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हिमाचल मौसम कहर: खतरनाक बारिश और लैंडस्लाइड से कुल्लू-मनाली में तबाही, हाईवे धंसा, लोगों में बढ़ा डर और संकट गहराया

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Published On: 7 April 2026
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हिमाचल मौसम कहर के चलते कुल्लू-मनाली में लैंडस्लाइड, हाईवे धंसने और भारी बारिश से हालात गंभीर, जानिए ताजा अपडेट और अलर्ट जानकारी।

हिमाचल मौसम कहर: कुल्लू-मनाली में तबाही की तस्वीर

https://images.indianexpress.com/2025/08/kullu-manali-road-damage.jpg

हिमाचल मौसम कहर इन दिनों पूरे प्रदेश में अपने चरम पर है। लगातार हो रही बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। खासकर कुल्लू, मनाली, चंबा और शिमला जैसे इलाकों में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं।

कुल्लू में लैंडस्लाइड की घटना

हिमाचल मौसम कहर का सबसे ताजा उदाहरण कुल्लू जिले में देखने को मिला, जहां मणिकर्ण-बरशेणी सड़क पर अचानक भूस्खलन हुआ।

  • एक कार भारी पत्थरों की चपेट में आ गई
  • चालक और यात्री बाल-बाल बच गए
  • घटिगढ़ क्षेत्र में लगातार भूस्खलन हो रहा है

यह घटना बताती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करना इस समय कितना जोखिम भरा हो गया है।

मनाली में हाईवे धंसने की स्थिति

मनाली के पास अलेऊ क्षेत्र में हिमाचल मौसम कहर ने एक बार फिर से सड़क को नुकसान पहुंचाया है।

  • लेफ्ट बैंक हाईवे का हिस्सा धंस गया
  • यातायात बाधित होने का खतरा
  • पहले भी मानसून में यही सड़क क्षतिग्रस्त हुई थी

यह स्थिति पर्यटन और स्थानीय लोगों दोनों के लिए बड़ी परेशानी बन रही है।

चंबा में पुल टूटने से बढ़ी चिंता

चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल भूस्खलन की चपेट में आकर टूट गया।

  • होली खड़ामुख मार्ग पर घटना
  • निर्माण कार्य पूरी तरह प्रभावित
  • संपर्क व्यवस्था बाधित

हिमाचल मौसम कहर ने विकास कार्यों पर भी सीधा असर डाला है।

मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

  • 7 और 8 अप्रैल को भारी बारिश की चेतावनी
  • 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं
  • ओलावृष्टि और तूफान की संभावना

जिन जिलों में अलर्ट:

  • चंबा
  • कांगड़ा
  • कुल्लू
  • मंडी
  • शिमला

बारिश और बर्फबारी का असर

हिमाचल मौसम कहर के चलते:

  • ऊंचे इलाकों में बर्फबारी
  • निचले क्षेत्रों में भारी बारिश
  • ओलावृष्टि से नुकसान

इस मिश्रित मौसम ने पूरे राज्य में असामान्य परिस्थितियां पैदा कर दी हैं।

किसानों और बागवानों पर प्रभाव

सबसे ज्यादा असर किसानों और बागवानों पर पड़ा है।

  • सेब की फसल को भारी नुकसान
  • ओलावृष्टि से बागों में तबाही
  • उत्पादन में गिरावट की आशंका

यह आर्थिक रूप से भी बड़ा झटका साबित हो सकता है।

तापमान में गिरावट का विश्लेषण

हिमाचल मौसम कहर के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।

  • औसत अधिकतम तापमान 2.3°C कम
  • कल्पा में न्यूनतम तापमान 0.4°C
  • ऊना में अधिकतम 33.2°C

यह बदलाव स्वास्थ्य और कृषि दोनों पर असर डाल सकता है।

प्रशासन की तैयारियां

राज्य प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए कदम उठाए हैं:

  • संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट
  • राहत और बचाव टीम तैनात
  • सड़कों की निगरानी

भविष्य का मौसम पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार:

  • 7 से 9 अप्रैल तक खराब मौसम
  • 8 अप्रैल सबसे ज्यादा खतरनाक
  • 10 अप्रैल से सुधार की संभावना

हिमाचल मौसम कहर फिलहाल जारी रहने वाला है।

निष्कर्ष

हिमाचल मौसम कहर ने यह साफ कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने इंसान कितना असहाय हो सकता है। लगातार हो रही बारिश और लैंडस्लाइड ने न केवल जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नुकसान पहुंचाया है।ऐसे समय में सावधानी और प्रशासनिक सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है।

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