नवकारसी का पुण्य अवसर: कांठेड़ परिवार बना लाभार्थी, जैन समाज में उत्साह की लहर
Nagda । जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक अत्यंत पवित्र और पुण्यपूर्ण अवसर आने वाला है। भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव का आयोजन इस वर्ष भी बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ किया जाएगा। यह महोत्सव पांच दिवसीय होगा, जिसमें पूरे नगर के जैन समाज के लोग एकत्रित होकर धर्म, भक्ति और सामाजिक एकता का संदेश फैलाएंगे।
इस महोत्सव का महत्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में भाईचारे, समरसता और सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने का भी प्रतीक है। महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिनमें सभी आयु वर्ग के लोग भाग लेकर महावीर सिद्धांतों का अनुभव करते हैं।
नवकारसी का आयोजन 31 मार्च को
इस महोत्सव में 31 मार्च 2026 को श्री पार्श्व प्रधान पौषधशाला में नवकारसी का विशेष आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष कांठेड़ परिवार – अजीत–सुनीता, सिद्धार्थ–महिमा एवं श्रव्या कांठेड़ – इस अवसर के लाभार्थी बने हैं। परिवार द्वारा श्रद्धा और भक्ति के साथ इस आयोजन की तैयारियाँ चल रही हैं।
नवकारसी का आयोजन जैन समाज में अत्यंत महत्व रखता है। इसे आस्था का प्रतीक माना जाता है, और इसे मनाने से परिवार और समाज दोनों पर धार्मिक पुण्य की छाया पड़ती है। इस अवसर पर समाज के लोग अपने दैनिक जीवन की व्यस्तताओं से समय निकालकर भाग लेते हैं और भगवान महावीर के सिद्धांतों का पालन करने का संकल्प लेते हैं।
धर्म, भक्ति और एकता का अद्भुत संगम
पांच दिवसीय महोत्सव केवल उत्सव या आयोजन नहीं है, बल्कि यह धर्म, भक्ति और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। महोत्सव के प्रत्येक दिन में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जिनमें सभी समाजजन अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।
भगवान महावीर के सिद्धांत – अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और संयम – इस महोत्सव के माध्यम से समाज में लोगों के जीवन में समाहित किए जाते हैं। इस अवसर पर जैन समाज का प्रत्येक सदस्य यह सुनिश्चित करता है कि उनके घर और समाज में धार्मिक शिक्षाएँ और नैतिक मूल्यों का पालन हो।
पहले दिन: णमोकार मंत्र जप एवं आराधना
महोत्सव का शुभारंभ 27 मार्च को रात 8 बजे से 9 बजे तक श्री महावीर भवन में वृहत णमोकार महामंत्र जप आराधना के साथ किया जाएगा। इस दिन के लाभार्थी हैं भूमित–खुशबू रांका।
णमोकार मंत्र जप के दौरान भक्तजन अपने मन, वचन और कर्म से भगवान महावीर की स्तुति करते हैं। यह मंत्र जप मानसिक शांति, आध्यात्मिक ऊर्जा और समाज में सकारात्मकता का संचार करता है। इससे भक्तों को जीवन में नैतिकता और संयम का पालन करने की प्रेरणा मिलती है।
दूसरे दिन: धार्मिक प्रश्नोत्तरी
28 मार्च को रात 8 बजे राजेन्द्र स्कूल (दिगम्बर मंदिर के सामने) में धार्मिक प्रश्नोत्तरी आयोजित की जाएगी। इस दिन के लाभार्थी डॉ. अमित–नेहा नवलखा हैं।
धार्मिक प्रश्नोत्तरी का उद्देश्य बच्चों और युवा पीढ़ी को जैन धर्म के इतिहास, सिद्धांतों और भगवान महावीर के जीवन के बारे में जागरूक करना है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से युवा पीढ़ी न केवल ज्ञान प्राप्त करती है, बल्कि प्रतियोगिता के दौरान टीम वर्क और अनुशासन भी सीखती है।
तीसरे दिन: बाल चल समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम
29 मार्च को शाम 6:30 बजे श्री महावीर भवन से पार्श्व प्रधान पौषधशाला तक बाल चल समारोह निकाला जाएगा। इस दिन के लाभार्थी हैं सुरेन्द्र–अंजना संचेती।
इस समारोह में बच्चों की सहभागिता प्रमुख होती है। इसके अतिरिक्त, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता (लाभार्थी: राजेश–कल्पना धाकड़) और पपेट शो का आयोजन पार्श्व प्रधान पौषधशाला स्थित बेबीशाला प्ले स्कूल में शाम 7:30 बजे किया जाएगा।
बाल चल समारोह और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता बच्चों में कला, आत्मविश्वास और रचनात्मकता को बढ़ावा देते हैं। साथ ही, यह कार्यक्रम समाज में बच्चों और परिवारों के बीच आपसी सामंजस्य और सहयोग को मजबूत करता है।
प्रभात फेरी एवं जीव दया कार्यक्रम
प्रातः 6 बजे दिगम्बर जैन मंदिर से प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसका उद्देश्य समाज में अहिंसा और जीव दया के संदेश को फैलाना है। संयोजक इस फेरी के लिए श्री दिगम्बर जैन समाज हैं।
इसके बाद 8:45 बजे गोपाल गौशाला में मुक पशुओं के लिए स्वामी वात्सल्य और 11:30 बजे अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र में दरिद्र नारायणों के लिए स्वामी वात्सल्य का आयोजन किया जाएगा। इसके लाभार्थी उमेश–सुनीता दलाल हैं।
यह कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों को जोड़ता है और यह संदेश देता है कि धार्मिक आस्था केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में सभी प्राणियों के प्रति करुणा और सेवा भाव का विकास करना है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभा की झलक
रात्रि 8 से 10 बजे दादावाड़ी में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागी भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान नृत्य, गायन, नाट्य और पपेट शो जैसे कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
पुरस्कार लाभार्थी इस प्रकार हैं:
- मनोहरलाल–रवि कांठेड़
- पंकज–पुष्पा जैन
कार्यक्रम के लाभार्थी हैं:
- राजेन्द्र–रसीला कांठेड़
- राजेन्द्र–विजया लुणावत
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में कला और संस्कृति को बढ़ावा देना है। इसके माध्यम से युवा पीढ़ी अपने कौशल का प्रदर्शन करती है और समाज में सांस्कृतिक समरसता का संदेश फैलता है।
31 मार्च: भव्य चल समारोह
31 मार्च को प्रातः 9 बजे श्री पार्श्व प्रधान पौषधशाला से भव्य चल समारोह निकाला जाएगा। यह समारोह सुभाष मार्ग, एम.जी. रोड, जवाहर मार्ग, महावीर भवन और रामसहाय मार्ग होते हुए पुनः पौषधशाला पहुंचेगा।
इस भव्य चल समारोह का आयोजन श्री श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ द्वारा किया जा रहा है। इसमें जैन समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल होंगे और यह नगर में धार्मिक और सामाजिक ऊर्जा का संचार करेगा।
महोत्सव संयोजक और समाजिक सहभागिता
महोत्सव के संयोजक हैं:
- शरद जैन
- संजय मुरडिया
- निलेश चौधरी
- दिलीप गांधी
- शुभम सखलेचा
- सचिन सकलेचा (हाउसिंग बोर्ड)
सकल जैन श्रीसंघ एवं जैन सोशल ग्रुप ने समस्त समाजजनों से अपील की है कि वे प्रत्येक कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लेकर महोत्सव को सफल बनाएं और जैन एकता का संदेश फैलाएं।
सभी लोग अपने समय और संसाधनों का योगदान देकर इस महोत्सव को समाज में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक जागरूकता का केंद्र बना सकते हैं। यह महोत्सव न केवल भगवान महावीर की शिक्षाओं का प्रचार करता है, बल्कि समाज में भाईचारे, सेवा और करुणा की भावना भी विकसित करता है।
