Badawada पंचाह्निका प्रतिष्ठा महोत्सव 2026 में 1021 वर्ष प्राचीन श्री आदिनाथ प्रभु के दिव्य बिंबों की प्रतिष्ठा, भव्य आयोजन, इतिहास, कार्यक्रम और सम्पूर्ण जानकारी पढ़ें।
Badawada पंचाह्निका प्रतिष्ठा महोत्सव: भक्ति, श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम
बड़ावदा (ब्रजेश बोहरा)। Badawada पंचाह्निका प्रतिष्ठा महोत्सव जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक और अत्यंत गौरवशाली अवसर लेकर आ रहा है। यह महोत्सव न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह हजारों श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा, आस्था और धर्म साधना का केंद्र भी बनेगा।
नगर में जीर्णोद्धारित एवं नवनिर्मित शिखरबद्ध जिनालय में प्रथम तीर्थंकर भगवान श्री आदिनाथ प्रभु, अन्य जिनबिंबों एवं गुरु बिंबों की भव्य पंचाह्निका प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन 5 मई से 9 मई 2026 तक किया जाएगा। इस दिव्य आयोजन में देशभर के जैन श्रीसंघों को स्नेहपूर्वक आमंत्रित किया गया है।
आयोजन की विशेषताएं
Badawada पंचाह्निका प्रतिष्ठा महोत्सव में धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए विधिपूर्वक प्रतिष्ठा की जाएगी। यह आयोजन पुण्यसम्राट युगप्रभावक श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरीश्वरजी महाराजा के पट्टधर गच्छाधिपति श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. के सान्निध्य में संपन्न होगा।श्रावक-श्राविकाएं इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित करेंगे।
1021 वर्ष प्राचीन श्री आदिनाथ प्रभु की प्रतिमा का गौरवशाली इतिहास
Badawada स्थित श्री आदिनाथ जिन मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली रहा है। यह मंदिर लगभग 200 वर्ष से अधिक पुराना माना जाता है, लेकिन इसमें विराजमान भगवान श्री आदिनाथ दादा की प्रतिमा इससे भी कहीं अधिक प्राचीन है।विशेष तथ्य यह है कि यह दिव्य प्रतिमा मंदिर परिसर में स्थित एक प्राचीन कुएँ से प्राप्त हुई थी। इस प्रतिमा पर अंकित संवत् 1062 की अंजनशलाका यह प्रमाणित करती है कि यह प्रतिमा लगभग 1021 वर्ष पुरानी है।यह तथ्य इस तीर्थ की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक महत्ता को और अधिक बढ़ाता है।
कार्यक्रम की तिथियां और प्रमुख आयोजन
Badawada पंचाह्निका प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन निम्नानुसार होगा:
- 5 मई 2026 – महोत्सव शुभारंभ
- 8 मई 2026 (शुक्रवार) – मुख्य प्रतिष्ठा दिवस
- 9 मई 2026 – द्वार उद्घाटन समारोह
स्थान: जावरा-खाचरौद रोड, बड़ावदा स्थित नवीन जिनालय
आचार्य एवं साधु-साध्वी वृंद की पावन निश्रा
यह भव्य आयोजन आचार्य श्रीमद् विजय नित्यसेन सूरीश्वरजी म.सा. एवं अन्य श्रमण-श्रमणी मंडल की मंगलमयी निश्रा में आयोजित होगा।उनके सान्निध्य से यह आयोजन और अधिक दिव्यता एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण होगा।
जिनालय निर्माण और समाज का योगदान
इस भव्य जिनालय का निर्माण समाज की सामूहिक आस्था और समर्पण का परिणाम है।
- आयोजन: श्री सौधर्म बृहत्तपोगच्छीय त्रिस्तुतिक जैन श्रीसंघ, बड़ावदा
- विशेष योगदान: संघवी श्रीमती वालीबाई सागरमलजी छाजेड़ परिवार, पारा-झाबुआ
साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्रीजी म.सा. की प्रेरणा से इस जिनालय निर्माण का संकल्प लिया गया।
लोकार्पण समारोह की विशेष जानकारी
मीडिया प्रभारी शिरीष सकलेचा एवं रजत सांड के अनुसार:
- 🏢 श्री महावीर मंगल भवन
निर्माण: प्रोफेसर श्रीपाल मांगीलाल सकलेचा (इंदौर) - 🏢 श्री राज जयंत आराधना भवन
निर्माण: जयेश भाई कायरा परिवार, थराद, मुंबई
इन दोनों भवनों का लोकार्पण 5 मई 2026 को किया जाएगा।
आमंत्रण संदेश
स्व. श्रीसमरथमलजी-लीलाबाई सकलेचा परिवार, बड़ावदा द्वारा सभी श्रीसंघों को स्नेहपूर्ण आमंत्रण दिया गया है:“आपको भेजा स्नेह आमंत्रण, भाव से हमने बुलाया है।अवश्य अधिकाधिक संख्या में पधारकर धर्मलाभ प्राप्त करें।”
धार्मिक और सामाजिक महत्व
Badawada पंचाह्निका प्रतिष्ठा महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और एकता का संदेश भी देता है।यह आयोजन:
- धर्म और संस्कृति को मजबूत करता है
- युवा पीढ़ी को प्रेरित करता है
- सामाजिक समरसता को बढ़ावा देता है
निष्कर्ष
Badawada पंचाह्निका प्रतिष्ठा महोत्सव न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह समाज की आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक है। 1021 वर्ष प्राचीन श्री आदिनाथ प्रभु की दिव्य प्रतिमा इस आयोजन को ऐतिहासिक महत्व प्रदान करती है।यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा और बड़ावदा नगरी को धार्मिक मानचित्र पर एक विशेष स्थान दिलाएगा।

