Umang Mahila Parishad की पहली भव्य बैठक और शपथ विधि समारोह सम्पन्न
इंदौर: अखिल भारतवर्षीय दिगंबर जैन महिला परिषद की ओर से आयोजित Umang Mahila Parishad की पहली भव्य बैठक ने महिलाओं में ऊर्जा और उत्साह का नया संचार किया। जाल सभागृह में आयोजित इस ऐतिहासिक बैठक में परिषद के सभी सम्मानित सदस्यों ने उपस्थिति दर्ज कर आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शपथ विधि समारोह: नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का आगमन
शपथ विधि समारोह इस कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। इसमें परिषद की नवनिर्वाचित अध्यक्ष रिंकू अजमेरा, सचिव मोनिका कासलीवाल और कोषाध्यक्ष साधना अजमेरा सहित बोर्ड के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों ने पद की शपथ ली।
मंच से अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष ने उपस्थित सदस्यों को संबोधित किया और परिषद के विकास, सहयोग और सक्रिय भागीदारी की अपेक्षा व्यक्त की। सभी केंद्रीय और प्रांतीय पदाधिकारी भी समारोह में उपस्थित रहे, जिन्होंने कार्यक्रम की गरिमा और महत्व को बढ़ाया। शपथ दिलाने की प्रक्रिया का संचालन निर्मला जी जैन ने किया, वहीं ग्वालियर से पधारी प्रांतीय अध्यक्ष माधवी जी ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम का महत्व और बढ़ाया।
स्वागत गीत और मंगलाचरण से हुआ कार्यक्रम का प्रारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत और मंगलाचरण के साथ हुई, जिसे सारिका गोधा, श्वेता पहाड़िया, सारिका बज और नेहा पाटनी ने प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने आयोजन का प्रारंभिक माहौल भक्तिमय और उत्साही बना दिया। मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों का हृदयस्पर्शी स्वागत किया गया, जिससे पूरे समारोह का वातावरण और भी उत्साहपूर्ण बन गया।
हेमलता जी गोधा का संबोधन: ऊर्जा बचत और सामाजिक जागरूकता
संस्थापक अध्यक्ष हेमलता जी गोधा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए ऊर्जा बचत और गैस प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे प्रयास जैसे घर में ऊर्जा का संरक्षण और गैस का सही उपयोग न केवल व्यक्तिगत जीवन में सुधार लाते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र हित में भी योगदान करते हैं।
हेमलता जी गोधा ने महिलाओं से अपील की कि वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और जागरूक होकर दूसरों को भी प्रेरित करें। उनका यह संदेश महिलाओं के लिए सशक्तिकरण और नेतृत्व की दिशा में प्रेरक साबित हुआ।
अध्यक्षीय पुरस्कार: महिलाओं के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान
इस अवसर पर अध्यक्षीय पुरस्कार भी वितरित किए गए। इस पुरस्कार के माध्यम से परिषद ने सदस्यों के उत्कृष्ट योगदान और समर्पण को सम्मानित किया।
पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रमुख महिलाएं हैं:
- साधना अजमेरा
- रिंकू अजमेरा
- सविता बज
- नीता कासलीवाल
- दीपाली कासलीवाल
- मीना बिलाला
- शशि जैन
- मृदुला जैन
- रुचि चोविश्या जैन
कुल 26 महिलाओं को उनके समाज सेवा और उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान महिलाओं के कार्यों और समाज सेवा की भावना को पहचानने और प्रोत्साहित करने का प्रतीक था।
तंबोला और मनोरंजन: महिलाओं में उत्साह का संचार
कार्यक्रम में सरिता अजमेरा द्वारा प्रायोजित तंबोला का आयोजन किया गया। तंबोला में आकर्षक पुरस्कार रखे गए, जिसने उपस्थित महिलाओं को अत्यधिक आनंदित किया।
तंबोला ने न केवल मनोरंजन प्रदान किया, बल्कि सभी सदस्यों के बीच आपसी संवाद और मेलजोल का अवसर भी प्रदान किया।
स्वल्पाहार और स्नेहिल भोज: संवाद और सहयोग का मंच
कार्यक्रम में स्वल्पाहार और स्नेहिल भोज का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर सभी सदस्याओं ने एक-दूसरे के साथ बैठकर बातचीत की और विचारों का आदान-प्रदान किया। यह गतिविधि महिलाओं के बीच सशक्तिकरण और सामूहिकता की भावना को बढ़ाने का माध्यम बनी।

बोर्ड मेंबर्स का सहयोग: आयोजन की सफलता की कुंजी
कार्यक्रम की सफलता में परिषद के बोर्ड मेंबर्स का विशेष योगदान रहा। जिनमें प्रमुख सदस्य हैं:
- पूजा बाकलीवाल
- प्रीति बज
- संगीता जैन
- दीपाली कासलीवाल
- मोनिका काला
- निशा कला
- शशि जैन
- नम्रता अजमेरा
- दीप्ति पाटोदी
- ज्योति गोधा
- नमिता कासलीवाल
- रीना गंगवाल
- उषा गंगवाल
- अनीता सेठी
- नेहा पाटनी
इन सदस्यों ने मिलकर आयोजन स्थल की सजावट, स्वागत प्रक्रिया, शपथ विधि और अन्य व्यवस्थाओं में अहम भूमिका निभाई। उनके सहयोग ने कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
महिलाओं का सशक्तिकरण: परिषद का उद्देश्य
इस पहली भव्य बैठक और शपथ विधि समारोह ने महिलाओं में सामाजिक जागरूकता, नेतृत्व क्षमता और सक्रिय सहभागिता की भावना को जागृत किया। परिषद ने यह स्पष्ट किया कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके सामूहिक प्रयास और समाज में योगदान के माध्यम से इसे वास्तविक रूप दिया जा सकता है।
सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारी और बोर्ड मेंबर्स ने प्रतिज्ञा ली कि वे परिषद के लक्ष्यों को पूर्ण रूप से साकार करेंगे। उन्होंने यह संकल्प लिया कि वे समाज के हर क्षेत्र में सकारात्मक योगदान देंगे और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
समापन: ऐतिहासिक और प्रेरक आयोजन
Umang Mahila Parishad की यह पहली भव्य बैठक और शपथ विधि समारोह न केवल परिषद के लिए ऐतिहासिक रही, बल्कि पूरे जैन समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण और नेतृत्व को एक नया आयाम देने वाला भी साबित हुआ।
इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि जब महिलाएं सामूहिक रूप से मिलकर कार्य करती हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाना संभव है। परिषद का यह कदम महिलाओं को सक्रिय, जागरूक और समाज में नेतृत्व भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करता है।
