MP में सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत: DA में 5% की बढ़ोतरी, वित्त विभाग ने जारी किए आदेश, अप्रैल 2026 की सैलरी से मिलेगा लाभ
MP सरकार ने राज्य के हजारों सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। प्रदेश में छठवें वेतनमान के तहत वेतन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance – DA) में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इस संबंध में वित्त विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय के बाद कर्मचारियों के वेतन और आर्थिक लाभ में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
सरकार के इस फैसले के अनुसार बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता आगामी अप्रैल 2026 के वेतन से लागू किया जाएगा, जबकि इसका वास्तविक लाभ 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना जाएगा। इस बढ़ोतरी के बाद छठवें वेतनमान वाले कर्मचारियों का DA 252 प्रतिशत से बढ़कर 257 प्रतिशत हो जाएगा।
लंबे समय से लंबित मांगों को मिली आंशिक राहत
कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबे समय से महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी। बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए कर्मचारी लगातार सरकार से राहत की उम्मीद लगाए हुए थे। अब सरकार के इस निर्णय से उन्हें आंशिक राहत मिली है, हालांकि कुछ कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अभी भी अन्य भत्तों में सुधार की आवश्यकता है।
वित्त विभाग के आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य सरकार ने छठवें वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए DA में 5 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इससे राज्य के हजारों कर्मचारियों और पेंशनरों को सीधा लाभ मिलेगा।
एरियर का भुगतान 6 किस्तों में
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के बीच का महंगाई भत्ता एरियर के रूप में दिया जाएगा। यह राशि एक साथ नहीं दी जाएगी, बल्कि इसे 6 समान किस्तों में भुगतान किया जाएगा।
इन किस्तों का भुगतान मई 2026, जून 2026, जुलाई 2026, अगस्त 2026, सितंबर 2026 और अक्टूबर 2026 में किया जाएगा। इससे सरकार पर एक बार में वित्तीय बोझ कम रहेगा और कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से लाभ मिलता रहेगा।
हालांकि, सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) कर्मचारियों के लिए सरकार ने अलग व्यवस्था की है। रिटायर्ड कर्मचारियों को एरियर की पूरी राशि एकमुश्त (single installment) में दी जाएगी।
7वें वेतनमान वाले कर्मचारियों को पहले ही मिला था लाभ
MP सरकार इससे पहले 7वें वेतनमान प्राप्त कर रहे कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में भी बढ़ोतरी कर चुकी है। उनके DA में 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद उनका कुल महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत हो गया है।
यह बढ़ा हुआ 58 प्रतिशत DA 1 जुलाई 2025 से प्रभावी माना गया है और इसे भी अप्रैल 2026 के वेतन से जोड़ा गया है। इससे 7वें वेतनमान वाले कर्मचारियों को भी नियमित रूप से बढ़ा हुआ वेतन मिलना शुरू हो जाएगा।
अलग-अलग वेतनमान के कर्मचारियों पर असर
राज्य में छठवें और सातवें वेतनमान के अलावा चौथे और पांचवें वेतनमान के कर्मचारी भी कार्यरत हैं, विशेषकर निगम, मंडल और उपक्रमों में। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन कर्मचारियों के DA में भी समानुपातिक आधार पर वृद्धि की जाएगी।
इसका मतलब है कि सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को उनकी वेतन संरचना के अनुसार महंगाई भत्ते में लाभ मिलेगा। वित्त विभाग को इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिकृत किया गया है।
आर्थिक स्थिति और महंगाई को ध्यान में रखकर फैसला
सरकार का यह निर्णय बढ़ती महंगाई और कर्मचारियों की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। पिछले कुछ महीनों में खाद्य पदार्थों, ईंधन और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली थी, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ गया था।
ऐसे में DA बढ़ोतरी को कर्मचारियों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। इससे उनकी मासिक आय में सुधार होगा और जीवन स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद कर्मचारी संगठनों में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ संगठनों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है और सरकार का आभार जताया है, जबकि कुछ का कहना है कि बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं है और महंगाई के अनुपात में और वृद्धि की जानी चाहिए।
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे आगे भी अन्य भत्तों और सुविधाओं में सुधार की मांग जारी रखेंगे।
भविष्य की उम्मीदें
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सरकार अन्य वित्तीय लाभों पर भी विचार कर सकती है। चूंकि महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में कर्मचारियों के वेतन ढांचे में और सुधार की संभावना बनी हुई है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर MP सरकार का यह फैसला राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। 5 प्रतिशत DA वृद्धि से लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को सीधा लाभ मिलेगा। हालांकि एरियर का भुगतान किस्तों में किए जाने से उन्हें पूरा लाभ धीरे-धीरे मिलेगा। फिर भी यह कदम कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
