जल संकट से बेहाल Indore: सूखे बोरिंग, टैंकरों पर निर्भर हुए लोग, 700 से 1000 रुपये में खरीदना पड़ रहा पानी
Indore शहर एक बार फिर भीषण जल संकट की चपेट में है। गर्मी की शुरुआत के साथ ही कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। स्थिति यह है कि जहां पहले मई के दूसरे पखवाड़े में नलकूपों का जलस्तर गिरने के बाद संकट महसूस होता था, वहीं इस बार अप्रैल महीने से ही हालात गंभीर हो गए हैं। शहर के कई क्षेत्रों में बोरिंग पूरी तरह सूख चुके हैं और लोग पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं।
नगर निगम द्वारा 650 टैंकर चलाने के दावे के बावजूद जमीनी हकीकत अलग है। कई रहवासी क्षेत्रों में समय पर टैंकर नहीं पहुंच रहे, जिससे लोगों को मजबूरी में निजी टैंकर बुलाने पड़ रहे हैं। निजी टैंकर संचालक एक बार पानी देने के लिए 700 से 1000 रुपये तक वसूल रहे हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।
टैंकरों पर बढ़ती निर्भरता, फिर भी नहीं मिल रहा पर्याप्त पानी
Indore शहर के कई इलाकों में हालात इतने खराब हैं कि जहां सरकारी टैंकर पहुंचते भी हैं, वहां लोगों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है। कई बार घंटों इंतजार के बाद भी पानी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता। इस वजह से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
नगर निगम का दावा है कि शहर में पर्याप्त संख्या में टैंकरों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन शिकायतें लगातार मिल रही हैं कि कई इलाकों में टैंकरों की आवाजाही बेहद कम है या पूरी तरह बंद है।
नर्मदा लाइन से वंचित इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित
जल संकट की सबसे बड़ी वजह उन इलाकों में देखने को मिल रही है जहां नर्मदा जल वितरण लाइन नहीं पहुंची है। ऐसे क्षेत्रों में बोरिंग ही पानी का मुख्य स्रोत थे, लेकिन अब वे भी सूख चुके हैं।
महालक्ष्मी नगर, निपानिया, पालदा, खजराना, लसूड़िया, बांगड़दा, न्याय नगर, विनय नगर, छोटा बांगड़दा, मानवता नगर और अन्य कई कॉलोनियों में पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। इन इलाकों में लोग पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर हैं।
कृष्णबाग में गंदे पानी की समस्या
कृष्णबाग क्षेत्र में स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां नर्मदा जल की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण घरों में गंदा पानी आ रहा है। कई बार शुरुआती 10 मिनट तक गंदा पानी आने की शिकायत मिल रही है। साथ ही सार्वजनिक बोरिंग भी बंद पड़े हैं, जिससे संकट और बढ़ गया है।
रहवासियों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद नगर निगम की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
तालाब किनारे की कॉलोनियों में भी संकट
खंडवा रोड स्थित छोटा और बड़ा बिलावली तालाब के आसपास की कॉलोनियों में भी हालात गंभीर हैं। श्रीयंत्र नगर सेक्टर-सी जैसे इलाकों में आधे से ज्यादा बोरवेल सूख चुके हैं। लोग निजी टैंकरों से पानी खरीदकर दैनिक जरूरतें पूरी करने को मजबूर हैं।
मध्य क्षेत्र में भी पानी की कमी
Indore के मध्य हिस्सों में भी जल संकट गहराता जा रहा है। जूना रिसाला, चंदन नगर, सिकंदराबाद और इंदिरा नगर जैसे क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति अनियमित है। कई इलाकों में बोरिंग सूखने की वजह से समस्या और बढ़ गई है।
नगर निगम का दावा और लोगों की शिकायतें
नगर निगम का कहना है कि जहां से भी पानी की कमी की शिकायतें मिलती हैं, वहां टैंकर भेजे जा रहे हैं। निगमायुक्त के अनुसार, व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।
हालांकि, जमीनी स्तर पर लोग इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं और लगातार बेहतर समाधान की मांग कर रहे हैं।
निष्कर्ष
Indore में जल संकट तेजी से गंभीर होता जा रहा है। सूखे बोरिंग, अनियमित टैंकर सेवा और बढ़ती मांग ने हालात मुश्किल बना दिए हैं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी विकराल हो सकती है।
