Gwalior में सचिन तेंदुलकर मार्ग पर विकसित होगी नई चौपाटी, इंदौर की तर्ज पर बनेगा आधुनिक स्ट्रीट फूड हब
Gwalior शहर में जल्द ही लोगों को एक नया और आधुनिक खानपान स्थल मिलने जा रहा है। नगर निगम शहर में इंदौर की तर्ज पर एक हाईटेक स्ट्रीट फूड हब यानी चौपाटी विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। यह प्रोजेक्ट न केवल शहरवासियों को बेहतर भोजन सुविधा देगा, बल्कि छोटे स्ट्रीट वेंडरों के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार करेगा।
सचिन तेंदुलकर मार्ग पर बनेगी नई चौपाटी
यह प्रस्तावित चौपाटी ग्वालियर के प्रमुख इलाके सचिन तेंदुलकर मार्ग पर विकसित की जाएगी। नगर निगम ने इसके लिए कलेक्ट्रेट में 1.44 हेक्टेयर आरक्षित भूमि के आवंटन का आवेदन दिया है। यह जमीन डीबी सिटी के सामने स्थित है, जो शहर के विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए एक उपयुक्त स्थान माना जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट के तहत यहां 50 से अधिक दुकानें बनाई जाएंगी, जहां अलग-अलग प्रकार के स्ट्रीट फूड और व्यंजन उपलब्ध होंगे। इससे यह स्थान आने वाले समय में शहर का प्रमुख फूड डेस्टिनेशन बन सकता है।
केंद्र से मिला बजट, नई राशि की तैयारी
इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार से पहले ही शहरी विकास मंत्रालय द्वारा फूलबाग चौपाटी के उन्नयन हेतु 1 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। इस काम में प्रगति को देखते हुए अब केंद्र सरकार अतिरिक्त बजट देने की तैयारी कर रही है, जिसकी राशि लगभग 4 करोड़ रुपये तक हो सकती है।
इसके लिए नगर निगम से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और नया एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया है। यह अतिरिक्त बजट मिलने के बाद चौपाटी के विकास कार्य में तेजी आएगी।
पीएम स्वनिधि योजना से जुड़ेगा प्रोजेक्ट
इस स्ट्रीट फूड हब को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से भी जोड़ा जाएगा। योजना के तहत कुल दुकानों में से लगभग आधी दुकानें स्ट्रीट वेंडरों को आवंटित की जाएंगी, जिससे छोटे व्यवसायियों को सीधा लाभ मिलेगा।
बाकी दुकानों को नगर निगम किराए या लीज पर देकर राजस्व अर्जित करेगा। इस मॉडल से एक ओर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वहीं दूसरी ओर शहर की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी चौपाटी
नई चौपाटी को पूरी तरह आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की योजना है। इसमें कई सुविधाएं शामिल होंगी जैसे—
- ड्राइव थ्रू सुविधा, जिससे लोग कार में बैठे-बैठे ऑर्डर कर सकेंगे
- पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था
- एफएसएसएआई (FSSAI) मानकों के अनुसार खाद्य सुरक्षा
- वेंडरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम
- महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग शौचालय
- हाथ धोने और बर्तन साफ करने की सुविधा
- बेहतर ड्रेनेज सिस्टम
- आकर्षक लाइटिंग और बैठने की व्यवस्था
- फायर सेफ्टी सिस्टम
- सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था
इन सुविधाओं के साथ यह चौपाटी एक सुरक्षित और व्यवस्थित फूड जोन के रूप में विकसित होगी।
स्ट्रीट वेंडरों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ शहर के छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडरों को मिलेगा। पीएम स्वनिधि योजना के तहत उन्हें स्थायी दुकानें और बेहतर कारोबार का अवसर मिलेगा। इससे उनका व्यवसाय संगठित होगा और आय में भी बढ़ोतरी होगी।
नगर निगम का लक्ष्य है कि इस चौपाटी को एक ऐसे मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, जिसे बाद में अन्य शहरों में भी अपनाया जा सके।
शहर के विकास में नया अध्याय
Gwalior में बनने वाली यह नई चौपाटी न केवल खाने-पीने का केंद्र होगी, बल्कि यह शहर के शहरी विकास और पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। इंदौर की सफल चौपाटी मॉडल की तरह यह परियोजना भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन सकती है।
स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए यह एक नया अनुभव होगा, जहां उन्हें एक ही स्थान पर स्वच्छ, सुरक्षित और विविध स्वाद का आनंद मिलेगा।
निष्कर्ष
Gwalior की यह प्रस्तावित चौपाटी शहर के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है। आधुनिक सुविधाओं, रोजगार के अवसरों और सुव्यवस्थित डिजाइन के साथ यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में शहर की पहचान बदल सकता है और इसे एक नए फूड हब के रूप में स्थापित कर सकता है।
