इजरायल का खौफनाक बदला बेरूत हमले में हिज्बुल्लाह कमांडर मारे गए हैं। इजरायली सेना ने दक्षिणी मोर्चे के मास्टरमाइंड यूसुफ इस्माइल
हाशेम को मार गिराने का दावा किया है। पढ़ें पूरी खबर।
इजरायल का खौफनाक बदला! बेरूत हमले में मारा गया दक्षिणी मोर्चे का मास्टरमाइंड, हिज्बुल्लाह में हड़कंप
इजरायली सेना ने बेरूत पर एक सटीक हवाई हमले में हिज्बुल्लाह के दक्षिणी मोर्चे के कमांडर यूसुफ इस्माइल हाशेम को मार गिराने का दावा किया है। इस हमले ने मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को और हवा दे दी है, जहां ईरान-इजरायल युद्ध अब सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है।
इजरायल का दावा: दक्षिणी मोर्चे का मास्टरमाइंड ढेर
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने मंगलवार को एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने हिज्बुल्लाह के दक्षिणी मोर्चे के कमांडर यूसुफ इस्माइल हाशेम को बेरूत में एक सटीक हवाई हमले में मार गिराया है। इजरायली सेना का कहना है कि हाशेम इजरायल के उत्तरी इलाकों में कई आतंकी हमलों की साजिश रच रहा था और वह ईरान से मिलने वाली उन्नत मिसाइल तकनीक को हिज्बुल्लाह के आतंकवादियों तक पहुंचाने का प्रमुख कड़ी था।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब ईरान-इजरायल युद्ध ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। इजरायल लंबे समय से हिज्बुल्लाह को ईरान का सबसे बड़ा खतरा मानता रहा है, और लेबनान की राजधानी बेरूत पर यह हमला उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इजरायली सेना के प्रवक्ता ने कहा, “यूसुफ इस्माइल हाशेम का सफाया हमारे नागरिकों के खिलाफ खतरे को खत्म करने की दिशा में एक बड़ी सफलता है। हम किसी भी कीमत पर अपनी सीमाओं की रक्षा करेंगे।”
हिज्बुल्लाह में हड़कंप: अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं
इजरायली हमले की खबर ने हिज्बुल्लाह और ईरान समर्थित गुटों में हड़कंप मचा दिया है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक हिज्बुल्लाह की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि या टिप्पणी नहीं आई है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की है कि बेरूत के दक्षिणी उपनगर जनाह पर हुए इस हमले में कम से कम सात लोग मारे गए और 26 से अधिक घायल हो गए हैं।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, हमला इतना शक्तिशाली था कि आसपास की कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम रात भर जारी रहा। हिज्बुल्लाह के समर्थकों ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे “अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन” बताया है।
ईरान-इजरायल युद्ध: अमेरिका ने कहा- ‘अंत होने वाला है’
इन घटनाक्रमों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक बड़ा बयान दिया है। फॉक्स न्यूज से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान में युद्ध का अंत होने वाला है। उन्होंने कहा, “ईरान युद्ध का अंत आज नहीं, कल नहीं, लेकिन यह जरूर होगा।”
रुबियो के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में कयासों को हवा दे दी है कि कहीं अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के खिलाफ कोई बड़ी सैन्य कार्रवाई की योजना तो नहीं बना रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ईरान के साथ सीधी बातचीत की संभावनाओं को खारिज कर दिया था।
बहरीन का बड़ा दावा: 186 मिसाइलें और 419 ड्रोन किए तबाह
इस क्षेत्रीय युद्ध में बहरीन ने भी अहम भूमिका निभाई है। बहरीन की सेना ने दावा किया है कि युद्ध के दौरान उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान द्वारा दागी गई 186 मिसाइलों और 419 ड्रोनों को मार गिराया है। सेना ने जनता से क्षतिग्रस्त स्थलों और संदिग्ध वस्तुओं से दूर रहने का आग्रह किया है।
बहरीन में पिछले दो हफ्तों में नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। रिफाइनरी, बंदरगाह, हवाई अड्डा, विलवणीकरण और बिजली संयंत्र की सेवा भवन, ये सभी क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
तेल अवीव और कुवैत पर हमले: बढ़ता नागरिक खतरा
युद्ध की विभीषिका अब नागरिक इलाकों तक पहुंच गई है। इजरायली मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, मिसाइल हमले के बाद तेल अवीव के दक्षिण में एक चार मंजिला इमारत के आंशिक रूप से ढह जाने से कम से कम एक व्यक्ति घायल हो गया है।
वहीं, कुवैत हवाई अड्डे पर सातवीं बार हमला हुआ है। पिछली बार जब इस पर हमला हुआ था, तब एक ईंधन टैंक में आग लग गई थी और नागरिक सुरक्षा टीमों को इसे बुझाने में 58 घंटे लगे थे। कुवैत में नागरिक बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे वहां ईंधन और पानी की किल्लत हो गई है।
अमेरिका-ईरान गतिरोध: बातचीत पर क्यों नहीं भरोसा?
इन सबके बीच ईरान ने एक बार फिर अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान को संयुक्त राज्य अमेरिका पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है। उन्होंने तेहरान में किसी भी पक्ष के साथ बातचीत के दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया।
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी माने जाने वाले मोजतबा खामेनेई भी इन दिनों सुर्खियों में हैं। रूसी राजदूत ने हाल ही में उनके ठिकाने को लेकर कुछ बयान दिए थे, जिससे यह संकेत मिलता है कि ईरान ने अपने शीर्ष नेतृत्व की सुरक्षा को कड़ा कर दिया है।
निष्कर्ष
हिज्बुल्लाह कमांडर की मौत ने मध्य पूर्व में पहले से ही धधकती आग को और भड़का दिया है। जहां एक तरफ इजरायल और अमेरिका युद्ध की समाप्ति की बात कर रहे हैं, वहीं ईरान और उसके सहयोगी जवाबी हमले की तैयारी में जुटे हुए हैं। इस युद्ध ने अब तेल की कीमतों से लेकर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है, और आने वाले दिनों में यह तनाव और कितना बढ़ता है, यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।
