मध्य प्रदेश के Indore शहर में ऑनलाइन धोखाधड़ी और ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। हाल ही में सामने आए एक मामले में संयोगितागंज थाना पुलिस ने एक युवक की शिकायत पर लाखों रुपये की साइबर ठगी का केस दर्ज किया है। यह मामला निवेश के नाम पर लोगों को झांसा देकर बड़ी रकम ऐंठने वाले गिरोहों के बढ़ते नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर 36 लाख की ठगी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, श्रद्धानंद मार्ग निवासी यश श्याम सिलावट नामक युवक ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसके साथ ऑनलाइन निवेश के नाम पर 36 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। यह पूरा मामला 25 अक्टूबर 2022 से शुरू हुआ, जब यश का संपर्क ड्रीम व्यूअर कंपनी के संचालक आशीष चौधरी से हुआ।
आरोपित ने खुद को शेयर मार्केट का विशेषज्ञ बताते हुए यश को निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उसने दावा किया कि यदि वह उसकी कंपनी के माध्यम से निवेश करेगा, तो उसे हर महीने लगभग चार लाख रुपये का निश्चित मुनाफा मिलेगा। इस लालच में आकर यश ने धीरे-धीरे करके कुल 36 लाख रुपये आरोपी को दे दिए।
शुरुआत में आरोपी ने भरोसा दिलाने के लिए कुछ समय तक बातचीत जारी रखी, लेकिन बाद में उसने फोन उठाना बंद कर दिया और संपर्क पूरी तरह से खत्म कर दिया। जब यश को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ, तो उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए संयोगितागंज थाने में मामला दर्ज किया।
थाना प्रभारी केपी सिंह यादव के अनुसार, मामले की जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस मामले में कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है, जिसने इसी तरह अन्य लोगों को भी ठगा हो।
एनर्जी ड्रिंक के ऑर्डर के नाम पर ठगी
इंदौर में ठगी का एक और मामला कनाड़िया थाना क्षेत्र से सामने आया है। यहां शिवशक्ति नगर निवासी नमन जैन ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसके साथ लगभग 2 लाख 97 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई।
नमन के अनुसार, उसने एक सप्लायर से एनर्जी ड्रिंक (रेडबुल) का बड़ा ऑर्डर दिया था। आरोपी ने ऑर्डर कन्फर्म करते हुए अग्रिम भुगतान की मांग की। भरोसा करके नमन ने पूरी राशि ट्रांसफर कर दी, लेकिन इसके बाद न तो सामान की डिलीवरी हुई और न ही आरोपी ने पैसे वापस किए।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने गणेश नामक आरोपी, जो खेतवाड़ी का निवासी बताया जा रहा है, के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और उसके बैंक खातों और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है।
अन्य ठगी के मामले भी आए सामने
इसी तरह तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में भी दो अलग-अलग मामलों में ऑनलाइन ठगी के केस दर्ज किए गए हैं।
पहले मामले में नायता मुंडला निवासी यूसुफ पटेल ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके साथ करीब सवा दो लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई है। वहीं, दूसरे मामले में राहुल पाटीदार ने 46 हजार रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई है।
दोनों ही मामलों में आरोपियों ने अलग-अलग बहानों से पैसे ऐंठे और बाद में संपर्क तोड़ लिया। पुलिस का मानना है कि इन मामलों में भी साइबर ठगों का हाथ हो सकता है, जो लोगों को अलग-अलग तरीकों से फंसाकर ठगी कर रहे हैं।
गाड़ियों की हेराफेरी का मामला
ठगी का एक और गंभीर मामला लसूड़िया थाना क्षेत्र में सामने आया है, जहां गाड़ियों की हेराफेरी का मामला दर्ज किया गया है।
महालक्ष्मी नगर निवासी अनिरुद्ध डेहरिया ने पुलिस को बताया कि उसने अप्रैल 2023 में कुछ लोगों के साथ व्यावसायिक अनुबंध किया था। इस अनुबंध के तहत उसने एचडीडी मशीन, कंटेनर, ट्रैक्टर-ट्रॉली और टैंकर किराये पर दिए थे। इसके बदले हर महीने चार लाख रुपये देने की बात तय हुई थी।
आरोपितों में प्रवीण होटा (ओडिशा) और एनिक कुमार सरकार (पश्चिम बंगाल) शामिल हैं। अनिरुद्ध के अनुसार, आरोपित सामान लेकर सिलिगुड़ी चले गए और उसके बाद न तो किराया दिया और न ही सामान वापस किया।
इस मामले में पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है। यह मामला दर्शाता है कि ठगी केवल ऑनलाइन ही नहीं बल्कि ऑफलाइन व्यवसायिक सौदों में भी हो रही है।
साइबर ठगी के बढ़ते मामले: चिंता का विषय
इंदौर सहित पूरे देश में साइबर ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। कभी निवेश का लालच, कभी ऑनलाइन शॉपिंग, तो कभी बिजनेस डील के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ठग लोगों की लालच और जल्द मुनाफा कमाने की मानसिकता का फायदा उठाते हैं। खासकर शेयर मार्केट, क्रिप्टोकरेंसी और ऑनलाइन ट्रेडिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश के नाम पर सबसे ज्यादा धोखाधड़ी हो रही है।
पुलिस की अपील: सतर्क रहें
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति या कंपनी पर भरोसा न करें, खासकर जब बात पैसों के लेन-देन की हो। निवेश से पहले संबंधित कंपनी की पूरी जानकारी जांच लें और किसी भी तरह के “गारंटीड मुनाफा” जैसे दावों से सावधान रहें।
यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा नजदीकी थाने में जाकर भी रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है।
कैसे बचें ऑनलाइन ठगी से
- अनजान कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें
- किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचें
- बैंक डिटेल्स या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें
- निवेश करने से पहले कंपनी का बैकग्राउंड जरूर जांचें
- “जल्दी पैसा कमाने” के लालच से बचें
निष्कर्ष
इंदौर में सामने आए ये सभी मामले इस बात का संकेत हैं कि ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं और अपराधी अधिक संगठित होते जा रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों को पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है, लेकिन जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
अगर समय रहते सावधानी बरती जाए, तो ऐसे अपराधों से बचा जा सकता है।

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