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Jabalpur क्रूज हादसा: लापरवाही, SOP की कमी और मौसम अलर्ट की अनदेखी बनी 13 मौतों की वजह, MP पर्यटन विभाग पर उठे सवाल

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Published On: 4 May 2026
Jabalpur
— जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल—13 लोगों की मौत के बाद पर्यटन विभाग पर उठे गंभीर सवाल,

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Jabalpur क्रूज हादसा: लापरवाही, SOP की कमी और मौसम अलर्ट की अनदेखी बनी 13 मौतों की वजह, MP पर्यटन विभाग पर उठे सवाल

मध्य प्रदेश के Jabalpur जिले के पास स्थित बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को हुए इस दर्दनाक हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई पहलुओं पर जांच जारी है। हादसे के बाद मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग और पर्यटन निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

हादसे ने खोली सिस्टम की पोल

इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। शुरुआती जांच और रिपोर्टों के अनुसार, क्रूज संचालन के दौरान न तो मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लिया गया और न ही किसी स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन किया गया।

जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में जल पर्यटन के लिए क्रूज सेवाएं तो संचालित की जा रही थीं, लेकिन इनके संचालन के लिए कोई ठोस और लिखित एसओपी मौजूद नहीं थी। इसी कमी को हादसे की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।

मौसम अलर्ट की अनदेखी का आरोप

Jabalpur हादसे के समय मौसम में अचानक बदलाव हुआ था, जिससे तेज हवाएं और असंतुलित परिस्थितियां बन गईं। हालांकि, पर्यटन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि उस समय मौसम सामान्य था और बाद में अचानक बदलाव हुआ।

वहीं दूसरी ओर यह भी सामने आया है कि क्रूज संचालन से पहले मौसम अलर्ट को गंभीरता से जांचने की कोई मजबूत व्यवस्था मौजूद नहीं थी। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (भारतीय मौसम विज्ञान विभाग) द्वारा जारी चेतावनियों को स्थानीय स्तर पर सही ढंग से लागू नहीं किया गया।

लाइफ जैकेट और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

सबसे बड़ा विवाद क्रूज में सुरक्षा उपकरणों को लेकर भी सामने आया है। पर्यटन विभाग के सलाहकार राजेंद्र निगम ने दावा किया कि क्रूज में लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं था, जबकि स्पीड बोट और पैडल बोट के लिए यह नियम लागू होता है।

उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था का पालन किया जाता है और जरूरत पड़ने पर ही लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन हादसे के दौरान सामने आए वीडियो और रिपोर्ट्स में कई पर्यटक बिना लाइफ जैकेट के नजर आए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं।

मौसम विभाग की स्थिति

मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वे किसी विशेष क्रूज या निजी संचालन के लिए अलग से अलर्ट जारी नहीं करते। अलर्ट सभी संबंधित विभागों को सामान्य रूप से भेजा जाता है, जिसके आधार पर स्थानीय स्तर पर निर्णय लिया जाता है।

इस स्थिति में सवाल यह उठता है कि यदि अलर्ट मौजूद था, तो उसे लागू क्यों नहीं किया गया और यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई।

पर्यटन विभाग का बचाव और विरोधाभासी बयान

पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पहले सामान्य मौसम था और बाद में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया, जिसमें संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं होता बल्कि सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। उनका दावा है कि अचानक मौसम बदलने से यह दुर्घटना हुई।

हालांकि, यह बयान कई सवालों को जन्म देता है क्योंकि यदि मौसम खराब होने की संभावना थी, तो क्रूज संचालन को रोकने की जिम्मेदारी किसकी थी?

मृतकों की संख्या 13 पहुंची, रेस्क्यू ऑपरेशन बंद

रविवार को बचाव दल ने बरगी डैम से दो और शव बरामद किए, जिसके बाद मृतकों की कुल संख्या 13 हो गई। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन को समाप्त कर दिया गया है। मृतकों में आर. कामराज और उनके भतीजे मयूरन भी शामिल हैं।

इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और स्थानीय लोग प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं।

पर्यटन मंत्री ने मानी लापरवाही

मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने इस हादसे को गंभीर लापरवाही का परिणाम माना है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में कई स्तरों पर खामियां सामने आई हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सभी क्रूज संचालन फिलहाल रोक दिए गए हैं।

मंत्री ने घोषणा की कि एक सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसके आधार पर नई SOP (Standard Operating Procedure) जारी की जाएगी।

भविष्य में सुधार की बात

मंत्री के अनुसार, हादसे के बाद पर्यटन विभाग अब सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ पर्यटक वीडियो में बिना लाइफ जैकेट के दिखाई दिए, जो गंभीर चूक है।

सरकार का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमों को और सख्त किया जाएगा और सभी जल पर्यटन गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी।

निष्कर्ष

Jabalpur बरगी डैम क्रूज हादसा न केवल एक दुखद घटना है, बल्कि यह प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को भी उजागर करता है। SOP की कमी, मौसम अलर्ट की अनदेखी और सुरक्षा नियमों में ढील इस हादसे के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद सरकार कितनी सख्ती से सुधारात्मक कदम उठाती है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।

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