वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता में भाग लेने का शानदार मौका। अंतिम तिथि 10 मई तक बढ़ी। नागदा की इस प्रतियोगिता में कविता और वीडियो दोनों श्रेणियों में हिस्सा लें।
वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता – पूरी जानकारी
वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता भारतीय संस्कृति के उस मूल विचार को जीवंत करने का प्रयास है, जिसमें पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखा जाता है। नागदा में आयोजित यह प्रतियोगिता न केवल साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करती है, बल्कि सामाजिक एकता और वैश्विक भाईचारे के संदेश को भी सशक्त बनाती है।
वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता का महत्व
वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विचारों का उत्सव है। यह प्रतियोगिता समाज में एकता, शांति और सह-अस्तित्व की भावना को बढ़ावा देती है।आज के समय में जब दुनिया विभाजन और संघर्ष से जूझ रही है, ऐसे में इस विषय पर आधारित प्रतियोगिता अत्यंत प्रासंगिक हो जाती है। यह प्रतिभागियों को एक सकारात्मक संदेश देने का अवसर प्रदान करती है।
प्रतियोगिता की मुख्य जानकारी
वसुधैव कुटुंबकम् – सारी दुनिया एक परिवार पर केंद्रित अभिव्यक्ति काव्य प्रतियोगिता का आयोजन प्रतियोगिता में शामिल होने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 मई
नागदा। नगर की साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था अभिव्यक्ति विचार मंच तथा अखिल भारतीय साहित्य परिषद् नागदा इकाई द्वारा प्रति वर्ष अनुसार काव्य लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। जिसकी अंतिम तिथि 28 अप्रैल से बढ़ाकर 10 मई कर दी गई है।
मंच अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल शुक्ला ने बताया कि इस वर्ष उज्जैन संभाग स्तरीय इस प्रतियोगिता का विषय वसुधैव कुटुंबकम् – सारी दुनिया एक परिवार रहेगा।
इच्छुक प्रतिभागी उक्त विषय पर अपनी रचना आगामी 10 मई सायं 5 बजे तक अधिकतम 16 पंक्तियों में मंच अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल शुक्ला के वाट्सअप न 90390 32955 तथा साहित्य परिषद् अध्यक्ष श्री अशोक शर्मा मृदुल के वाट्सअप न 90096 00960 पर अपने नाम, फोटो, पूरे पते तथा अपने मोबाइल न के साथ भेज सकते है।
श्री शुक्ला ने बताया कि उक्त विषय वसुधैव कुटुंबकम् – सारी दुनिया एक परिवार पर काव्य लेखन के अलावा अन्य प्रतिभागी अपना 90 सेकंड का वीडियो बना कर उक्त दोनों वाट्सअप न पर 10 मई तक भेज सकते है। श्री शुक्ला ने बताया कि वीडियो में प्रतिभागी सबसे पहले अपना नाम, पता तथा अपने मोबाइल न का उल्लेख अनिवार्य रूप से करें।
उन्होंने बताया कि निर्धारित विषय पर काव्य लेखन और वीडियो की रचनाएं पृथक पृथक होनी पर मान्य की जावेगी।आपने बताया कि विजेताओं को मंच और परिषद् के संयुक्त आयोजन में सम्मानित किया जावेगा।
वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता में भाग लेने की प्रक्रिया
इस वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता में भाग लेना बेहद आसान है। प्रतिभागियों को केवल निर्धारित विषय पर अपनी रचना तैयार करनी है और दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजनी है।
विषय की विशेषता
“वसुधैव कुटुंबकम्” एक ऐसा विचार है जो भारत की प्राचीन संस्कृति और दर्शन का मूल है। इसका अर्थ है – पूरी पृथ्वी एक परिवार है।इस विषय पर लिखना प्रतिभागियों को गहराई से सोचने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझने का अवसर देता है।
कविता लेखन के दिशा-निर्देश
- अधिकतम 16 पंक्तियों की कविता
- विषय से संबंधित होना आवश्यक
- मौलिक रचना होनी चाहिए
- समय सीमा का पालन जरूरी
वीडियो प्रस्तुति के दिशा-निर्देश
- 90 सेकंड का वीडियो
- शुरुआत में नाम, पता और मोबाइल नंबर बताना अनिवार्य
- स्पष्ट और प्रभावी प्रस्तुति
निर्णायक प्रक्रिया और पुरस्कार
इस वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता में श्रेष्ठ प्रतिभागियों का चयन अनुभवी निर्णायकों द्वारा किया जाएगा। विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा, जिससे उनकी प्रतिभा को नई पहचान मिलेगी।
सांस्कृतिक महत्व
यह प्रतियोगिता भारतीय संस्कृति के उस मूल मंत्र को पुनर्जीवित करती है जो सदियों से हमें जोड़ता आया है।
युवाओं के लिए अवसर
आज के युवा इस वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी रचनात्मकता को नई दिशा दे सकते हैं। यह मंच उन्हें अपनी प्रतिभा को पहचान दिलाने का अवसर देता है।
निष्कर्ष
वसुधैव कुटुंबकम् काव्य प्रतियोगिता एक ऐसा मंच है जो न केवल साहित्यिक प्रतिभाओं को पहचान देता है, बल्कि समाज को जोड़ने का कार्य भी करता है।यदि आपके पास विचार हैं, भावनाएं हैं और शब्दों की शक्ति है, तो यह प्रतियोगिता आपके लिए एक सुनहरा अवसर है।अभी भाग लें और अपनी प्रतिभा को एक नई पहचान दें।
