Indore –पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमिपूजन कल, विकास को मिलेगी नई रफ्तार
Indore –पीथमपुर के बीच प्रस्तावित 20 किलोमीटर लंबे इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण को लेकर बड़ी तैयारी पूरी हो चुकी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को दोपहर 12 बजे सेक्टर-ए ग्राम नैनोद में करेंगे। इस परियोजना को मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास का गेमचेंजर माना जा रहा है।
75 मीटर चौड़ी सड़क और 300 मीटर का डेवलपमेंट जोन
इस कॉरिडोर के तहत नैनोद से सोनवाय गांव तक करीब 20 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। सड़क की चौड़ाई 75 मीटर होगी और इसके दोनों ओर 300-300 मीटर क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। इस पूरे क्षेत्र में वाणिज्यिक, आवासीय, सार्वजनिक उपयोग (PSP), लॉजिस्टिक और औद्योगिक गतिविधियों के लिए भूखंड विकसित किए जाएंगे।
326 करोड़ के पहले चरण से शुरू होगा काम
परियोजना के पहले चरण में लगभग 326.51 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उद्योग विभाग पहले ही इस परियोजना के लिए करीब 2160 करोड़ रुपये की मंजूरी दे चुका है, जबकि कुल लागत लगभग 2360 करोड़ रुपये अनुमानित है। इस योजना को मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPIDC) द्वारा विकसित किया जा रहा है।
17 गांवों की जमीन शामिल, अधिग्रहण तेज
इस परियोजना में Indore और पीथमपुर के 17 गांव शामिल किए गए हैं, जिनमें कोर्डियाबर्डी, नैनोद, रिजलाय, विसनावदा, नावदापंथ, श्रीराम तलावली, सिंदोड़ा, सिंदोड़ी, शिवखेड़ा, नरलाय, मोकलाय, डेहरी, सोनवाय, भैंसलाय, बागोदा, टीही और धन्नड़ शामिल हैं।
कुल 1300 हेक्टेयर जमीन अधिसूचित की गई है, जिसमें से 1179.89 हेक्टेयर प्लानिंग एरिया में शामिल होगी। लगभग 360 हेक्टेयर निजी जमीन के लिए सहमति मिल चुकी है, जबकि 170 हेक्टेयर सरकारी जमीन पहले ही हस्तांतरित हो चुकी है।
सड़क की संरचना और तकनीकी डिजाइन
इस कॉरिडोर में मौजूदा और नई ग्रीनफील्ड सड़क दोनों शामिल होंगी—
- 6.28 किमी: मौजूदा 75 मीटर चौड़ी सड़क
- 7.10 किमी: नई ग्रीनफील्ड सड़क
- 1.45 किमी: एनएच-52 से आगे का हिस्सा
- 5.45 किमी: राऊ–पीथमपुर 60 मीटर चौड़ी सड़क
सड़क के बीच में 4 मीटर का मीडियन छोड़ा जाएगा, ताकि भविष्य में मेट्रो या अन्य ट्रांसपोर्ट सिस्टम भी विकसित किया जा सके।
एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी
यह कॉरिडोर इंदौर एयरपोर्ट के आगे से शुरू होकर धार रोड को जोड़ते हुए पीथमपुर सेक्टर 6-7 तक जाएगा। इससे औद्योगिक क्षेत्र और एयरपोर्ट के बीच सीधा संपर्क बनेगा, जिससे लॉजिस्टिक सिस्टम और मजबूत होगा।
यात्रा का समय होगा आधा
फिलहाल इंदौर से पीथमपुर जाने में लगभग 1 घंटा लगता है, लेकिन इस कॉरिडोर के बनने के बाद यह समय घटकर 20 से 25 मिनट रह जाएगा। इससे उद्योगों, व्यापारियों और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
सिंहस्थ और औद्योगिक विकास को मिलेगा फायदा
यह कॉरिडोर सिंहस्थ 2027 के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे उज्जैन आने-जाने वाले वाहनों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही गुजरात और महाराष्ट्र से आने वाले यात्रियों को भी सीधा मार्ग मिलेगा।
सरकार का लक्ष्य: 2029 तक पूरा विकास
सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर 2027 तक भूमि अधिग्रहण पूरा हो जाए और जून 2029 तक पूरे कॉरिडोर का विकास कार्य पूरा कर लिया जाए। इसके बाद विकसित प्लॉट संबंधित भूमि स्वामियों को वापस सौंपे जाएंगे।
Indore–पीथमपुर बनेगा नया औद्योगिक हब
यह इकोनॉमिक कॉरिडोर न सिर्फ Indore और पीथमपुर की कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र को एक बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा। निवेश, रोजगार और विकास के नए अवसर इस परियोजना से तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
