भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की प्रथम कौशल विकास कार्यशाला ऑनलाइन सफलतापूर्वक संपन्न
राजगढ़ (धार), मध्यप्रदेश – भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट (IHRCT) ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 पर आधारित अपनी प्रथम कौशल विकास कार्यशाला का सफल आयोजन किया। यह कार्यशाला 28 मार्च 2026, शनिवार रात्रि 8:00 बजे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से सम्पन्न हुई। इसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से ट्रस्ट के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यशाला का उद्देश्य ट्रस्ट के सदस्यों और पदाधिकारियों को उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें कानूनी रूप से सशक्त बनाना था।
कार्यशाला का आयोजन और संचालन
कार्यशाला का आयोजन प्रदेश समन्वयक श्री महेश कुमार वर्मा के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता राष्ट्रीय संयोजक डॉ. प्रेम कुमार वैद्य ने की।
कार्यशाला का संचालन श्री योगेन्द्र तिवारी (जिला अध्यक्ष, धार) द्वारा किया गया, जिन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्हें कार्यक्रम के महत्व से अवगत कराया।
मुख्य वक्ता और विषयवस्तु
कार्यशाला के मुख्य वक्ता अधिवक्ता श्री प्रवीण कुमार शर्मा (विधि प्रभारी, इंदौर संभाग) रहे। उन्होंने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
मुख्य विषयों में शामिल थे:
- उपभोक्ताओं के छह मूल अधिकार: सुरक्षा, सूचना, चयन, सुनवाई, निवारण और शिक्षा
- उपभोक्ता शोषण और भ्रामक विज्ञापन
- शिकायत निवारण प्रक्रिया और कानूनी उपाय
- केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) द्वारा भ्रामक विज्ञापनों पर कार्रवाई के प्रावधान
प्रतिभागियों ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से अधिनियम के कार्यान्वयन और शिकायत निवारण प्रक्रियाओं का ज्ञान प्राप्त किया।

प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछे और समाधान साझा किए, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव और कानूनी ज्ञान प्राप्त हुआ। इस प्रक्रिया से उनके कार्यक्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना में वृद्धि हुई।
कार्यशाला ने यह भी दर्शाया कि मानव अधिकारों और उपभोक्ता संरक्षण के प्रति संगठन के सदस्य गहराई से प्रतिबद्ध हैं।
ट्रस्ट की भूमिका और सामाजिक योगदान
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट, जो मानव अधिकार अधिनियम 1993 के अनुरूप कार्य कर रहा है, समाज में विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में सक्रिय है:
- महिला और बाल संरक्षण
- दहेज निषेध और सामाजिक जागरूकता
- उपभोक्ता अधिकार और कानूनी जागरूकता
यह कार्यशाला ट्रस्ट की प्रशिक्षण श्रृंखला का प्रथम चरण है। भविष्य में ट्रस्ट द्वारा विभिन्न कानूनों, मानवाधिकार, सामाजिक जागरूकता और शिक्षा से जुड़े विषयों पर नियमित प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री सुनील सिंह यादव ने कहा:
“आज के समय में उपभोक्ता जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। हमारा प्रयास है कि ट्रस्ट का प्रत्येक सदस्य कानून की जानकारी रखे और समाज में लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करे। यह कार्यशाला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और आगे भी इस प्रकार के प्रशिक्षण निरंतर आयोजित किए जाएंगे।”
उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि वे अपने समाज और समुदाय में जागरूकता फैलाने का काम निरंतर करें।

संयुक्त संदेश और कार्यशाला की उपयोगिता
संगठन के शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता और जीवनलाल जैन (चाय वाले) ने अपने संयुक्त संदेश में कहा:
“भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह कौशल विकास कार्यशाला अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक रही। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से संगठन के सदस्यों की कार्यक्षमता बढ़ती है तथा समाज में जागरूकता का प्रसार होता है। हम सभी मिलकर मानव अधिकारों की रक्षा एवं जनसेवा के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएंगे।”
इस संदेश ने प्रतिभागियों में समर्पण, जिम्मेदारी और सक्रिय नागरिकता की भावना को और मजबूत किया।
कार्यशाला के लाभ और प्रभाव
- कानूनी जागरूकता – प्रतिभागियों ने उपभोक्ता अधिकारों और अधिनियम की प्रक्रियाओं को समझा।
- व्यावहारिक अनुभव – भ्रामक विज्ञापन और शिकायत निवारण के उदाहरणों से सीख प्राप्त की।
- सामाजिक जिम्मेदारी – सदस्य समाज में जागरूकता फैलाने और उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए प्रेरित हुए।
- नेटवर्किंग – मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी और सदस्य एक मंच पर जुड़े।
- आगे की प्रशिक्षण श्रृंखला – भविष्य में अन्य कानूनी और सामाजिक विषयों पर कार्यशालाओं का मार्ग प्रशस्त हुआ।
निष्कर्ष
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की यह प्रथम कौशल विकास कार्यशाला न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि सदस्यों की कार्यक्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध हुई।
इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम मानव अधिकारों, उपभोक्ता जागरूकता और समाज सेवा के प्रति संगठन के संकल्प को मजबूत करते हैं।
ट्रस्ट ने यह सुनिश्चित किया कि सदस्य व्यवहारिक ज्ञान और कानूनी समझ के साथ अपने समाज में जागरूकता फैलाएं, जिससे मानवाधिकारों और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा प्रभावी रूप से हो सके।
मीडिया प्रभारी ने जानकारी दी कि यह कार्यशाला ट्रस्ट की शिक्षा और प्रशिक्षण श्रृंखला का पहला चरण थी और भविष्य में इसी तरह के कई ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।
