कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालय, Nagda के भवन से सिविल अस्पताल को स्थानांतरित करने की मांग
प्रस्तावना
Nagda , मध्य प्रदेश – भारतीय मजदूर संघ, नागदा इकाई ने आज कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) चिकित्सालय, नागदा के भवन से ‘सिविल अस्पताल’ को स्थानांतरित करने की मांग को लेकर एसडीएम महोदय से औपचारिक रूप से मुलाकात की। यह कदम नागदा में ईएसआई चिकित्सालय को आदर्श अस्पताल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भा.म.संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं महामंत्री तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री मध्य प्रदेश शासन, सुल्तान सिंह शेखावत ने किया।
प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम के माध्यम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और जोर देकर कहा कि यदि वर्तमान में ईएसआई अस्पताल का भवन खाली कर सिविल अस्पताल को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाता है, तो इंगोरिया रोड स्थित ईएसआई अस्पताल को आदर्श अस्पताल के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
कोरोना काल में सिविल अस्पताल का अस्थायी स्थानांतरण
कोरोना महामारी के दौरान, नागदा में कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) चिकित्सालय का भवन सिविल अस्पताल को अस्थायी रूप से आवंटित किया गया था। इस अस्थायी व्यवस्था के चलते ईएसआई अस्पताल अपनी मूल सेवाओं और आदर्श अस्पताल परियोजना की प्रक्रिया में बाधित हुआ।
भारतीय मजदूर संघ ने लंबे समय से इस मुद्दे को उठाया है। संघ का मानना है कि अगर ईएसआई अस्पताल को उसका मूल भवन वापिस नहीं दिया गया, तो नागदा क्षेत्र के मजदूर और उनके परिवार उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित रहेंगे।
आदर्श अस्पताल परियोजना की आवश्यकता
ईएसआई अस्पताल के आदर्श अस्पताल के रूप में अपग्रेडेशन की योजना पहले ही कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है। यह परियोजना नागदा क्षेत्र के हजारों मजदूरों के लिए उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं की गारंटी देती है।
- उन्नत सुविधाएं: आदर्श अस्पताल में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण, बेहतर चिकित्सकीय सेवाएं, और व्यापक स्वास्थ्य निगरानी प्रणाली उपलब्ध होगी।
- स्थानांतरण की बाधा: वर्तमान में सिविल अस्पताल के भवन में संचालन जारी रहने के कारण यह अपग्रेडेशन कार्य पूरी तरह बाधित है।
प्रतिनिधिमंडल ने अपने आवेदन में यह स्पष्ट किया कि शासन और संबंधित विभाग ने आश्वासन दिया था कि मार्च 2025 तक सिविल अस्पताल का नया भवन तैयार हो जाएगा और ईएसआई अस्पताल का मूल भवन विभाग को लौटाया जाएगा। लेकिन आज तक यह कार्य पूरा नहीं हुआ।
वर्तमान समस्याएँ और उनके प्रभाव
1. स्थानांतरण में देरी
एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सिविल अस्पताल का स्थानांतरण नहीं हो पाया है। इस देरी के कई नकारात्मक प्रभाव नागदा और आसपास के क्षेत्रों में महसूस किए जा रहे हैं।
2. श्रमिकों और उनके परिवारों पर असर
सिविल अस्पताल का स्थानांतरण न होने के कारण, नागदा क्षेत्र के हजारों श्रमिक और उनके परिवार आदर्श अस्पताल की सुविधाओं से वंचित हैं। उन्हें इलाज के लिए अन्य शहरों जैसे उज्जैन, इन्दौर और देवास जाना पड़ रहा है। यह अतिरिक्त समय, धन और कठिनाइयों का कारण बनता है।
3. स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा
ईएसआई अस्पताल के आदर्श अस्पताल परियोजना में बाधा आने से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। आदर्श अस्पताल में मिलने वाली उन्नत सुविधाएं अभी तक श्रमिकों को उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।
भारतीय मजदूर संघ का प्रतिनिधिमंडल
आज एसडीएम से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से निम्नलिखित लोग उपस्थित थे:
- भा.म.संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं महामंत्री और पूर्व कैबिनेट मंत्री, मध्य प्रदेश शासन सुल्तान सिंह शेखावत
- ग्रेसिम श्रमिक संघ के महामंत्री एवं वरिष्ठ श्रमिक नेता जोध सिंह राठौड़
- जिला मंत्री करण सिंह शेखावत
- राजकुमार सिसोदिया
- मोहब्बत सिंह राठौड़
- महेश नायर
- गिरधारी लाल सोनी
- राहुल सिंह नरूका
- कीर्ति बना
- और अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि
प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से व्यक्तिगत रूप से मिलकर सिविल अस्पताल के स्थानांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और ईएसआई अस्पताल के भवन को आदर्श अस्पताल परियोजना के लिए खाली करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
आवेदन और ज्ञापन की मुख्य बातें
प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में निम्नलिखित बिंदु स्पष्ट किए:
- ईएसआई अस्पताल का मूल भवन: वर्तमान में सिविल अस्पताल द्वारा कब्जा किए जाने के कारण ईएसआई अस्पताल के आदर्श अस्पताल के रूप में विकास में बाधा।
- स्थानांतरण की देरी: मार्च 2025 तक भवन खाली करने का आश्वासन मिला था, लेकिन कार्यवाही अभी तक नहीं हुई।
- क्षेत्रीय स्वास्थ्य पर असर: नागदा और आसपास के हजारों श्रमिक और उनके परिवार उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित हैं।
- आवश्यक कदम: सिविल अस्पताल को अन्यत्र स्थानांतरित कर ईएसआई अस्पताल के भवन को आदर्श अस्पताल के लिए हस्तांतरित किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने आशा व्यक्त की कि प्रशासन शीघ्र कार्यवाही करते हुए इस मुद्दे का समाधान करेगा।
निष्कर्ष
नागदा में ईएसआई अस्पताल को आदर्श अस्पताल के रूप में विकसित करना श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुविधा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सिविल अस्पताल का वर्तमान भवन में रहना इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा बन गया है।
भारतीय मजदूर संघ और संबंधित श्रमिक संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि वे शीघ्रता से सिविल अस्पताल का नया भवन सुनिश्चित करें और ईएसआई अस्पताल को उसके मूल भवन में स्थानांतरित करें। इससे न केवल परियोजना की गति बढ़ेगी, बल्कि नागदा क्षेत्र के श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट: 9179662633
