आर्यिका पूर्णमति माताजी बद्रीनाथ प्रवेश 2026 को लेकर जैन समाज में उत्साह, 22 अप्रैल को अष्टापद जैन धर्मशाला में मंगल प्रवेश और विशेष आयोजन।
राजेश जैन दद्दू इंदौर
आर्यिका पूर्णमति माताजी बद्रीनाथ प्रवेश 2026
बद्रीनाथ/देहरादून। आर्यिका पूर्णमति माताजी बद्रीनाथ प्रवेश 2026 को लेकर देशभर के जैन समाज में अत्यंत उत्साह का वातावरण है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा सरकार द्वारा राजकीय अतिथि घोषित तथा दिल्ली विधानसभा द्वारा अति विशिष्ट अतिथि सम्मान से विभूषित सजग साधिका, आध्यात्मिक श्रमणी आर्यिका श्री 105 पूर्णमति माताजी ससंघ का 22 अप्रैल 2026, बुधवार को बद्रीनाथ (अष्टापद) स्थित जैन धर्मशाला में मंगल प्रवेश होगा।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू (इंदौर) ने जानकारी देते हुए बताया कि:
- 22 अप्रैल 2026 – बद्रीनाथ (अष्टापद) जैन धर्मशाला में मंगल प्रवेश
- 24 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) – विशेष जीवन दर्शन कार्यक्रम का आयोजन
यह कार्यक्रम जैन धर्मावलंबियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और ऐतिहासिक रहेगा।
संतों का मंगल आशीर्वाद
इस पुण्य यात्रा को जैन परंपरा के महान संतों का आशीर्वाद प्राप्त है, जिनमें प्रमुख हैं:
- आचार्य विद्यासागर जी महाराज
- आचार्य समयसागर जी महाराज
इन संतों के आशीर्वाद से यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं बल्कि आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक बन गई है।
राजनीतिक एवं सामाजिक समर्थन
इस महत्वपूर्ण घोषणा को देश के प्रमुख नेताओं का भी समर्थन प्राप्त हुआ है:
- नरेंद्र मोदी
- पुष्कर सिंह धामी
- विधायक सविता कपूर
- भाजपा राष्ट्रीय महिला मोर्चा महामंत्री दीप्ति रावत
इन सभी ने इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक यात्रा की अनुमोदना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
बद्रीनाथ (अष्टापद) का धार्मिक महत्व
बद्रीनाथ धाम भारत के चार धामों में से एक है और अत्यंत पवित्र तीर्थस्थल माना जाता है।
जैन परंपरा में अष्टापद का विशेष महत्व है, जिसे भगवान ऋषभदेव से भी जोड़ा जाता है।इस स्थान पर आर्यिका पूर्णमति माताजी का प्रवेश जैन धर्म और सनातन परंपरा के समन्वय का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है।
आयोजन समिति की भूमिका
इस आयोजन को सफल बनाने में कई प्रमुख व्यक्तियों का योगदान है:
- बद्रीनाथ ट्रस्ट अध्यक्ष आदित्य कासलीवाल
- महामंत्री कीर्ति पांड्या
- समाजसेवी जिनेन्द्र कासलीवाल
इन सभी ने बताया कि यह यात्रा “बद्रीनाथ (अष्टापद) की ओर बढ़ते कदम” संकल्प के साथ आयोजित की जा रही है।
जैन समाज में उत्साह
आर्यिका पूर्णमति माताजी बद्रीनाथ प्रवेश 2026 को लेकर सम्पूर्ण जैन समाज में हर्ष और गौरव की भावना है। देशभर के श्रद्धालु इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनने के लिए उत्सुक हैं।समाज के लोगों का मानना है कि यह यात्रा:
- आध्यात्मिक चेतना को जागृत करेगी
- युवा पीढ़ी को धर्म से जोड़ेगी
- राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा देगी
आध्यात्मिक दृष्टि से महत्व
यह यात्रा केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और संयम का संदेश भी देती है।आर्यिका माताजी का जीवन:
- त्याग
- साधना
- संयम
- और आध्यात्मिक अनुशासन
का जीवंत उदाहरण है।उनका बद्रीनाथ प्रवेश जैन साधना के उच्च आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।
निष्कर्ष
आर्यिका पूर्णमति माताजी बद्रीनाथ प्रवेश 2026 न केवल जैन समाज बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक घटना है। यह यात्रा आध्यात्मिकता, संस्कृति और समर्पण का संगम है, जो आने वाली पीढ़ियों को धर्म और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करेगी।
