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MP में शराब दुकानों की 12वीं चरण की नीलामी कल, आबकारी विभाग को जुटाना है 5,080 करोड़ रुपए

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Published On: 3 April 2026
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MP में शराब दुकानों की 12वीं चरण की नीलामी: आबकारी विभाग को जुटाना है 5,080 करोड़ का राजस्व

MP में नई आबकारी नीति के तहत शराब दुकानों की नीलामी का 12वां चरण कल आयोजित होने जा रहा है। राज्य में 1 अप्रैल से नए ठेके शुरू हो गए हैं, लेकिन अभी भी लगभग 650 समूह और दुकानें नीलामी प्रक्रिया से बाहर हैं। इनमें से कई दुकानों को पहले होल्ड पर रखा गया था क्योंकि उन्होंने आरक्षित मूल्य (RP) से 20 प्रतिशत से अधिक कम दर पर ऑफर दिया था।

पिछले राउंड का सार

आबकारी विभाग के अनुसार, 11वें राउंड में कुल 21 शराब दुकानें 130.97 करोड़ रुपए में बिकीं, जबकि इनका कुल आरक्षित मूल्य 150.60 करोड़ रुपए था। यानी इस राउंड में नीलामी आरक्षित मूल्य से कम दर पर हुई। वहीं, 10वें और 11वें राउंड में RP से 20 प्रतिशत से अधिक कम दर पर आए ऑफर फिलहाल होल्ड पर रखे गए हैं। जिन दुकानों की नीलामी नहीं हो सकी, वहां फिलहाल आबकारी अमले द्वारा अस्थाई रूप से शराब की बिक्री की जा रही है, ताकि राजस्व प्रभावित न हो।

प्रदेश में कुल 3,553 शराब दुकानें हैं। अब तक 11 राउंड में 1,200 समूहों और दुकानों की नीलामी पूरी हो चुकी है। बची हुई दुकानों के लिए अब 12वें राउंड की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ई-टेंडर फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 3 अप्रैल दोपहर 2 बजे तक है और इसके तुरंत बाद टेंडर खोला जाएगा।

बीओक्यू की शर्त फिर लागू

12वें राउंड में केवल ई-टेंडर प्रक्रिया अपनाई जाएगी, यानी पारंपरिक नीलामी (ऑक्शन) नहीं होगी। साथ ही, बीओक्यू की शर्त को फिर से लागू कर दिया गया है। अब ठेकेदारों को RP से 30 प्रतिशत कम तक ऑफर देने की अनुमति होगी। इससे पहले के राउंड में यह सीमा हटा दी गई थी, जिससे कई जगह 50 प्रतिशत तक कम ऑफर आए थे।

आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि ई-टेंडर में ऑफसेट प्राइस आरक्षित मूल्य से अधिकतम 30% कम तक ही मान्य होगा। यानी 70% से कम का कोई भी ऑफर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 10वें और 11वें चरण में प्राप्त ऐसे प्रस्ताव, जो RP के 80% या उससे अधिक हैं, उन्हें स्वीकृति प्रक्रिया में शामिल किया जाए। वहीं 80% से कम के उच्चतम ऑफर्स को फिलहाल होल्ड पर रखा जाएगा। ऐसे आवेदकों को दोबारा ईएमडी जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

समूह और इकाई स्तर पर नीलामी

इस चरण में शराब दुकानों की नीलामी समूह के साथ-साथ समूह में शामिल प्रत्येक दुकान के लिए अलग-अलग भी की जाएगी। राजस्व संतुलन बनाए रखने के लिए जिला समितियां सीमित संख्या में समूहों का पुनर्गठन करेंगी, जिसे आबकारी आयुक्त की मंजूरी जरूरी होगी। जिन जिलों का आरक्षित मूल्य 200 करोड़ रुपए से अधिक है, वहां किसी भी समूह का मूल्य जिले के कुल आरक्षित मूल्य के 20% से ज्यादा नहीं रखा जाएगा।

ई-टेंडर का शेड्यूल

ऑनलाइन टेंडर फॉर्म डाउनलोड और ऑफर जमा करने की प्रक्रिया 3 अप्रैल दोपहर 2 बजे तक जारी रहेगी। टेंडर खोलने की प्रक्रिया उसी दिन 2:05 बजे से शुरू होगी।

अब तक की नीलामी का आंकड़ा

29 मार्च तक 1,200 समूहों की नीलामी पूरी हो चुकी है, जिससे लगभग 15,409.94 करोड़ रुपए का राजस्व तय हुआ है। यह आरक्षित मूल्य से 3.61% अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में इसमें 24.34% की वृद्धि दर्ज की गई है।

राज्य स्तर पर 19,952.89 करोड़ रुपए के लक्ष्य में से अब तक 77.23% नीलामी पूरी हो चुकी है, जबकि करीब 5,080.35 करोड़ रुपए का कार्य अभी शेष है। आबकारी विभाग को उम्मीद है कि लगातार ई-टेंडर प्रक्रिया के जरिए राजस्व में स्थिर बढ़ोतरी बनी रहेगी।

निचोड़

12वें चरण की नीलामी से प्रदेश सरकार को लगभग 5,080 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व जुटाने की उम्मीद है। ई-टेंडर प्रक्रिया और बीओक्यू शर्त की वजह से यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नियंत्रित होगी। इस नीलामी में सफल होने वाले ठेकेदारों को नए ठेके की जिम्मेदारी दी जाएगी, जो राज्य के शराब वितरण और राजस्व संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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