Jhaknawada में गेंहू उपार्जन केंद्र पर तौल कांटे का पूजन कर गेहूं खरीदी का विधिवत शुभारंभ
Jhaknawada (निप्र)। मध्य प्रदेश के झकनावदा क्षेत्र में शुक्रवार को गेंहू उपार्जन केंद्र पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गेहूं खरीदी कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर तौल कांटे का पूजन कर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद प्रक्रिया की शुरुआत की गई। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक माहौल का संगम देखने को मिला, जहां किसानों और जनप्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
यह आयोजन किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही नीतियों के तहत संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के किसान हितैषी निर्देशों, भारतीय जनता पार्टी प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन तथा किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष जयपाल सिंह के नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
विधिवत पूजन के साथ शुरू हुई खरीदी प्रक्रिया
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत रूप से तौल कांटे के पूजन के साथ की गई। वैदिक रीति-रिवाजों और परंपरागत विधि से पूजा-अर्चना कर खरीदी केंद्र पर गेहूं तुलाई कार्य का शुभारंभ किया गया। जैसे ही पूजन संपन्न हुआ, उपस्थित अतिथियों ने पहले गेहूं की तुलाई कर इस सीजन की खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की।
पूजन के दौरान पूरे केंद्र परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा और किसानों ने इस आयोजन को शुभ संकेत मानते हुए खुशी व्यक्त की। पूजा के बाद जैसे ही तौल कार्य प्रारंभ हुआ, वहां मौजूद लोगों में उत्साह और संतोष का माहौल देखने को मिला।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी मंडल अध्यक्ष जितेंद्र राठौड़, वरिष्ठ भाजपा नेता भूपेन्द्र सिंह सेमलिया, कल्याणमल भांगू, वरिष्ठ समाजसेवी श्रेणिक कोठारी, शांतिलाल सोलंकी, मनीष कुमट, संजय व्यास, झमकलाल बर्फा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
कार्यक्रम में स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। सभी अतिथियों का संस्था की ओर से पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया। उपस्थित लोगों ने इस आयोजन को किसानों के लिए लाभकारी और प्रेरणादायक बताया।
अतिथियों का पुष्पमालाओं से भव्य स्वागत
उपार्जन केंद्र पर पहुंचे सभी अतिथियों का पारंपरिक तरीके से पुष्पमालाएं पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में आए किसानों और जनप्रतिनिधियों ने एक-दूसरे का अभिनंदन कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाया।
संस्था की ओर से स्वागत सत्कार के बाद सभी अतिथियों को मंच पर आमंत्रित किया गया, जहां उन्होंने तौल कांटे का पूजन किया और गेहूं खरीदी प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ किया।
किसानों की पहली तुलाई से शुरू हुआ सीजन
कार्यक्रम में सबसे पहले किसानों की उपज की तुलाई की गई, जिससे इस वर्ष की खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत हुई। इस दौरान कृषक देवीसिंह और गोवर्धन चौहान (धतुरिया) के साथ-साथ गोपाल और होकमा पड़ियार के गेहूं की तुलाई की गई।
देवीसिंह के 55 क्विंटल गेहूं की तुलाई की गई, जबकि गोपाल के लगभग 64 क्विंटल गेहूं की खरीदी की गई। पहली तुलाई के साथ ही किसानों के चेहरों पर संतोष और खुशी झलकती दिखाई दी।
किसानों ने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीदी की यह व्यवस्था उनके लिए आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी है और इससे उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होता है।
मिठाई बांटकर मनाया गया शुभारंभ उत्सव
कार्यक्रम के दौरान संस्था के हरिराम पड़ियार ने सभी उपस्थित अतिथियों और किसानों का मुंह मीठा कराया। मिठाई वितरण के साथ ही पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल बन गया।
लोगों ने एक-दूसरे को बधाई दी और इस शुभारंभ को सफल और ऐतिहासिक बताया। मिठाई वितरण के दौरान किसानों और जनप्रतिनिधियों में आपसी सौहार्द और खुशी का माहौल स्पष्ट दिखाई दिया।
संस्था प्रबंधक ने दी विस्तृत जानकारी
संस्था प्रबंधक हरिराम पड़ियार ने बताया कि उपार्जन केंद्र के अंतर्गत कुल 971 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती होती है। इस क्षेत्र में कुल 485 किसानों ने पंजीयन कराया है, जो इस वर्ष की खरीदी प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष इस केंद्र पर लगभग 20,000 क्विंटल गेहूं की खरीदी हुई थी। इस वर्ष उत्पादन और पंजीयन को देखते हुए लगभग 35,000 क्विंटल गेहूं खरीदी का अनुमान लगाया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
किसानों के लिए राहत और उम्मीद का केंद्र
यह उपार्जन केंद्र क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर उभरा है। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी से किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिलता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
किसानों ने बताया कि पहले उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब सरकारी खरीदी केंद्रों के माध्यम से उन्हें आसानी और पारदर्शिता के साथ भुगतान मिल रहा है।
सामाजिक और धार्मिक माहौल का संगम
कार्यक्रम में धार्मिक परंपरा और आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था का सुंदर संगम देखने को मिला। तौल कांटे का पूजन कर शुरू हुई खरीदी प्रक्रिया ने आयोजन को विशेष बना दिया।
पूरे कार्यक्रम में गांव और आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और इसे किसानों के लिए एक शुभ शुरुआत बताया।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर गोपाल चोयल, भारत सिंह राठौर (सेमरोड), राहुल चोयल सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया और किसानों के हित में इसे एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
निष्कर्ष
झकनावदा के गेंहू उपार्जन केंद्र पर तौल कांटे का पूजन कर शुरू हुई गेहूं खरीदी प्रक्रिया किसानों के लिए राहत और उत्साह का प्रतीक बनी है। यह आयोजन न केवल कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान करता है।
सरकार की समर्थन मूल्य खरीदी नीति और स्थानीय प्रशासन की सक्रियता के चलते किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद और भरोसा दोनों मजबूत हुए हैं। यह कार्यक्रम आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
