Indore : आरई-2 सड़क परियोजना के लिए बड़ी कार्रवाई, 12 से अधिक बाधक निर्माण हटाए गए, बुलडोजर से ढहाए मकान
Indore में शहर के यातायात को सुगम बनाने और कनेक्टिविटी सुधारने के लिए चल रही आरई-2 सड़क परियोजना के तहत सोमवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। नेमावर रोड से खजराना तक बनने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क के लिए बिचौली क्षेत्र में करीब 12 से अधिक मकानों और बाधक निर्माणों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया गया।
यह कार्रवाई पुलिस और नगर निगम प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा की गई, जिसमें भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे अभियान को अंजाम दिया गया। करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई में सभी अवैध और बाधक निर्माणों को पूरी तरह हटा दिया गया, जिससे सड़क निर्माण के लिए मार्ग साफ हो गया।
सुबह 10 बजे पहुंची प्रशासनिक टीम, विरोध के बीच शुरू हुई कार्रवाई
सोमवार सुबह लगभग 10 बजे नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने पहले रहवासियों को मकान खाली करने के लिए कहा। हालांकि, कुछ परिवारों ने इसका विरोध किया, लेकिन सुरक्षा बलों की मौजूदगी के कारण स्थिति नियंत्रण में रही और कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से एक-एक कर मकानों को हटाना शुरू किया और कुछ ही घंटों में सभी बाधक निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। इस दौरान मौके पर तनावपूर्ण माहौल जरूर रहा, लेकिन किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं बनी।
वर्षों से रह रहे परिवारों को पहले ही दिया गया था नोटिस
जानकारी के अनुसार, जिन मकानों को तोड़ा गया है, उनमें कई परिवार लंबे समय से रह रहे थे। इन सभी परिवारों को पिछले वर्ष ही प्रशासन द्वारा मकान खाली करने के नोटिस जारी कर दिए गए थे।
इसके बाद कुछ लोगों ने इस कार्रवाई के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था और स्टे लेने की कोशिश की गई थी। हालांकि, हाल ही में कोर्ट द्वारा स्टे खारिज किए जाने के बाद प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
आरई-2 सड़क परियोजना: शहर के लिए अहम कनेक्टिविटी लिंक
यह सड़क परियोजना Indore शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नेमावर रोड से शुरू होकर खजराना तक बनने वाली यह आरई-2 सड़क करीब 4.5 किलोमीटर लंबी होगी।
यह सड़क नायता मुंडला स्थित नए आरटीओ को खजराना क्षेत्र से जोड़ेगी, जिससे शहर के बायपास पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और आंतरिक क्षेत्रों में यातायात सुगम होगा।
मास्टर प्लान के अनुसार इस सड़क की चौड़ाई 45 मीटर प्रस्तावित है, जबकि फिलहाल इसका प्रारंभिक निर्माण 24 मीटर (80 फीट) चौड़ाई में किया जा रहा है।
184 परिवारों का पहले ही पुनर्वास, 300 को मिले फ्लैट
इस परियोजना के तहत प्रशासन द्वारा पहले भी बड़ी संख्या में विस्थापन की कार्रवाई की जा चुकी है। अब तक लगभग 184 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए मकान उपलब्ध कराए गए हैं।
इसके अलावा करीब 300 परिवारों को फ्लैट आवंटित कर शिफ्ट किया जा चुका है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास किया गया है ताकि किसी को बेघर न होना पड़े।
विस्थापन को लेकर पहले हुआ था विरोध
इस परियोजना के शुरुआती चरण में विस्थापन को लेकर स्थानीय लोगों ने काफी विरोध किया था। कई परिवारों ने अपने घरों को छोड़ने से इनकार कर दिया था और इसे लेकर प्रदर्शन भी किए गए थे।
स्थिति को देखते हुए कुछ लोगों ने न्यायालय का सहारा लिया था, लेकिन कोर्ट से स्टे न मिलने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू की है।
प्रशासन का तर्क: विकास के लिए जरूरी कदम
Indore प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई शहर के दीर्घकालिक विकास और यातायात सुधार के लिए आवश्यक है। आरई-2 सड़क बनने से शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों के बीच सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी और ट्रैफिक जाम की समस्या में काफी राहत मिलेगी।
नगर निगम और जिला प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद इंदौर की सड़क व्यवस्था और अधिक आधुनिक और सुगम हो जाएगी।
स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ लोगों ने इसे विकास के लिए जरूरी कदम बताया, जबकि कुछ ने अपने वर्षों पुराने घरों के टूटने पर दुख जताया।
हालांकि, प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित सभी लोगों को पुनर्वास योजना के तहत उचित सुविधा प्रदान की गई है।
निष्कर्ष
Indore की आरई-2 सड़क परियोजना शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। भले ही इसके लिए कई परिवारों को विस्थापन का सामना करना पड़ा हो, लेकिन प्रशासन का दावा है कि यह कदम आने वाले समय में शहर की ट्रैफिक समस्या को काफी हद तक कम करेगा और कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगा।
बुलडोजर कार्रवाई के साथ अब सड़क निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है और परियोजना के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
