महामस्तकाभिषेक दर्शनगिरी उज्जैन में 14 वर्षों बाद भव्य आयोजन, भगवान महावीर का स्वर्ण-रजत कलशों से अभिषेक, हजारों श्रद्धालु होंगे शामिल।
राजेश जैन दद्दू
इंदौर
महामस्तकाभिषेक दर्शनगिरी उज्जैन – 14 वर्षों बाद ऐतिहासिक आयोजन
महामस्तकाभिषेक दर्शनगिरी उज्जैन 19 अप्रैल रविवार को धार्मिक नगरी उज्जैन के मक्सी रोड स्थित दर्शनगिरी तीर्थ में आयोजित होने जा रहा है। यह आयोजन 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हो रहा है, जिससे जैन समाज में भारी उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि एक विशाल आध्यात्मिक महाकुंभ का रूप लेगा।
आयोजन की प्रमुख विशेषताएं
महामस्तकाभिषेक दर्शनगिरी उज्जैन की भव्यता
- भगवान महावीर स्वामी का अभिषेक स्वर्ण एवं रजत कलशों से
- 14 वर्षों बाद हो रहा ऐतिहासिक आयोजन
- हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति की संभावना
- पूरे देश से जैन समाज की सहभागिता
यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत प्रभावशाली रहेगा।
तीन मंगलकारी संयोग
महामस्तकाभिषेक दर्शनगिरी उज्जैन को विशेष बनाने वाले तीन दिव्य संयोग इस प्रकार हैं:
अक्षय तृतीया का पावन पर्व
यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है और जैन धर्म में इसका विशेष महत्व है।
प्रथम तीर्थंकर 1008 श्री आदिनाथ भगवान का पारणा दिवस
यह दिन आहार चर्या की ऐतिहासिक घटना से जुड़ा हुआ है।
पट्टाचार्य पदारोहण दिवस
पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज का प्रथम पदारोहण दिवस भी इसी दिन मनाया जाएगा।
आयोजन समिति और प्रमुख लोग
- युवा अध्यक्ष: अश्विन कासलीवाल
- सचिव: नीरज सोगानी
- कोषाध्यक्ष: चेतन जैन (राणा)
यह आयोजन श्री दिगंबर जैन शांति निर्मल दर्शन गिरी प्रणत सागर समिति द्वारा किया जा रहा है।यह महोत्सव आचार्य श्री 108 दर्शन सागर जी महाराज के अधूरे स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।साथ ही, पट्टाचार्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद और मुनि श्री 108 प्रणत सागर जी महाराज की प्रेरणा से यह आयोजन सम्पन्न होगा।
कार्यक्रम का समय और विशेष जानकारी
दिनांक: 19 अप्रैल (रविवार)
समय: प्रातः 8 बजे से
- प्रथम कलश एवं शांतिधारा के पुण्यवर्जक का चयन सभा में बोली द्वारा किया जाएगा
- विशेष धार्मिक अनुष्ठान पूरे दिन जारी रहेंगे
देशभर से श्रद्धालुओं का आगमन
महामस्तकाभिषेक दर्शनगिरी उज्जैन में इंदौर, देवास, आगर, सुसनेर, पिडावा और भोपाल सहित कई शहरों से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।यह आयोजन वास्तव में महाकुंभ जैसा दृश्य प्रस्तुत करेगा, जहां हजारों लोग एकत्र होकर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे।
आध्यात्मिक महत्व
- कर्मों की शुद्धि
- आत्मा की जागृति
- धर्म के प्रति आस्था का सुदृढ़ीकरण
तैयारियों को अंतिम रूप
समिति के नेतृत्व में आयोजन की सभी तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं।पूरी टीम दिन-रात जुटकर इसे भव्य बनाने में लगी है।सकल दिगंबर जैन समाज उज्जैन ने देशभर के धर्मप्रेमियों से इस आयोजन में शामिल होने का आग्रह किया है।
निष्कर्ष
महामस्तकाभिषेक दर्शनगिरी उज्जैन एक ऐसा आध्यात्मिक आयोजन है जो न केवल जैन समाज बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है। 14 वर्षों बाद होने वाला यह भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।नमोस्तु शासन जयवंत हो

