प्रेस नोट
Indore , मार्च 2026 – इंदौर सहकारी दुग्ध संघ ने दुग्ध प्रदायक सदस्यों के लिए स्वच्छ दुग्ध उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम भारत सरकार द्वारा संचालित National Programme for Dairy Development (NPDD) के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों और दुग्ध उत्पादकों को उच्च गुणवत्ता वाले दूध के उत्पादन के लिए प्रशिक्षित करना और उन्हें आधुनिक दुग्ध उत्पादन तकनीकों से परिचित कराना था।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी बलबीर शर्मा जी के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 190 किसान और दुग्ध प्रदायक सदस्य उपस्थित हुए। कार्यक्रम का आयोजन पेटलावद शीतकेन्द्र के अंतर्गत आने वाली दुग्ध समितियों के सदस्यों के लिए किया गया। इस अवसर पर किसानों को दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, और आय वृद्धि के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की मुख्य रूपरेखा:
- प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण और कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करने से हुई।
- किसानों को बताया गया कि दुग्ध समितियों से जुड़ने के लाभ क्या हैं और किस प्रकार सदस्यता से उनके व्यवसाय और आय में वृद्धि हो सकती है।
- स्वच्छ दूध उत्पादन की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें किसानों को दूध दुहने से लेकर संग्रहण तक के सभी चरणों में स्वच्छता बनाए रखने की तकनीक बताई गई।
- कार्यक्रम में पशुओं के रखरखाव और पोषण पर भी विस्तार से चर्चा हुई। किसानों को बताया गया कि स्वस्थ पशु ही अधिक और गुणवत्तापूर्ण दूध दे सकते हैं।
पशुओं के आहार और स्वास्थ्य पर प्रशिक्षण:
- किसानों को सुदाना आहार और मिनरल मिक्चर के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
- पशुओं के लिए सही पोषण सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सामग्री का संतुलित प्रयोग और इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताया गया।
- दुग्ध प्रदायक सदस्यों को प्रशिक्षण में यह भी समझाया गया कि किस प्रकार उनके पशु की देखभाल उनके दूध उत्पादन क्षमता और आर्थिक लाभ को सीधे प्रभावित करती है।
समिति संचालन और कल्याणकारी योजनाएँ:
- प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि समिति संचालन में दुग्ध उत्पादकों की भूमिका क्या होनी चाहिए और किस प्रकार उनकी सक्रिय भागीदारी से समितियों का संचालन बेहतर बन सकता है।
- किसानों को दुग्ध संघ द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इसमें वित्तीय सहायता, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, प्रशिक्षण कार्यक्रम और पशुपालन के लिए तकनीकी सहायता शामिल थी।

किसानों के लिए लाभ:
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान किसानों ने यह सीखा कि उच्च गुणवत्ता वाले दूध का उत्पादन कैसे किया जा सकता है, जिससे उनका आर्थिक लाभ बढ़े। स्वच्छ दूध उत्पादन के माध्यम से किसानों को न केवल बेहतर कीमत मिलती है, बल्कि उपभोक्ताओं के बीच उनके उत्पाद की विश्वसनीयता और मांग भी बढ़ती है।
सत्रों का विवरण:
- कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों ने किसानों को दूध उत्पादन की तकनीक, पशुपालन और पोषण के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी।
- प्रशिक्षकों ने किसानों को दुग्ध उत्पादन में स्वच्छता बनाए रखने, उपकरणों के स्वच्छ उपयोग और दूध के भंडारण के तरीकों के बारे में व्यावहारिक उदाहरण दिए।
- किसानों ने प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय भागीदारी की, प्रश्न पूछे और अपने अनुभव साझा किए।
किसानों की प्रतिक्रिया:
- प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किसानों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से उन्हें अपने व्यवसाय को आधुनिक तकनीकों के साथ सुधारने का मौका मिला।
- उन्होंने बताया कि वे अब दूध उत्पादन में स्वच्छता और गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देंगे।
- किसानों ने यह भी कहा कि उन्हें पशुपालन और पोषण संबंधी तकनीकों से जुड़ी जानकारी प्राप्त होने से उनकी पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति और दूध की उत्पादकता में सुधार होगा।
भविष्य की योजनाएँ:
इंदौर दुग्ध संघ आगामी समय में इस तरह के और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसान और दुग्ध प्रदायक सदस्य स्वच्छ दूध उत्पादन और आधुनिक तकनीकों से लाभान्वित हो सकें। इसके तहत आगामी कार्यक्रमों में प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन, कृषि उपकरणों का परिचय, और आय बढ़ाने की तकनीकों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
निष्कर्ष:
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों और दुग्ध उत्पादकों के लिए अत्यंत लाभकारी और ज्ञानवर्धक रहा। इससे किसानों की आय में सुधार होगा, उनके पशुपालन की गुणवत्ता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाला दूध उपलब्ध होगा। इंदौर दुग्ध संघ की यह पहल NPDD योजना के उद्देश्यों को पूरा करने और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस प्रकार, इंदौर दुग्ध संघ ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से किसानों और दुग्ध प्रदायक सदस्यों को न केवल आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया, बल्कि उन्हें अपने व्यवसाय और समुदाय के कल्याण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम दुग्ध उत्पादकों के लिए सकारात्मक बदलाव और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
