Jabalpur में मानवता की मिसाल बना सेवा अभियान
Jabalpur (मध्यप्रदेश) में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी के बीच भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की जबलपुर टीम द्वारा एक प्रेरणादायक सेवा अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य केवल मानव सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि पशु-पक्षियों के जीवन की रक्षा और उन्हें गर्मी से राहत पहुंचाना भी है।
भीषण तापमान और लू के चलते जहां आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे प्रयास समाज में एक सकारात्मक संदेश दे रहे हैं कि सेवा केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति भी संवेदनशील होना आवश्यक है।
गर्मी में पानी की व्यवस्था बनी प्राथमिकता
ट्रस्ट द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी की व्यवस्था की गई है। विशेष रूप से उन स्थानों को चुना गया है जहां पशु-पक्षी और राहगीर अधिक संख्या में आते-जाते हैं।
इस अभियान के तहत—
- पशुओं के लिए पानी की नाद (पात्र) रखी गई हैं
- पक्षियों के लिए सकोरे लगाए गए हैं
- राहगीरों और श्रद्धालुओं के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था की गई है
यह पहल न केवल मानव जीवन को राहत दे रही है, बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी जीवनदायी साबित हो रही है, जो गर्मी में पानी की कमी से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।

ग्वारीघाट से शुरू हुआ सेवा कार्य
इस सेवा अभियान की शुरुआत ग्वारीघाट स्थित उमा घाट से की गई, जहां ट्रस्ट द्वारा स्वच्छता अभियान भी चलाया गया।
ग्वारीघाट नर्मदा नदी के किनारे स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं को भीषण गर्मी में ठंडा पानी उपलब्ध कराना इस अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
इस दौरान ट्रस्ट के सदस्यों ने घाट की सफाई कर यह संदेश भी दिया कि सेवा कार्य केवल सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण भी इसका अहम हिस्सा है।
सिद्ध बाबा पहाड़ी पर पशु-पक्षियों के लिए विशेष व्यवस्था
इसके बाद ट्रस्ट द्वारा सिद्ध बाबा पहाड़ी स्थित मंदिर परिसर में विशेष सेवा कार्य किया गया। यहां पशुओं के लिए पानी की नाद स्थापित की गई और पक्षियों के लिए सकोरे रखे गए।
गर्मी के मौसम में जब जल स्रोत सूखने लगते हैं, तब पक्षियों और पशुओं को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यह पहल उनके लिए राहत का माध्यम बनी।
सिद्ध बाबा वार्ड क्षेत्र में भी कई स्थानों पर पानी के पात्र रखे गए, जिससे स्थानीय पशु-पक्षियों को लगातार पानी उपलब्ध हो सके।
स्थानीय लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
ट्रस्ट के इस सेवा अभियान को स्थानीय रहवासियों और श्रद्धालुओं से काफी सराहना मिली है। कई लोगों ने संगठन से जुड़कर इस सेवा कार्य में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की।
लोगों का कहना है कि इस तरह के प्रयास समाज में मानवता और संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं। विशेष रूप से गर्मी के इस कठिन समय में यह पहल अत्यंत आवश्यक और प्रेरणादायक है।
खेर माई मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए राहत व्यवस्था
अभियान के तहत खेर माई मंदिर के पास भी ठंडे पानी के घड़े रखे गए, जिससे मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।
मंदिर के सेवादारों ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्य समाज सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। श्रद्धालुओं ने भी ट्रस्ट के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
ट्रस्ट पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
इस पूरे अभियान में ट्रस्ट के कई पदाधिकारी सक्रिय रूप से शामिल रहे।
आज के कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख सदस्य थे—
- संभाग अध्यक्ष श्रीमती अनीता दुबे
- जिला उपाध्यक्ष श्री सुरेश कुमार पाण्डेय
- जिला सदस्य श्रीमती कृष्णकांती पांडेय
- श्री शिव प्रसाद दुबे
- सहयोगी साथी श्रीमती मंजू दुबे
इन सभी पदाधिकारियों ने मिलकर सेवा कार्य को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
निरंतर सेवा का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान यह संकल्प लिया गया कि यह सेवा अभियान केवल एक दिन का नहीं बल्कि निरंतर जारी रहेगा।
ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि भीषण गर्मी के पूरे मौसम तक यह सेवा कार्य जारी रहेगा, ताकि कोई भी पशु, पक्षी या मानव पानी की कमी से परेशान न हो।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का प्रेरणादायक संदेश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने इस अवसर पर कहा—
“भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का उद्देश्य केवल मानव सेवा ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देना भी है। भीषण गर्मी में पानी की व्यवस्था करना एक छोटा प्रयास है, लेकिन इससे अनेक जीवों को जीवनदान मिलता है। मैं जबलपुर टीम के सभी साथियों को इस सराहनीय कार्य के लिए बधाई देता हूँ और सभी से अपील करता हूँ कि इस सेवा अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करें।”
उनका यह संदेश संगठन के सभी सदस्यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
सामूहिक संदेश और संगठन की सोच
संगठन के प्रमुख सदस्य—
- शिवम तिवारी
- कृष्णा यादव
- डॉ. प्रेम कुमार वैद्य
- रामवेश सिंह राजावत
- युवराज सिंह राठौर
- मनीष गुप्ता
- जीवनलाल जैन (चाय वाले)
ने संयुक्त रूप से संदेश देते हुए कहा कि—
“सेवा ही संगठन का मूल उद्देश्य है। गर्मी के इस कठिन समय में पशु-पक्षियों और जरूरतमंद लोगों के लिए पानी की व्यवस्था करना हमारा कर्तव्य है। हम सभी मिलकर इस सेवा अभियान को और व्यापक बनाएंगे तथा समाज के हर वर्ग को इससे जोड़ने का प्रयास करेंगे।”
मानवता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
यह अभियान केवल एक सामाजिक गतिविधि नहीं, बल्कि मानवता और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देता है।
पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना, पेड़ों के नीचे पानी रखना और सार्वजनिक स्थानों पर ठंडे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना एक ऐसा प्रयास है जो समाज को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराता है।
निष्कर्ष: सेवा ही सच्चा धर्म
जबलपुर में चल रहा यह सेवा अभियान इस बात का प्रमाण है कि जब समाज के लोग एकजुट होकर कार्य करते हैं तो बड़े से बड़ा संकट भी कम किया जा सकता है।
भीषण गर्मी के इस दौर में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का यह प्रयास न केवल राहत प्रदान कर रहा है, बल्कि समाज में संवेदनशीलता, सहयोग और मानवता की भावना को भी मजबूत कर रहा है।
यह अभियान आने वाले समय में अन्य संगठनों और लोगों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और हर छोटा प्रयास किसी न किसी जीवन को बचा सकता है।
