विश्व नवकार दिवस थांदला में भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया, जैन समाज द्वारा सामूहिक नवकार मंत्र जाप, स्कूलों और घर-घर में गूंजा पवित्र मंत्र।
विश्व नवकार दिवस थांदला: मंदिरों, स्कूलों और घर-घर में गूंजा महामंत्र
विश्व नवकार दिवस थांदला में आध्यात्मिकता और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे नगर में जैन उपाश्रय, मंदिरों, स्कूलों और घर-घर में महामंत्र नवकार की गूंज सुनाई दी। श्रद्धालुओं ने एक साथ एक स्वर में जाप कर विश्व शांति, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की कामना की।
कार्यक्रम का आयोजन और वैश्विक सहभागिता
विश्व नवकार दिवस थांदला के अवसर पर JITO (जेआईटीओ) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विश्वभर के 108 देशों के लाखों श्रद्धालुओं ने सामूहिक जाप में भाग लिया। थांदला नगर आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा और हर दिशा में नवकार मंत्र की ध्वनि गूंजती रही।
आचार्य जयंतसेनसूरीश्वर का पुण्य स्मरण
इस विशेष अवसर पर पुण्य सम्राट आचार्य जयंतसेनसूरीश्वर के 9वें पुण्य स्मरण दिवस पर उनके अनुयायियों द्वारा वर्षितप आराधकों के सामूहिक पारणें करवाए गए। यह आयोजन श्रद्धा और भक्ति का अनूठा उदाहरण बना।
सामूहिक नवकार जाप का आयोजन
जैन श्रीसंघ द्वारा सामूहिक नवकारसी का आयोजन किया गया। इसके पश्चात सभी आराधक स्थानीय पौषध भवन में एकत्रित हुए, जहाँ महासती पूज्या श्री निखिलशीलाजी म.सा. आदि ठाणा 4 के सानिध्य में पुरुष एवं महिला वर्ग ने श्वेत परिधान धारण कर श्रद्धापूर्वक महामंत्र नवकार का जाप किया।
महासती निखिलशीलाजी म.सा. का प्रेरक प्रवचन
सभा में नवकार मंत्र के जाप के पश्चात महासती निखिलशीलाजी म.सा. ने नवकार मंत्र की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि यह मंत्र 14 पूर्वों का सार है और सभी पापों का नाश करने वाला तथा गुणों की पूजा करने वाला महान मंत्र है।
स्कूलों और घर-घर में जाप
विश्व नवकार दिवस थांदला के अवसर पर स्थानीय अणु पब्लिक स्कूल में भी भक्तिमय माहौल में महामंत्र नवकार का जाप कराया गया। इस दौरान संचालक प्रदीप गादिया, हर्ष गादिया, प्राचार्य नायर सहित स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों ने पूर्ण एकाग्रता के साथ मंत्र का जाप किया।जो श्रद्धालु मंदिर या उपाश्रय नहीं पहुंच सके, उन्होंने अपने घरों में परिवार के साथ जाप कर इस आध्यात्मिक आयोजन में भागीदारी निभाई।
समाज की सहभागिता और संदेश
सभा में जैन समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में नवकार मंत्र का जाप करते हुए विश्व शांति, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की कामना की।कार्यक्रम का समापन सामूहिक स्तवन, महासती के वंदन और मांगलिक के साथ हुआ। इस आयोजन ने समाज में एकता, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश दिया।



