—Advertisement—

Nagda में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर आयोजन की गई भव्य तैयारियाँ

Author Picture
Published On: 1 April 2026
Nagda
— नागदा में भगवान परशुराम जन्मोत्सव की धूम, सात दिवसीय योग शिविर और ब्रह्म बटुकों का जनेऊ संस्कार

—Advertisement—

Nagda में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर आयोजन की गई भव्य तैयारियाँ

Nagda धर्म, शौर्य और आराध्य देवता के प्रतीक भगवान परशुराम के पावन जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में नगर में व्यापक धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर सर्व ब्राह्मण महासभा की अगवानी में अनेक गतिविधियां संपन्न होंगी, जिनमें योग शिविर, महाआरती और ब्रह्म बटुकों का जनेऊ संस्कार शामिल हैं।

सर्व ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष डॉ. अनिल दुबे ने बताया कि जन्मोत्सव की श्रृंखला 13 अप्रैल से शुरू होकर 20 अप्रैल तक चलेगी। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक भावना का उत्सव है, बल्कि समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश भी प्रदान करेगा।

सात दिवसीय योग शिविर: 13 अप्रैल से 19 अप्रैल

जन उत्सव का प्रारंभ 13 अप्रैल 2026 से श्रीजी हॉस्पिटल, नागदा परिसर में आयोजित सात दिवसीय योग शिविर से होगा। इस शिविर का उद्देश्य प्रतिभागियों को योग, प्राणायाम, सूक्ष्म व्यायाम और ध्यान के माध्यम से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति की ओर प्रेरित करना है।

योग शिविर में प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिदिन योग और ध्यान सत्र का संचालन किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागियों को शारीरिक स्वास्थ्य सुधारने, मानसिक तनाव कम करने और ध्यान के माध्यम से आत्मसाक्षात्कार की विधियों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। शिविर में भाग लेने वाले युवाओं और समाजजनों को योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास के महत्व को समझाया जाएगा।

जन्मोत्सव पर महाआरती: 19 अप्रैल

योग शिविर का समापन 19 अप्रैल को भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर महाआरती और पूजा-अर्चना के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर नगर के ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ सदस्य, गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु और योग शिविर के प्रतिभागी उपस्थित रहेंगे।

महाआरती के दौरान भगवान परशुराम की प्रतिमा को फूलों, दीपों और श्रृंगार से सजाया जाएगा, और भक्तिमय वातावरण में मंगल गीतों और मंत्रोच्चार के साथ भक्तजन भगवान परशुराम की भक्ति में लीन होंगे। यह अवसर नगरवासियों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ने और भगवान के शौर्य और धर्म के संदेश को आत्मसात करने का भी अवसर प्रदान करेगा।

डॉ. अनिल दुबे ने कहा कि जन्मोत्सव पर महाआरती सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह समाज में शौर्य, धर्म और संस्कृति की भावना को जीवित रखने का एक सशक्त माध्यम है।

ब्रह्म बटुकों का सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार: 20 अप्रैल

जन्मोत्सव की श्रृंखला में 20 अप्रैल 2026 को क्षेत्र के ब्राह्मण बटुकों के लिए सामूहिक यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कार का आयोजन किया जाएगा। यह संस्कार सनातन परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यह बालकों को धर्म, ज्ञान और संस्कारों की दिशा में अग्रसर करता है।

इस अवसर पर बटुकों को पवित्र धागा (जनेऊ) धारण कराया जाएगा और उन्हें धार्मिक शिक्षाओं के साथ जीवन में धर्म और अनुशासन का महत्व समझाया जाएगा। संस्कार में बटुकों के माता-पिता, गुरुजन और समाज के गणमान्य सदस्य उपस्थित रहेंगे।

सर्व ब्राह्मण महासभा ने सभी परिवारों से अनुरोध किया है कि वे अपने बालकों का नाम 10 अप्रैल 2026 तक पंजीकृत कराएं ताकि वे इस पुण्य अवसर का लाभ उठा सकें।

धार्मिक और आध्यात्मिक संदेश

भगवान परशुराम के जन्मोत्सव के आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना बढ़ाना और युवाओं में आध्यात्मिक मूल्यों का प्रचार करना है। योग शिविर और जनेऊ संस्कार के माध्यम से यह संदेश दिया जाता है कि जीवन में शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

डॉ. अनिल दुबे ने बताया कि योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक स्थिरता और ध्यान की क्षमता भी बढ़ती है। साथ ही, ब्रह्म बटुकों का संस्कार उन्हें धर्म, ज्ञान और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक बनाता है।

सर्व ब्राह्मण महासभा द्वारा आयोजित ये कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों को जोड़ने और धार्मिक संस्कारों के महत्व को जीवित रखने का एक सशक्त प्रयास हैं।

संपर्क जानकारी

इस कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी हेतु डॉ. अनिल दुबे (मो. 9425458873) और श्री राजेश तिवारी (मो. 9630222600) से संपर्क किया जा सकता है। कार्यक्रम की मीडिया और प्रशासनिक जानकारी निलेश मेहता द्वारा प्रदान की गई है।

इस प्रकार, Nagda नगर में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव का यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्सव है, बल्कि समाज में योग, ध्यान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाने वाला एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। भक्तजन इस महापर्व में भाग लेकर भगवान परशुराम के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरणा प्राप्त करेंगे और धर्म, ज्ञान और शौर्य के मार्ग पर अपने जीवन को उन्नत करेंगे।

 

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp