इंदौर में ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, चार जोन में होगा कलर कोड। नगर निगम और पुलिस बेसमेंट से व्यावसायिक गतिविधियां हटाकर करेगी सील। पढ़ें पूरी खबर।
इंदौर में ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन और बेसमेंट पार्किंग कार्रवाई शुरू, नहीं माने तो होगी सख्त कार्रवाई!
शहर की सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित पार्किंग से निजात दिलाने के लिए प्रशासन ने अब बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़क सुरक्षा समिति की हालिया बैठक में लिए गए निर्णयों के तहत, इंदौर में ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, नगर निगम और पुलिस अब शहर की प्रमुख इमारतों के बेसमेंट में अवैध रूप से चल रही दुकानों और गोदामों को खाली करवाएगी। यह कार्रवाई यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से की जा रही है।
इंदौर में ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन: कलर कोड से होगी पहचान
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सबसे अहम निर्णय इंदौर में ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन को लेकर लिया गया। वर्तमान में शहर में अनुमानित 11,000 ई-रिक्शा चल रहे हैं, जबकि अब तक केवल 3,000 का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है। यह बड़ा अंतर यातायात व्यवस्था में अराजकता का कारण बन रहा था।अब प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए फैसला किया है कि जो चालक रजिस्ट्रेशन नहीं करवाएंगे, उनके खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए शहर को चार जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन के ई-रिक्शा को एक विशेष कलर कोड से रंगा जाएगा, जिससे उनकी पहचान आसान हो सकेगी और वे एक निर्धारित क्षेत्र में ही संचालित होंगे।
- आठ एसीपी जोन को चार सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
- प्रत्येक सेक्टर का अपना कलर कोड होगा।
- नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों पर पुलिस कार्रवाई होगी।
इस पहल का उद्देश्य न केवल अवैध ई-रिक्शा पर लगाम लगाना है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और यातायात के नियमों का पालन करवाना भी है।
नगर निगम का बड़ा एक्शन: बेसमेंट पार्किंग होगी खाली
शहर की सड़कों पर पार्किंग की समस्या का एक बड़ा कारण बेसमेंट का गलत उपयोग भी है। कई व्यावसायिक और रिहायशी इमारतों में बेसमेंट, जो पार्किंग के लिए आरक्षित हैं, को दुकानों और गोदामों में बदल दिया गया है। अब इस पर रोक लगाई जाएगी।नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर टीमें गठित की गई हैं। यह टीम पुलिस के साथ मिलकर बेसमेंट पार्किंग कार्रवाई को अंजाम देगी।बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि यदि किसी भवन के बेसमेंट में पार्किंग के अलावा कोई अन्य गतिविधि पाई गई, तो उस भवन को तुरंत सील कर दिया जाएगा। यह कार्रवाई आगामी दिनों में शुरू हो जाएगी। इस कदम से शहर के मध्य क्षेत्रों में पार्किंग की जगह बढ़ेगी और सड़कों पर खड़े वाहनों की समस्या में कमी आएगी।
सड़क सुरक्षा को मिली प्राथमिकता: ब्लैक स्पॉट और स्पीड ब्रेकर
प्रशासन का मुख्य लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और जनहानि को रोकना है। इसी कड़ी में शहर के 16 ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर सुधार के लिए आईडीए, एनएचएआई, एमपीआईडीसी और नगर निगम सहित सभी संबंधित एजेंसियों को जल्द से जल्द काम करने के निर्देश दिए गए हैं।इसके अलावा, शहर के विभिन्न रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों से स्पीड ब्रेकर लगाने की मांग को लेकर जो प्रस्ताव आए हैं, उन पर भी अमल किया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस पहले उस क्षेत्र का निरीक्षण करेगी और यातायात के दबाव का आकलन करेगी। उसके बाद ही स्पीड ब्रेकर निर्माण की अनुमति दी जाएगी, ताकि कहीं अनावश्यक रूप से ट्रैफिक बाधित न हो।
सिटी बसों के रूट में बदलाव और अन्य अहम फैसले
राजवाड़ा क्षेत्र में सिटी बसों के खड़े होने से यातायात बाधित हो रहा था, जिसे देखते हुए बसों के रूट में परिवर्तन किया गया है। इससे ट्रैफिक के प्रवाह में सुधार देखने को मिला है। हालांकि, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करने के प्रयास भी जारी हैं।बैठक में यातायात व्यवस्था सुधार के लिए शहर के आठ प्रमुख मार्गों को चिन्हित किया गया। इन मार्गों पर अतिक्रमण हटाने, लेफ्ट टर्न व्यवस्थित करने और बिजली के खंभों को हटाने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है।
क्या है प्रशासन का मिशन? कलेक्टर ने दिए ये निर्देश
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा:
- सख्त चालानी कार्रवाई: सड़क किनारे खड़े वाहनों पर चालान काटा जाएगा और जरूरत पड़ने पर लॉक किया जाएगा।
- एयरपोर्ट रोड का सुधार: एयरपोर्ट के सामने बन रहे मेट्रो स्टेशन और बिजासन माता मंदिर के बीच खाली जगह पर सर्विस रोड बनाई जाएगी।
- सीपीआर ट्रेनिंग: बायपास और अन्य दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सीपीआर (CPR) का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आपातकाल में वे पीड़ितों की मदद कर सकें।
- वैकल्पिक मार्ग: निर्माणाधीन पुल-पुलियाओं के वैकल्पिक मार्गों की मरम्मत जल्द से जल्द की जाए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, एसपी ग्रामीण यांगचेन भूटिया, डीसीपी ट्रैफिक राजेश त्रिपाठी, अपर आयुक्त आकाश सिंह, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन, अपर कलेक्टर रोशन राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

