के आधार पर समायोजित करती हैं।

आज देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछले कई दिनों से स्थिर बनी हुई हैं। इसका कारण यह है कि घरेलू बाजार में सरकार और तेल कंपनियां फिलहाल कीमतों में अचानक बदलाव से बचने की नीति अपना रही हैं, ताकि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।

प्रमुख शहरों में पेट्रोल के दाम

देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर बनी हुई है। कोलकाता में यह ₹105.41, मुंबई में ₹103.54 और चेन्नई में ₹100.84 प्रति लीटर दर्ज की गई है।

गुड़गांव में पेट्रोल ₹95.65, नोएडा में ₹94.88, बेंगलुरु में ₹102.92 और भुवनेश्वर में ₹101.35 प्रति लीटर मिल रहा है। वहीं चंडीगढ़ में यह ₹94.30, हैदराबाद में ₹107.46, जयपुर में ₹104.72, लखनऊ में ₹94.69, पटना में ₹105.23 और तिरुवनंतपुरम में ₹107.33 प्रति लीटर पर स्थिर है।

डीजल की कीमतें भी स्थिर

डीजल की कीमतों में भी किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है। मुंबई में डीजल ₹90.03 प्रति लीटर, चेन्नई में ₹92.39, गुड़गांव में ₹88.10 और नोएडा में ₹87.98 प्रति लीटर है।

बेंगलुरु में डीजल ₹90.99, भुवनेश्वर में ₹92.92, चंडीगढ़ में ₹82.45, हैदराबाद में ₹95.70 और जयपुर में ₹90.21 प्रति लीटर दर्ज किया गया है। लखनऊ में डीजल ₹87.81, पटना में ₹91.49 और तिरुवनंतपुरम में ₹96.21 प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है।

कीमतें स्थिर रहने के पीछे कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रखने के पीछे कई कारण हैं। पहला कारण यह है कि सरकार और तेल कंपनियां आम जनता पर महंगाई का सीधा असर कम करना चाहती हैं।

दूसरा कारण यह है कि पिछले कुछ समय में घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों में पर्याप्त संतुलन बनाया गया है, जिससे फिलहाल बड़े बदलाव की आवश्यकता नहीं पड़ी है। इसके अलावा रुपये और डॉलर के बीच विनिमय दर भी कीमतों को प्रभावित करती है।

कच्चे तेल में तेजी की वजह

कच्चे तेल की कीमतों में हालिया तेजी के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद ने ऊर्जा बाजार को अस्थिर कर दिया है।

होर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया का एक महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है, वहां किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। इसी आशंका के चलते तेल की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है।

निष्कर्ष

फिलहाल भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रहे उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव भविष्य में ईंधन की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

आने वाले दिनों में वैश्विक परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि इसका सीधा असर भारत सहित दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp