लश्कर आतंकी शब्बीर अहमद लोन गिरफ्तार: ISI के इशारे पर भारत में सक्रिय किया जा रहा था मॉड्यूल
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने एक बड़ी कार्रवाई में आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सक्रिय सदस्य शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें शब्बीर अहमद लोन द्वारा भारत में आतंक फैलाने की योजना का पता चला। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि शब्बीर अहमद लोन आईएसआई के इशारे पर भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था और बांग्लादेश में बैठकर अपने मॉड्यूल का संचालन कर रहा था।
गिरफ्तारी और शुरुआती जांच
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रविवार की रात गाजीपुर क्षेत्र में शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया। सूत्रों के अनुसार, लोन के पास से 5000 पाकिस्तानी रुपये, 2300 बांग्लादेशी रुपये और 1400 नेपाली रुपये बरामद किए गए हैं। पूछताछ में पता चला कि लोन पाकिस्तान में आतंकवाद की ट्रेनिंग प्राप्त कर चुका था और 2015 से बांग्लादेश में रहकर आतंकवादी नेटवर्क खड़ा कर रहा था।
इस गिरफ्तारी से पहले फरवरी 2026 में दिल्ली पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। उस मॉड्यूल के आठ सदस्य गिरफ्तार किए गए थे, जिनमें सात बांग्लादेशी और एक भारतीय नागरिक शामिल थे। उन्होंने दिल्ली और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भारत विरोधी पोस्टर लगाकर माहौल खराब करने की कोशिश की थी। शब्बीर अहमद लोन को यह मॉड्यूल बांग्लादेश से हैंडल कर रहा था।
ISI का मार्गदर्शन और मॉड्यूल का उद्देश्य
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शब्बीर अहमद लोन पाकिस्तान स्थित आईएसआई (ISI) के निर्देश पर काम कर रहा था। उसका लक्ष्य लश्कर-ए-तैयबा के नए मॉड्यूल के माध्यम से भारत में आतंक फैलाना था। यह मॉड्यूल विशेष रूप से बड़े शहरों में फैलाए जाने वाले दहशत और भय पर केंद्रित था। दिल्ली पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि लोन ने भारत विरोधी पोस्टर और अन्य साजिशों के लिए अपने नेटवर्क का निर्माण किया था।
इस मॉड्यूल में शामिल सदस्य कई बार दिल्ली के कश्मीरी गेट बस अड्डा और मेट्रो स्टेशन पर भारत विरोधी पोस्टर चिपकाने का काम कर चुके थे। इन पोस्टरों में भारत के खिलाफ भड़काऊ संदेश और झूठी सूचनाओं का प्रचार किया गया था। शब्बीर अहमद लोन की गतिविधियों का मकसद जनता में डर और अस्थिरता पैदा करना था।
आतंकी की पृष्ठभूमि
शब्बीर अहमद लोन पहले भी आतंकवाद के मामलों में शामिल रह चुका है। साल 2007 में वह AK-47 के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, उसने पाकिस्तान और बांग्लादेश में आतंकवाद की ट्रेनिंग प्राप्त की। बांग्लादेश में रहते हुए उसने स्थानीय लोगों और साथियों के माध्यम से आतंकवादी सिंडिकेट बनाया, जिसका उद्देश्य भारत में हिंसा और दहशत फैलाना था।
विशेष रूप से, शब्बीर लोन ने अपने मॉड्यूल के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता बांग्लादेश और नेपाल से जुटाई। यही वजह है कि उसके पास विभिन्न देशों की मुद्रा बरामद हुई – पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल की। इन पैसों का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों और नेटवर्क के संचालन में किया जाना था।
स्पेशल सेल और सुरक्षा बलों की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और अन्य सुरक्षा बलों ने लंबे समय से इस मामले की गहन निगरानी की थी। गुप्त सूचना मिलने के बाद उन्हें एक ठोस सुराग मिला और शब्बीर लोन को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। गिरफ्तारी के बाद उसके नेटवर्क और साथियों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरफ्तारी लश्कर-ए-तैयबा और आईएसआई की भारत में सक्रिय गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता है। इससे पहले फरवरी में पकड़े गए मॉड्यूल के आठ सदस्य भी आतंकवाद की साजिशों में शामिल थे। इस बार शब्बीर लोन को पकड़ना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
भारत में आतंकी गतिविधियों का खतरा
शब्बीर अहमद लोन के गिरोह ने केवल पोस्टर ही नहीं लगाए थे, बल्कि उनकी योजना शहरों में भय और अस्थिरता फैलाने की थी। दिल्ली-एनसीआर और कोलकाता जैसे बड़े शहरों को प्राथमिक लक्ष्य बनाया गया था। पोस्टरों और अन्य भड़काऊ गतिविधियों के माध्यम से आम नागरिकों में डर और तनाव फैलाना इस मॉड्यूल की मुख्य रणनीति थी।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, इस गिरफ्तारी से अन्य मॉड्यूल और नेटवर्क की गतिविधियों पर भी अंकुश लगेगा। लोन की जानकारी और उसके नेटवर्क का खुलासा होने पर कई और सक्रिय आतंकी नेटवर्क भी प्रभावित होंगे।
बरामद सामग्री और साक्ष्य
शब्बीर लोन के पास से बरामद की गई विदेशी मुद्राओं के अलावा उसके पास कई दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी पाए गए हैं। इन दस्तावेजों और उपकरणों की जांच से पता चला कि वह पाकिस्तान और बांग्लादेश से पैसे, सूचना और दिशा-निर्देश प्राप्त कर रहा था। इसके अलावा, डिजिटल उपकरणों में भारत में आतंकी गतिविधियों की योजना और संपर्कों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
सुरक्षा बलों का कहना है कि यह बरामद सामग्री आतंकवाद विरोधी जांच में महत्वपूर्ण सबूत साबित होगी और अन्य संभावित आतंकवादी साजिशों को रोकने में मदद करेगी।
विशेषज्ञों की राय
सुरक्षा और आतंकवाद विशेषज्ञों का कहना है कि शब्बीर लोन की गिरफ्तारी भारत के लिए एक बड़ी सफलता है। विशेषज्ञों के अनुसार, आईएसआई की सक्रिय भूमिका के चलते भारत में आतंक फैलाने के लिए कई मॉड्यूल बनाए गए हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और तत्परता ही इस खतरे को कम कर सकती है।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि बांग्लादेश और नेपाल से संचालित नेटवर्क को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण है। ऐसे मॉड्यूल को भंग करने और उनके नेताओं को गिरफ्तार करने से ही जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद शब्बीर लोन से पूछताछ की जा रही है। इसके माध्यम से उसकी योजनाओं, नेटवर्क और अन्य साथियों की पहचान की जाएगी। इसके अलावा, सुरक्षा बल यह पता लगाएंगे कि वह भारत में कौन-कौन से स्थानों और लोगों को निशाना बनाना चाहता था।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच में कई और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ सतर्कता और तेज कार्रवाई का उदाहरण है।
निष्कर्ष
शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि भारत में सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद के खतरों के प्रति सतर्क हैं। आईएसआई और लश्कर-ए-तैयबा जैसी संगठन की भारत में गतिविधियों को विफल बनाने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। यह गिरफ्तारी न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि जनता को भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने में भी मदद करेगी।
सुरक्षा बलों और पुलिस की सतर्कता से यह संदेश भी जाता है कि आतंकवादियों को भारत में कोई जगह नहीं दी जाएगी। आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए हर कदम उठाया जाएगा।
