कार्यक्रम का आयोजन और उद्देश्य
Nagda जनपद (निप्र) – महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम चन्देसरी में एफडीपी डेयरी ड्रीम प्रोजेक्ट का भव्य शुभारम्भ किया गया। यह परियोजना एचडीएफसी बैंक परिवर्तन पहल और बाएफ लाइवलीहुड्स के संयुक्त प्रयास से संचालित की जा रही है। कार्यक्रम में महिला डेयरी समूहों, सरकारी अधिकारियों, बैंक प्रतिनिधियों और परियोजना टीम के सदस्य उपस्थित थे।
शुभारम्भ का मुख्य आकर्षण दूध संग्रहण केंद्र और मिल्क एटीएम वाहन का फीता काटकर उद्घाटन था। इसके साथ ही परियोजना की उद्देश्यपूर्ण गतिविधियों, दूध संकलन प्रणाली, गुणवत्ता सुधार और बाजार संपर्क सुदृढ़ीकरण पर विस्तार से चर्चा की गई।
महिला प्रतिभागियों का स्वागत गीत
कार्यक्रम की शुरुआत महिला प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत प्रेरक गीत “दूध लाना ओ कान्हा मोटा मोटा लाना। पतला दूध जमे नहीं और गुरु बिन ज्ञान नहीं” से हुई। इस गीत ने परियोजना के उद्देश्य और संदेश को प्रभावी ढंग से उपस्थित समुदाय तक पहुँचाया और महिला सशक्तिकरण के महत्व को उजागर किया।
मुख्य अतिथियों का योगदान
सुश्री कमला कुंवर, अध्यक्ष जिला पंचायत उज्जैन, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रही। उन्होंने परियोजना को नवाचार और तकनीक से लैस बताते हुए इसे महिलाओं की आजीविका संवर्धन में एक परिवर्तनकारी पहल करार दिया।
डॉ. विरेंद्र बर्वे, संयुक्त संचालक, पशुपालन विभाग ने परियोजना को सरकारी योजनाओं जैसे क्षीरधारा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़कर और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
डॉ. के. सीरवानी, उप संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं ने महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया और डेयरी व्यवसाय में प्रशिक्षण और तकनीक के महत्व को बताया।
राघवेंद्र जोशी, शाखा प्रबंधक, एचडीएफसी बैंक ने बैंकिंग सेवाओं और वित्तीय सहयोग से महिलाओं को जोड़ने की जानकारी दी और परियोजना को वित्तीय रूप से समर्थ बनाने का आश्वासन दिया।

परियोजना की तकनीकी और नवाचार पहल
पवन पाटीदार, राज्य प्रमुख, बाएफ लाइवलीहुड्स मध्यप्रदेश ने बताया कि परियोजना में चयनित 30 ग्रामों में आधुनिक तकनीक और नवाचारों का समावेश किया गया है। इनमें शामिल हैं:
- आधुनिक दूध संकलन केंद्र
- सोलर बीएमसी
- हाइड्रोपोनिक्स चारा उत्पादन
- नवीन किस्म बीएनएच-11 नेपीयर नर्सरी
- केटल फीड इकाइयां
- चलित मिल्क एटीएम वाहन
इन नवाचारों के माध्यम से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और व्यवसायिक दक्षता सुनिश्चित की जाएगी।
महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता
डॉ. प्रीति पाण्डेय, प्रोफेसर, विक्रम विश्वविद्यालय ने महिलाओं को परिवार और समाज की वास्तविक शक्ति बताते हुए संगठित होकर आर्थिक आत्मनिर्भरता और उद्यमिता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं मिलकर काम करती हैं, तो उनके प्रयास समाज में स्थायी बदलाव ला सकते हैं।
कार्यक्रम के अन्य विशिष्ट अतिथियों ने महिला डेयरी समूहों के संगठित प्रयासों और उनके योगदान की सराहना की और आजीविका संवर्धन पर जोर दिया।
प्रतिभागियों की सहभागिता
कार्यक्रम में लगभग 325 महिला और पुरुष प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रमुख परियोजना टीम सदस्यों में शामिल थे:
- डॉ. के. जाटव (वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र)
- सुश्री प्रियंका शर्मा एवं सुश्री रेखा (समन्वयक, एनआरएलएम)
- डॉ. मुकेश वाणी (प्रोफेसर, विक्रम विश्वविद्यालय)
- रीजनल मैनेजर जे.एल. पाटीदार (बाएफ लाइवलीहुड्स)
- परियोजना टीम सदस्य: प्रभात कुशवाह, सुश्री आशना विश्वकर्मा, सुश्री शोभा लोधी, प्रदीप तिवारी
इसके अतिरिक्त डेयरी उत्पादक समूह की अध्यक्ष सुश्री ममता चौहान और सुश्री पीलू ने भी महिला समूहों के प्रयासों को साझा किया।

दूध संग्रहण केंद्र और मिल्क एटीएम का महत्व
दूध संग्रहण केंद्र ग्रामीण महिलाओं को दूध संग्रहण, गुणवत्ता सुधार और बाजार तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करेगा।
मिल्क एटीएम वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में दूध वितरण और बिक्री की प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सरल और लाभकारी बनाएगा।
परियोजना की भविष्य की योजनाएँ
परियोजना के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, वित्तीय सहयोग और उद्यमिता के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इससे महिलाएं अपने परिवार और समाज में आर्थिक योगदान के साथ निर्णय लेने में सक्षम बनेंगी।
सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
यह परियोजना केवल डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा नहीं देती, बल्कि ग्रामीण महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत करती है। महिला समूह संगठित होकर व्यवसायिक नवाचारों का उपयोग कर सकते हैं और अपने परिवार और समुदाय में स्थायी बदलाव ला सकते हैं।
समापन और प्रेरणा
दिनांक 26 मार्च 2026 को सम्पन्न इस भव्य आयोजन ने सभी उपस्थितों को महिला सशक्तिकरण, संगठन, तकनीक और उद्यमिता के महत्व का सजीव अनुभव कराया। यह स्पष्ट हो गया कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और तकनीकी नवाचार ग्रामीण आजीविका में स्थायी बदलाव ला सकते हैं।
इस प्रकार एफडीपी डेयरी ड्रीम प्रोजेक्ट ग्राम चन्देसरी में महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका संवर्धन और सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक प्रेरणास्पद और सफल पहल साबित हुआ।
रिपोर्ट: जीवनलाल जैन, नागदा
