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भव्य और प्रेरणादायक निमगोरिया क्षेत्रपाल दशम पाटोत्सव भीनमाल में सम्पन्न, संत अभयदास महाराज ने बताया भागवत से मानवता का सशक्त मार्ग

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Published On: 10 April 2026
निमगोरिया क्षेत्रपाल दशम पाटोत्सव भीनमाल
— निमगोरिया क्षेत्रपाल दशम पाटोत्सव भीनमाल

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निमगोरिया क्षेत्रपाल दशम पाटोत्सव भीनमाल में धूमधाम से सम्पन्न हुआ। संत अभयदास महाराज ने भागवत कथा के माध्यम से मानवता का मार्ग बताया।

निमगोरिया क्षेत्रपाल दशम पाटोत्सव भीनमाल – धूमधाम से सम्पन्न

निमगोरिया क्षेत्रपाल दशम पाटोत्सव भीनमाल में इस वर्ष भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रीमद भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के सप्तम विश्राम दिवस पर कथा प्रारंभ होते ही हरी स्मरण से पूरा पांडाल भक्तिमय वातावरण में डूब गया।

संत अभयदास महाराज का प्रेरणादायक संदेश

कथावाचक संत अभयदास महाराज ने व्यास पीठ से राधा-रुक्मिणी प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि यह ज्ञान महायज्ञ मनुष्य को चिंता से चिंतन, जड़ता से ज्ञान और मानव से मानवता की ओर ले जाने का सरल मार्ग है।उन्होंने कहा कि भागवत पुराण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य पंथ है।

भागवत कथा का महत्व

निमगोरिया क्षेत्रपाल दशम पाटोत्सव भीनमाल के अंतर्गत आयोजित कथा में सात दिनों के सार को अंतिम दिन प्रस्तुत किया गया।इसमें भक्ति, सेवा और सच्चे जीवन मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया गया।

सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष

अंतिम दिवस पर सुदामा और श्रीकृष्ण की अटूट मित्रता का प्रसंग सुनाया गया, जो निस्वार्थ प्रेम और सच्ची मित्रता का प्रतीक है।सुखदेव मुनि द्वारा राजा परीक्षित को दिए गए अंतिम उपदेश और मोक्ष की कथा ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।इस दौरान गौ-सेवा, भक्ति और भागवत को जीवन में उतारने का महत्व समझाया गया।

भजन, कीर्तन और भावपूर्ण समापन

हरि नाम संकीर्तन के साथ भक्त झूम उठे। पूरा वातावरण भक्ति से सराबोर हो गया।अंत में विश्राम आरती, पुष्पांजलि और व्यास पीठ की विदाई के साथ प्रसाद वितरण किया गया।

शुभ मुहूर्त में ध्वजा चढ़ाई

निमगोरिया क्षेत्रपाल दशम पाटोत्सव भीनमाल के अवसर पर क्षेत्रपाल मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ शुभ मुहूर्त में अमर ध्वजा चढ़ाई गई।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां थिरकते कदम, उड़ता गुलाल और सुगंधित पुष्पों की वर्षा ने वातावरण को दिव्य बना दिया।महिलाओं ने मांगलिक गीतों की प्रस्तुति दी और ढोल की थाप पर भक्ति का अनोखा दृश्य देखने को मिला।क्षेत्रपाल भगवान का महापूजन, गणेश-गौरी आराधना और हवन के माध्यम से विश्व मंगल की कामना की गई।WhatsApp Image 2026 04 10 at 6.22.40 PM

गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति

इस भव्य आयोजन में अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:प्रेमाराम बंजारा, जगदेव सिंह वाराह इंफ्रा (नीलकंठ महादेव ट्रस्ट), चम्पालाल शर्मा, पहाड़सिंह राव, दिनेश दवे, श्यामलाल दवे, नेनाराम चौहान, श्यामलाल खेतावत, पुलिस उपअधीक्षक शंकरलाल मंसुरिया, कपूराराम जीनगर, निरंजन व्यास, जगदीश जाट, गजेन्द्र देवासी (मुख्य शिक्षा अधिकारी), जावंत सिंह ईरानी, पारस घांची, वरिष्ठ एडवोकेट नन्दपाल सिंह, पृथ्वीसिंह एडवोकेट, थानाराम माली (अध्यक्ष सन्तोषी माता ट्रस्ट), छातारामराम सुंदेशा, कृष्ण कुमार दर्जी (अध्यक्ष वस्त्र व्यापार संघ), पारस मोदी (अध्यक्ष खाद्य व्यापार संघ), श्रवण ढांका, डॉ अक्षय बोहरा, विजय सिंह राव, सोनी बगदाराम, सुरेश, जितेंद्र, नितेश, जगदीश, मनीष, रवि, भावेश, जबराराम भाटी, सतीश सेन, कैसाराम देवासी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन डॉ. घनश्याम व्यास ने किया।

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आयोजन का महत्व और निष्कर्ष

निमगोरिया क्षेत्रपाल दशम पाटोत्सव भीनमाल केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक जागरूकता का प्रतीक है।यह आयोजन मानवता, सेवा, भक्ति और संस्कारों को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बना।

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