Bharat के लिए खुला होर्मुज का मार्ग, देश में तेल-गैस आपूर्ति के पर्याप्त इंतजाम
पश्चिम एशिया में ईरान और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष के 27वें दिन Bharat के लिए राहत की बड़ी खबर सामने आई है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की कि Bharat सहित पांच मित्र देशों के जहाजों को रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकासी की छूट दी गई है। यह कदम भारत में तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर पैदा हुए संशय को कम करने में मदद करेगा।
Bharat सहित पांच देशों को मिली छूट
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने बताया कि विभिन्न देशों ने ईरान से संपर्क कर सुरक्षित मार्ग की मांग की थी। इसके बाद भारत, रूस, चीन, इराक और पाकिस्तान को विशेष अनुमति दी गई। अराघची ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल दुश्मन देशों के लिए बंद रहेगा, जबकि मित्र देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि युद्ध में दुश्मनों और उनके सहयोगियों के जहाजों को गुजरने देने का कोई कारण नहीं है, लेकिन मित्र देशों के जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जाएगा।
इस निर्णय से Bharat के लिए होर्मुज में अटके जहाजों का मार्ग साफ हो गया है। इसके कारण आने वाले दिनों में देश में तेल और गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होने की संभावना है। युद्ध के बीच भी होर्मुज से चार भारतीय जहाज तेल और गैस लेकर सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं, लेकिन अब खुली छूट मिलने से यह प्रक्रिया और तेज़ होगी।
देश में पर्याप्त तेल-गैस स्टॉक
केंद्रीय सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि देश में तेल और गैस की पर्याप्त मात्रा मौजूद है। भारत में 60 दिन का तेल और एक माह की एलपीजी आपूर्ति सुरक्षित रूप से उपलब्ध है। यह घोषणा आम जनता और उद्योगों के बीच फैल रही अफवाहों को रोकने में मदद करेगी।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि भारत ने अपने रणनीतिक भंडार में पर्याप्त तेल और गैस संग्रहित कर रखा है, जिससे अगर अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति में व्यवधान आता है, तो घरेलू जरूरतें पूरी की जा सकती हैं।
पीएम मोदी की बैठक: आपूर्ति और सुरक्षा पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार शाम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा होगी:
- पश्चिम एशिया में बदलते हालात
- होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल-गैस आपूर्ति पर असर
- आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा सुरक्षा
- विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
- अफवाहें रोकने और कालाबाजारी तथा जमाखोरी पर उठाए गए कदम
हालांकि, वर्तमान में चुनाव वाले राज्यों के मुख्यमंत्री आचार संहिता के कारण बैठक में शामिल नहीं होंगे। इनके मुख्य सचिव बैठक में भाग लेंगे।
रणनीतिक महत्व और ऊर्जा सुरक्षा
होर्मुज जलडमरूमध्य भारत के ऊर्जा सुरक्षा नेटवर्क का अहम हिस्सा है। इस मार्ग से अधिकांश ईरानी तेल भारत पहुंचता है और अगर यह मार्ग अवरुद्ध होता, तो देश को वैश्विक बाजार से तेल की आपूर्ति में गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ता।
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान का यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी प्रभावित करेगा। होर्मुज दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में से एक है, जिससे रोजाना करोड़ों बैरल तेल गुजरता है। भारत को इस मार्ग की छूट मिलने से घरेलू आपूर्ति स्थिर होगी और तेल और गैस की कीमतों में अस्थिरता कम होगी।
उद्योग और घरेलू उपयोग पर असर
Bharat के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए ऊर्जा की स्थिर आपूर्ति अनिवार्य है। होर्मुज मार्ग खुलने से निम्नलिखित क्षेत्रों में स्थिरता आएगी:
- बिजली उत्पादन
- औद्योगिक उत्पादन क्षमता
- परिवहन और लॉजिस्टिक्स
- घरेलू ऊर्जा जरूरतें
- एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता
अधिकारियों के अनुसार, भारत में एलपीजी और गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यह देश के घरेलू और औद्योगिक ऊर्जा जरूरतों को अगले 30 दिनों तक सुनिश्चित करेगा।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य
पश्चिम एशिया में युद्ध और क्षेत्रीय तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता पैदा की थी। ईरान-इज़राइल संघर्ष और अमेरिका की नीतियों ने तेल और गैस की आपूर्ति को प्रभावित किया। ऐसे समय में भारत सहित मित्र देशों के जहाजों को सुरक्षित मार्ग की अनुमति मिलने से आपूर्ति श्रृंखला को सामान्य बनाए रखने में मदद मिलेगी।
