इंदौर से पहली बार विधायक उषा ठाकुर को प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया है। जानें युवा मोर्चा और मीडिया विभाग में 145 नई नियुक्तियों की पूरी लिस्ट और आईडीए अध्यक्ष को लेकर बड़ी अपडेट।
इंदौर को बड़ी राजनीतिक सौगात
इंदौर से पहली बार विधायक को बनाया प्रदेश प्रवक्ता – यह उपलब्धि इंदौर की विधायक उषा ठाकुर के नाम दर्ज हुई है। मध्य प्रदेश सरकार के कार्यकाल के शेष 2 साल बचे होने के बावजूद, भाजपा संगठन ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए युवा मोर्चा और मीडिया विभाग में कुल 145 नई नियुक्तियाँ की हैं।
ये नियुक्तियाँ इसलिए खास हैं क्योंकि पिछले तीन साल से कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता अपनी राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार कर रहे थे। संगठन ने एक साथ इतनी बड़ी टीम बनाकर न केवल नाराज नेताओं को खुश करने का प्रयास किया है, बल्कि यह संकेत भी दे दिया है कि अब निगम, मंडल और प्राधिकरणों में खाली पद जल्द भरे जाएंगे।युवा मोर्चा और मीडिया विभाग में 145 नए चेहरे
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने हाल ही में दो बड़ी घोषणाएँ कीं:
प्रदेश मीडिया विभाग: 33 प्रवक्ता, 41 पैनलिस्ट और 9 सह-मीडिया प्रभारी (कुल 83 पद)
भारतीय जनता युवा मोर्चा: 56 नेताओं की नई जंबो टीम
इन 145 नियुक्तियों में इंदौर की हिस्सेदारी अहम रही। इंदौर से पहली बार विधायक को बनाया प्रदेश प्रवक्ता के अलावा, निम्नलिखित इंदौरी चेहरों को जगह मिली:
विभाग
कुल पद
इंदौर से सदस्य
प्रदेश पैनलिस्ट
47
8
प्रदेश प्रवक्ता
33
4 (उषा ठाकुर सहित)
प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी
9
1
युवा मोर्चा
56
8
ब्रेकिंग: विधायक उषा ठाकुर को प्रदेश प्रवक्ता बनाकर पार्टी ने इंदौर में महिला वोट बैंक को साधने की कोशिश की है।
Indore
कौन संभालेगा आईडीए अध्यक्ष की कुर्सी?
जहाँ एक तरफ इंदौर से पहली बार विधायक को बनाया प्रदेश प्रवक्ता जैसी सौगात मिली, वहीं इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) की अध्यक्ष कुर्सी को लेकर अभी पेंच बना हुआ है। पहले इस दौड़ में दो नाम सबसे आगे थे:
गोपी नेमा (पूर्व विधायक)
सुदर्शन गुप्ता (पूर्व विधायक)
हालाँकि, संगठन ने दोनों को अलग-अलग जिलों का प्रभारी बनाकर IDA अध्यक्ष के लिए उनके रास्ते बंद कर दिए हैं, लेकिन दोनों ही ताकतवर नेता होने के कारण अभी भी दौड़ में बने हुए हैं। वहीं, हरि नारायण यादव, मुकेश राजावत, गोलू शुक्ला और मालिनी गोड़ के नाम भी चर्चा में हैं।
IDA में दो चरणों में नियुक्तियाँ हो सकती हैं – पहले केवल अध्यक्ष, फिर उपाध्यक्ष और संचालक।
एल्डरमैन नियुक्तियों में उलझा गुटबाजी का पेंच
इंदौर नगर निगम (MP का सबसे कमाऊ निकाय) में 12 एल्डरमैन की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज हो गई है, लेकिन गुटबाजी के कारण फैसला टाला जा रहा है। संगठन ने फॉर्मूला तय किया है:
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 2 एल्डरमैन
1 विधायक की पसंद, 1 संगठन की पसंद
समस्या यह है कि हर विधायक की अपनी लिस्ट काफी बड़ी है। तीन बार बैठक हो चुकी है, लेकिन “किसको लें, किसको छोड़ें” – यहीं पर बात अटक जाती है।
नेताओं को एडजस्ट करने में मशक्कत
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के पास सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के समर्थकों की लंबी सूची है। यही कारण है कि पिछले एक माह से नियुक्तियों की अटकलें लगातार चल रही हैं, लेकिन अभी तक बोर्ड और निगमों में कोई बड़ी नियुक्ति नहीं हो पाई है।हालाँकि, मीडिया और युवा मोर्चा में हुई 145 नियुक्तियों को इसका पूर्वाभ्यास माना जा रहा है। अब अगले 15 दिनों में निगम-मंडलों में बड़ी नियुक्तियों की उम्मीद जताई जा रही है।
निष्कर्ष
इंदौर से पहली बार विधायक को बनाया प्रदेश प्रवक्ता – यह नियुक्ति चुनावी साल में पार्टी की नई रणनीति का हिस्सा है। युवा मोर्चा और मीडिया विभाग में 145 नए चेहरों को मौका देकर भाजपा ने यह साफ कर दिया है कि अब युवा और चेहरों पर दांव लगाया जाएगा। अब सबकी निगाहें IDA अध्यक्ष और एल्डरमैन की सूची पर टिकी हैं।