मुंबई-दिल्ली-जयपुर-बेंगलुरु-हैदराबाद के लिए 14 उड़ानें जारी, केंद्र ने 5 साल की सब्सिडी तय की। अब इंदौर, भोपाल, पुणे रूट बहाल होने की संभावना। उदयपुर के पर्यटन और उद्योग को बड़ा सपोर्ट।
मुंबई-दिल्ली-जयपुर-बेंगलुरु-हैदराबाद के लिए 14 उड़ानें जारी, सब्सिडी अवधि बढ़ने से इंदौर-भोपाल जुड़ने की उम्मीद
पर्यटन और मार्बल सिटी के नाम से मशहूर उदयपुर की हवाई कनेक्टिविटी को लेकर अब नई उम्मीद जगी है। केंद्र सरकार की संशोधित उड़ान योजना (UDAN 5.0) ने उन एयरलाइंस को बड़ी राहत दी है, जो छोटे और माध्यम शहरों को जोड़ने से कतरा रही थीं। केंद्र ने वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 5 साल कर दी है।
इस फैसले के बाद अब उदयपुर-इंदौर, उदयपुर-भोपाल, उदयपुर-अहमदाबाद और उदयपुर-पुणे जैसे हाई-डिमांड रूट्स के फिर से शुरू होने की संभावना काफी बढ़ गई है। फिलहाल, मुंबई-दिल्ली-जयपुर-बेंगलुरु-हैदराबाद के लिए 14 उड़ानें जारी हैं।
संशोधित उड़ान योजना: क्या बदला?
केंद्र सरकार की इस पहल के तहत अब एयरलाइंस को लंबे समय तक सब्सिडी मिलेगी, जिससे उनका वित्तीय जोखिम कम हो जाएगा। पहले एयरलाइंस को सिर्फ 3 साल का सपोर्ट मिलता था, लेकिन अब यह अवधि 5 साल कर दी गई है। यह बदलाव उदयपुर जैसे टूरिस्ट सिटी के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
| रूट का नाम | स्थिति (पहले) | नई संभावना (5 साल सब्सिडी से) |
|---|---|---|
| इंदौर | 29 मार्च 2026 से बंद | 80% लोड फैक्टर, तुरंत बहाली की संभावना |
| भोपाल | पिछले शिड्यूल से बंद | मध्य प्रदेश से कनेक्टिविटी का रास्ता साफ |
| अहमदाबाद | पिछले शिड्यूल से बंद | व्यापारिक केंद्र से फिर जुड़ने की उम्मीद |
| पुणे | 2020 से बंद | 6 साल का इंतजार, अब पूरा हो सकता है |
उदयपुर की हवाई कनेक्टिविटी, इंदौर-भोपाल उड़ान, सब्सिडी अवधि बढ़ी, संशोधित उड़ान योजना, UDAN स्कीम।
बंद हुए ये रूट, अब बहाली की प्राथमिकता
एविएशन एक्सपर्ट्स के अनुसार, ये वो रूट हैं जहां पहले से ही 80 फीसदी सीटें भरी जा रही थीं, लेकिन एयरलाइंस को परिचालन लागत अधिक आ रही थी। अब जब सरकार 5 साल तक घाटे की भरपाई करेगी, तो ये रूट एयरलाइंस के लिए फायदेमंद हो जाएंगे।
- इंदौर रूट (29 मार्च 2026 से बंद): व्यापारिक और धार्मिक पर्यटन के लिहाज से यह सबसे ज्यादा मांग वाला रूट था। महाकाल लोक जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बंदी से सबसे ज्यादा परेशानी हुई।
- भोपाल एवं अहमदाबाद (पिछले शिड्यूल से बंद): मध्य प्रदेश की राजधानी और गुजरात के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र से सीधा हवाई संपर्क कटा हुआ है।
- पुणे रूट (2020 से बंद): पिछले 6 सालों से सीधी उड़ान का इंतजार है। पुणे में रहने वाले हजारों मेवाड़ी छात्र और आईटी प्रोफेशनल्स के लिए यह कनेक्टिविटी सबसे जरूरी है।
उदयपुर की मौजूदा एयर कनेक्टिविटी (नए शिड्यूल पर सवाल)
टूरिस्ट सिटी उदयपुर की हवाई कनेक्टिविटी पिछले कुछ समय से लैंडिंग मोड पर चल रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि समर शिड्यूल में उदयपुर-भोपाल, उदयपुर-इंदौर और उदयपुर-अहमदाबाद के बीच चलने वाली जिन फ्लाइट्स को बंद किया गया, उनमें करीब 80 फीसदी सीट्स फुल चल रही थीं। फिलहाल कुछ ही उड़ानें बची हैं:
- मुंबई: 6 उड़ानें
- दिल्ली: 4 उड़ानें
- जयपुर: 2 उड़ानें
- बेंगलुरु: 1 उड़ान
- हैदराबाद: 1 उड़ान
मेवाड़ के लिए क्यों जरूरी हैं ये रूट?
उदयपुर सिर्फ घूमने की जगह नहीं है, बल्कि यह मेवाड़ क्षेत्र का आर्थिक और औद्योगिक केंद्र भी है।
- मार्बल उद्योग: किशनगढ़ और मकराना मार्बल के व्यापारियों के लिए अहमदाबाद और इंदौर की फ्लाइट जरूरी है।
- शिक्षा: हर साल हजारों छात्र पुणे, इंदौर और बेंगलुरु पढ़ने जाते हैं। सीधी फ्लाइट बंद होने से उन्हें दिल्ली या मुंबई डायवर्ट होना पड़ता है।
- पर्यटन: इंदौर से महाकाल दर्शन और अहमदाबाद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी आने वाले पर्यटक उदयपुर को हब के रूप में इस्तेमाल करते थे।
एक्सपर्ट्स की राय: बड़े विमान और सस्ता किराया फॉर्मूला
एविएशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि संशोधित उड़ान योजना में बड़े विमान (A-320 या B-737) और सस्ता किराया मॉडल अपनाना चाहिए।
विशेषज्ञ सुझाव: “जब सरकार 5 साल तक घाटा उठा रही है, तो एयरलाइंस को 70-80 सीटों वाले ATR-72 की जगह 180 सीटों वाले बड़े विमान लगाने चाहिए। इससे प्रति सीट लागत कम आएगी और किराया सस्ता होगा। सस्ता किराया यात्रियों का लोड बढ़ाने में कारगर रहेगा।”
क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि और सांसद?
उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत सहित मेवाड़ के बड़े जनप्रतिनिधि लगातार इन बंद हुई फ्लाइट्स को वापस बहाल कराने की मांग कर रहे हैं। राज्य सरकार ने चैलेंज मोड के तहत इन रूट्स की डिमांड केंद्र को भेजने का आश्वासन दिया है। यदि ऐसा होता है, तो इन रूट्स को प्राथमिकता मिल सकती है।
निष्कर्ष: उदयपुर के लिए उम्मीद की नई किरण
केंद्र सरकार का यह बड़ा फैसला उदयपुर की हवाई कनेक्टिविटी को पटरी पर लाने वाला साबित हो सकता है। 5 साल की सब्सिडी एयरलाइंस के लिए रिस्क कम करेगी और मेवाड़ को फिर से बेहतर हवाई नेटवर्क से जोड़ सकती है। अब सिर्फ राज्य सरकार और एयरलाइंस की पहल की जरूरत है। अगले कुछ महीनों में इंदौर और भोपाल के लिए उड़ानों के ऐलान की पूरी उम्मीद है।
