Digambar जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का 30वां राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न, जनगणना में शत-प्रतिशत सहभागिता का आह्वान
इंदौर चांदखेड़ी: राष्ट्रीय स्तर पर भव्य आयोजन
Digambar जैन तीर्थ क्षेत्र चांदखेड़ी में दिगम्बर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का 30वां राष्ट्रीय अधिवेशन अत्यंत भव्यता, अनुशासन और उत्साह के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस आयोजन ने एक बार फिर चांदखेड़ी को राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सामाजिक केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया।
देशभर से आए हजारों प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता ने इस अधिवेशन को ऐतिहासिक और यादगार बना दिया। 14 रीजन के 350 से अधिक ग्रुपों से जुड़े लगभग 1000 से अधिक पदाधिकारी अपने परिवार सहित इस आयोजन में शामिल हुए।
शुभारंभ धार्मिक विधि-विधान से
अधिवेशन का शुभारंभ पारंपरिक धार्मिक विधि के साथ श्रीजी के अभिषेक और शांतिधारा पूजन से किया गया। इसके बाद वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।
महिला बैंड दल की मधुर धुनों के बीच राष्ट्रीय पदाधिकारियों और अतिथियों द्वारा धर्म ध्वजारोहण किया गया, जिससे पूरे परिसर में भक्ति और उत्साह का वातावरण बन गया। यह क्षण सभी उपस्थित सदस्यों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा।

मुख्य मंच और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
मुख्य पंडाल का उद्घाटन मुल्कराज-अंजली बादशाह द्वारा किया गया। इस अवसर पर चंद्रोदय ग्रुप के बालकों ने मंगलाचरण की अत्यंत मनोहारी और भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने न केवल कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई बल्कि जैन परंपरा और संस्कृति की झलक भी प्रस्तुत की। उपस्थित जनसमूह ने बाल कलाकारों की प्रस्तुति की खूब सराहना की।
अधिवेशन की अध्यक्षता एवं अतिथि
इस महत्वपूर्ण आयोजन की अध्यक्षता चांदखेड़ी जैन तीर्थ क्षेत्र के लोकप्रिय अध्यक्ष हुकमचंद जैन ‘काका’ ने की।
मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया। उनकी उपस्थिति को समाज के लिए प्रेरणादायक और महत्वपूर्ण माना गया।
राष्ट्रीय नेतृत्व और आयोजन समिति की भूमिका
फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झांझरी, महासचिव विनय जैन, कोषाध्यक्ष अश्विन कासलीवाल, निवर्तमान अध्यक्ष राकेश विनायका तथा आशीष सूतवाला सहित उज्जैन रीजन के पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में यह अधिवेशन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
मीडिया प्रभारी राजेश जैन ‘दद्दू’ ने बताया कि पूरे आयोजन की तैयारी और संचालन में सभी रीजन की सक्रिय भूमिका रही, जिससे कार्यक्रम अनुशासित और भव्य रूप में संपन्न हो सका।
जनगणना में शत-प्रतिशत सहभागिता का आह्वान
अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झांझरी ने समाज के सभी सदस्यों से आगामी जनगणना में शत-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह समाज की पहचान, संख्या और अधिकारों को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ इसमें भाग लें।
इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और जैन धर्म की प्रभावना से जुड़े सामाजिक प्रकल्पों को और अधिक गति देने का संकल्प भी व्यक्त किया।
सामाजिक और धार्मिक प्रकल्पों पर जोर
अधिवेशन में यह भी तय किया गया कि फेडरेशन आने वाले समय में सामाजिक उत्थान और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण के लिए कई नए प्रकल्पों पर कार्य करेगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में समाज के जरूरतमंद वर्गों तक सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य के रूप में अपनाने की बात कही गई।
सम्मान समारोह और पुरस्कार वितरण
इस अवसर पर विभिन्न रीजन और व्यक्तियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
चंबल रीजन को सर्वश्रेष्ठ रीजन का पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा सीए मनोज जैन, सुनील घिया, मयूूरी पाटनी, मुल्कराज बादशा और मयंक जैन सहित कई पदाधिकारियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
यह सम्मान समारोह समाज में सेवा भावना और समर्पण को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना।
सफल आयोजन में टीम का योगदान
इस पूरे आयोजन की सफलता में पियूष नेहा जैन, महावीर रुचि जैन, योगेश शिवांगी जैन एवं उनकी टीम का विशेष योगदान रहा।
आयोजन समिति के सदस्यों ने निरंतर मेहनत और समर्पण के साथ पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया, जिसके कारण यह अधिवेशन अनुशासन और भव्यता का उदाहरण बन गया।
निष्कर्ष
Digambar जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन का 30वां राष्ट्रीय अधिवेशन न केवल एक धार्मिक और सामाजिक आयोजन रहा, बल्कि यह समाज की एकता, संगठन शक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों का भी सशक्त प्रतीक बनकर उभरा।
जनगणना में शत-प्रतिशत सहभागिता का आह्वान समाज को एकजुट करने और उसकी पहचान को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह अधिवेशन आने वाले समय में सामाजिक सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य और धार्मिक प्रभावना के क्षेत्र में नई दिशा देने वाला साबित होगा।
