जैन धरोहर दिवस जबलपुर के तहत 27 अप्रैल को महाकौशल में होंगे बड़े आयोजन, जानिए बैठक की पूरी रिपोर्ट, कार्यक्रम और विरासत संरक्षण की योजना।
जैन धरोहर दिवस जबलपुर: बैठक में तय हुई महाकौशल में बड़े आयोजन की रूपरेखा
जैन धरोहर दिवस जबलपुर: बैठक का उद्देश्य
जैन धरोहर दिवस जबलपुर को लेकर 5 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक श्री भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थ संरक्षणी महासभा, जबलपुर संभाग द्वारा आयोजित की गई, जिसमें आगामी 27 अप्रैल को मनाए जाने वाले जैन धरोहर दिवस के लिए विस्तृत योजना तैयार की गई।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य महाकौशल क्षेत्र में जैन धर्म की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, प्रचार और जनजागरण को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ और मंगलाचरण
कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत आध्यात्मिक वातावरण में हुआ। संभागीय महिला प्रमुख श्रीमती नीलांजना जैन, स्मृति जैन और संगीता जैन द्वारा मंगलाचरण प्रस्तुत किया गया, जिसने पूरे आयोजन को धार्मिक ऊर्जा से भर दिया।
अध्यक्ष और पदाधिकारियों के विचार
कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री चिंतामणि जैन ने जैन धरोहर दिवस के महत्व पर अपने विचार रखते हुए कहा कि यह दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को बचाने का संकल्प है।राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. यतीश जैन ने विस्तार से बताया कि विभिन्न स्थानों पर किस प्रकार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और उनका समाज पर क्या प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने विशेष रूप से जैन धरोहर दिवस जबलपुर को जनजागरण का माध्यम बताया।
जैन धरोहर संरक्षण की आवश्यकता
जैन धरोहर दिवस जबलपुर का मुख्य उद्देश्य जैन पुरातत्व और ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति समाज में जागरूकता लाना है।आज भी कई प्राचीन मूर्तियां, मंदिर और स्थल उपेक्षित अवस्था में हैं। इनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है।
उमरिया पान-कटनी क्षेत्र में बिखरी धरोहरें
इस अवसर पर प्रोफेसर दीपिका जैन ने बताया कि अभी भी उमरिया पान (कटनी जिला) के आसपास कई खंडित जैन मूर्तियां बिखरी हुई हैं।उन्होंने कहा कि इन धरोहरों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जा सकता है, जिससे इतिहास को सुरक्षित रखा जा सके।
हेरिटेज वॉक और जनजागरण अभियान
उपाध्यक्ष अमिताभ भारती ने बताया कि ऐसे ऐतिहासिक स्थलों पर हेरिटेज वॉक का आयोजन किया जाएगा। इससे आम लोगों को जैन इतिहास और संस्कृति से जोड़ने में मदद मिलेगी।एडवोकेट सत्येंद्र जैन ने भी विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसे जन-भागीदारी से जोड़ने पर जोर दिया।
मंदिरों और संगोष्ठियों में आयोजन
संभागीय उपाध्यक्ष निशित जैन ने प्रस्ताव रखा कि विभिन्न मंदिरों में जैन धरोहर दिवस जबलपुर के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।श्री अनिल जैन ने सुझाव दिया कि इस अवसर पर संगोष्ठियों का आयोजन भी किया जाए, जिससे बौद्धिक स्तर पर भी जागरूकता बढ़े।
डॉक्यूमेंटेशन और प्रचार-प्रसार योजना
प्रोफेसर ज्योति जैन ने जैन धरोहरों के डॉक्यूमेंटेशन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह समय की मांग है कि हम अपनी विरासत को डिजिटल रूप में सुरक्षित करें।इसके साथ ही बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों के लिए बैनर और पोस्टर अभी से लगाए जाएं ताकि अधिक से अधिक लोगों को जोड़ा जा सके।
धन्यवाद ज्ञापन और संचालन
कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती नीलांजना जैन द्वारा किया गया, जबकि अंत में धन्यवाद ज्ञापन श्री निशित जैन ने प्रस्तुत किया।
नितिन जैन
जबलपुर
मो.9893037930
