शास्त्रीय नृत्य की परंपरा और युवा प्रतिभाओं का संगम, आध्या जैन की प्रस्तुति रहेगी आकर्षण का केंद्र
इंदौर, जिसे मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है, एक बार फिर शास्त्रीय कला और संस्कृति के भव्य उत्सव का साक्षी बनने जा रहा है। शहर की प्रतिष्ठित नृत्य संस्था Nupur Dhwani द्वारा संचालित ड्रुपद डांस एकेडमी के तत्वावधान में 22 अप्रैल 2026 को “नूपुर ध्वनि भारतनाट्यम फेस्टिवल 2026” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह सांस्कृतिक कार्यक्रम भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा को समर्पित एक विशेष संध्या के रूप में आयोजित होगा, जिसमें देश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ-साथ उभरती प्रतिभाएं भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।
आयोजन स्थल और समय
यह भव्य आयोजन इंदौर के प्रसिद्ध आनंद मोहन माथुर ऑडिटोरियम में शाम 6:30 बजे से प्रारंभ होगा। आयोजन को लेकर शहर के कला प्रेमियों में पहले से ही उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में शहर और प्रदेश के कई सम्मानित अतिथि उपस्थित रहेंगे।
मुख्य अतिथि के रूप में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। उनकी उपस्थिति से आयोजन को एक विशेष गरिमा प्राप्त होगी।
विशेष अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग की उप संचालक पूजा शुक्ला भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगी। वे राज्य में सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार और संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
इसके अलावा, कार्यक्रम में सम्मानित अतिथि (Guest of Honour) के रूप में देश के प्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्य गुरु और कलाकार पुरु दधीच, विभा दधीच, रागिनी मख्खर तथा नादयोग गुरुकुल इंदौर के निर्देशक विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इन सभी का भारतीय शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है।
भारतीय शास्त्रीय नृत्य का उत्सव
“नूपुर ध्वनि भारतनाट्यम फेस्टिवल 2026” का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को संरक्षित करना और नई पीढ़ी को इस कला से जोड़ना है। भारतनाट्यम, जिसे भारतीय नृत्य परंपरा की सबसे प्राचीन और समृद्ध विधाओं में से एक माना जाता है, इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहेगा।
इस कार्यक्रम के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है कि शास्त्रीय नृत्य केवल मंचीय प्रस्तुति तक सीमित न रहकर युवा कलाकारों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बने।
नन्ही प्रतिभा आध्या जैन बनेगी आकर्षण का केंद्र
इस पूरे कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण नन्ही कलाकार आध्या जैन की प्रस्तुति होगी। आध्या अपनी उम्र से कहीं अधिक परिपक्वता और समर्पण के साथ भारतनाट्यम की प्रस्तुति देने के लिए जानी जाती हैं।
उनकी प्रस्तुति में नृत्य की शुद्धता, भाव-भंगिमा और शास्त्रीय लय का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। आयोजकों का मानना है कि आध्या जैन की प्रस्तुति दर्शकों के लिए इस संध्या का सबसे यादगार पल साबित होगी।

आयोजकों की भूमिका और उद्देश्य
नूपुर ध्वनि संस्था और ड्रुपद डांस एकेडमी लंबे समय से इंदौर में शास्त्रीय नृत्य के प्रशिक्षण और प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। संस्था का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना भी है, ताकि वे अपनी कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा सकें।
संस्था के अनुसार, इस तरह के आयोजन न केवल कलाकारों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में सांस्कृतिक जागरूकता को भी मजबूत करते हैं।
शहरवासियों के लिए खुला आमंत्रण
आयोजकों ने इंदौर के सभी कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और सांस्कृतिक रुचि रखने वाले नागरिकों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों।
यह आयोजन पूरी तरह से जनसुलभ है और इसका उद्देश्य हर वर्ग के लोगों को भारतीय शास्त्रीय कला से जोड़ना है।
शास्त्रीय कला को नई दिशा देने की पहल
आज के डिजिटल और आधुनिक युग में जहां मनोरंजन के कई नए माध्यम सामने आ चुके हैं, वहीं इस तरह के आयोजन शास्त्रीय कला को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भारतनाट्यम जैसी परंपरागत कला केवल नृत्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, भावनाओं और अध्यात्म का जीवंत स्वरूप है। यह कला भगवान शिव की तांडव और पार्वती की लास्य परंपरा से जुड़ी हुई मानी जाती है।
सांस्कृतिक एकता और परंपरा का प्रतीक
यह फेस्टिवल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता और परंपरा का प्रतीक भी है। इसमें विभिन्न कलाकारों और गुरुओं की उपस्थिति यह संदेश देती है कि भारतीय शास्त्रीय कला आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी सदियों पहले थी।

इंदौर की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा
इंदौर पहले से ही अपनी सांस्कृतिक और कलात्मक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। “नूपुर ध्वनि भारतनाट्यम फेस्टिवल 2026” जैसे आयोजन शहर की इस पहचान को और मजबूत करते हैं।
यह कार्यक्रम न केवल स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करेगा, बल्कि शहर को राष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्र पर भी एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में मदद करेगा।
निष्कर्ष
22 अप्रैल को होने वाला यह भव्य आयोजन भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा, युवा प्रतिभाओं की ऊर्जा और सांस्कृतिक समर्पण का अद्भुत संगम होगा।
“नूपुर ध्वनि भारतनाट्यम फेस्टिवल 2026” न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी है।
आयोजकों का मानना है कि इस तरह के प्रयासों से भारतीय कला और संस्कृति को नई ऊंचाइयां मिलेंगी और युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से और अधिक जुड़ पाएगी।
